12 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन पर रोक, गृह मंत्रालय ने रामलीला-बुराड़ी-सीबी मैदान को नई जगह तय किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन पर रोक, गृह मंत्रालय ने रामलीला-बुराड़ी-सीबी मैदान को नई जगह तय किया

सारांश

दशकों से विरोध की प्रतीक रही जंतर-मंतर को अब आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिश पर रामलीला मैदान, बुराड़ी और सीबी मैदान नई जगहें तय हुई हैं — जो राजधानी के केंद्र में बार-बार होने वाले प्रदर्शनों और जनता को होने वाली परेशानी के बाद लिया गया बड़ा प्रशासनिक निर्णय है।

मुख्य बातें

गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध-प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया।
नए निर्धारित स्थल: रामलीला मैदान , बुराड़ी मैदान और सीबी मैदान (पूर्वी दिल्ली) ।
यह निर्णय 28 अप्रैल 2022 के स्टैंडिंग ऑर्डर में आंशिक संशोधन है।
हाल के प्रदर्शन के दौरान करीब 45 मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े थे, जिससे जनता परेशान हुई थी।
तीनों नए स्थलों के लिए विस्तृत एसओपी अलग से जारी की जाएगी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 30 स्थानों पर यातायात बाधाओं की चेतावनी दी है।

गृह मंत्रालय ने 12 अक्टूबर 2026 को एक बड़े फैसले में जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध-प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया और रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान तथा सीबी मैदान (पूर्वी दिल्ली) को तीन नए निर्धारित स्थलों के रूप में अधिसूचित किया। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में संशोधित दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जो 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर में आंशिक बदलाव के रूप में लागू होंगे।

मुख्य घटनाक्रम

दिल्ली पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने हेतु एक समिति गठित की थी। उस समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को इस सूची से बाहर किया गया है और तीन वैकल्पिक मैदान तय किए गए हैं। तीनों नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत एवं संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी।

फैसले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर वर्षों से लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन होते रहे हैं। हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यहाँ प्रदर्शन का प्रयास किया था। पुलिस और प्रशासन ने उस प्रदर्शन को रोकने के लिए कदम उठाए थे और सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके, सौरव दास तथा आशुतोष रांका को दिल्ली पहुँचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया था।

उस प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली सरकार को करीब 45 मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े थे और कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थीं, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा था।

आम जनता और यातायात पर असर

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में संभावित यातायात बाधाओं को लेकर यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की। एडवाइजरी के अनुसार विपक्ष के प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान 30 स्थानों पर पाबंदियाँ या रूट बदलाव किए जा सकते हैं।

प्रभावित होने वाले प्रमुख मार्गों में धौला कुआँ फ्लाईओवर, झंडेवालान, पटेल चौक, पंचकुइयाँ, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, लोधी रोड फ्लाईओवर, भीकाजी कामा प्लेस और मोती बाग फ्लाईओवर शामिल हैं। इसके अलावा जंतर-मंतर रोड, अशोक रोड, संसद मार्ग और टॉल्स्टॉय मार्ग पर भी देरी की संभावना जताई गई है।

क्या होगा आगे

तीनों नए प्रदर्शन स्थलों — रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबी मैदान — के लिए संशोधित एसओपी जल्द जारी होने की उम्मीद है। यह कदम न केवल राजधानी के केंद्रीय इलाकों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की दिशा में उठाया गया है, बल्कि यह भी तय करने की कोशिश है कि नागरिकों का प्रदर्शन का अधिकार बना रहे — बशर्ते वह तय स्थानों पर ही हो। नागरिक अधिकार समूहों और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस नीति की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ किसानों से लेकर पहलवानों तक ने अपनी आवाज़ उठाई। रामलीला और बुराड़ी जैसे मैदान आकार में बड़े हो सकते हैं, लेकिन वे संसद भवन और केंद्रीय सत्ता के गलियारों से दूर हैं — जो प्रदर्शन की दृश्यता और उसके राजनीतिक दबाव को स्वाभाविक रूप से कम करता है। यह सवाल उठना ज़रूरी है कि क्या यह कदम नागरिक असुविधा की चिंता से प्रेरित है, या राजनीतिक असहजता से बचने की रणनीति — क्योंकि दोनों के परिणाम बिल्कुल अलग-अलग हैं।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन क्यों बंद किया गया?
गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया गया है। बार-बार होने वाले प्रदर्शनों के कारण मेट्रो बंद करने और यातायात बाधित होने से आम जनता को काफी परेशानी होती थी, जिसे इस फैसले का प्रमुख कारण बताया गया है।
जंतर-मंतर की जगह अब कहाँ प्रदर्शन हो सकेंगे?
गृह मंत्रालय ने तीन नए स्थान तय किए हैं — रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबी मैदान (पूर्वी दिल्ली)। इन स्थानों के लिए विस्तृत एसओपी अलग से जारी की जाएगी।
दिल्ली पुलिस का नया स्टैंडिंग ऑर्डर कब से लागू है?
यह आदेश 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर में आंशिक संशोधन है और 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के साथ प्रभावी माना जा रहा है।
इस बदलाव से दिल्ली यातायात पर क्या असर पड़ेगा?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 30 स्थानों पर पाबंदियों या रूट बदलाव की चेतावनी दी है। धौला कुआँ, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और मंडी हाउस समेत कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना बताई गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर से क्या संबंध है?
हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का प्रयास किया था। पुलिस ने पार्टी प्रमुख अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुँचने से पहले ही हिरासत में ले लिया था और उस दौरान करीब 45 मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले