झारखंड पुलिस में दरोगा बताकर युवती से दुष्कर्म का आरोपी गया से गिरफ्तार, रांची लाया गया
सारांश
मुख्य बातें
रांची पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को बिहार के गया जिले से एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर खुद को झारखंड पुलिस का सब-इस्पेक्टर बताकर एक युवती को झाँसे में लेने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। रांची पुलिस और गया के मुफस्सिल थाना की संयुक्त टीम ने मानपुर इलाके में एक गुप्त ठिकाने पर छापेमारी करके आरोपी को दबोचा।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
आरोपी की पहचान अविनाश कुमार उर्फ राज शर्मा के रूप में हुई है, जो गया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित विष्णु विहार कॉलोनी का निवासी बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची ले आई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपना नाम बदलकर गया जिले में शरण ली हुई थी। तकनीकी अनुसंधान और सर्विलांस के जरिए रांची पुलिस ने उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया, जिसके बाद विशेष टीम गया रवाना हुई और स्थानीय पुलिस के सहयोग से मानपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर 15 मई 2026 को रांची महिला थाने में भारतीय न्याय संहिता और संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह मामला कांड संख्या 15/26 के तहत दर्ज है।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के जरिए उससे संपर्क साधा था और खुद को झारखंड पुलिस में सब-इस्पेक्टर (दरोगा) बताकर अपना परिचय दिया था। आरोप है कि वर्दी और पद का झूठा भय एवं प्रभाव दिखाकर उसने युवती का विश्वास हासिल किया और उसका यौन शोषण किया।
पीड़िता की हिम्मत और पुलिस की कार्रवाई
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, जब पीड़िता को आरोपी की असली पहचान का पता चला, तो उसने साहस जुटाकर रांची महिला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही रांची पुलिस और महिला थाना की विशेष टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।
गौरतलब है कि यह मामला उस बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें ठग सरकारी पद और वर्दी की आड़ में लोगों को, विशेषकर महिलाओं को, निशाना बनाते हैं। सोशल मीडिया के जरिए संपर्क और फर्जी पहचान का उपयोग इस तरह के अपराधों में आम होता जा रहा है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाए गए अविनाश कुमार को संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जाँच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। इस गिरफ्तारी से पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है।