रांची गैंगरेप: मांडर थाना क्षेत्र में युवती से सामूहिक दुष्कर्म, 8 गिरफ्तार — एक नाबालिग भी हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
रांची के मांडर थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में झारखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। 7 जून को सामने आए इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए छापेमारी अभियान जारी है।
घटना का क्रम
पुलिस के अनुसार, पीड़िता पिछले करीब दो वर्षों से एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। वह युवक लगभग डेढ़ माह पूर्व काम के सिलसिले में केरल चला गया था, जिसके बाद से युवती उसी के घर में रह रही थी।
पीड़िता के बयान के मुताबिक, शुक्रवार शाम कुछ युवक उसे जबरन अपने साथ ले गए और एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उसका आरोप है कि उसे पूरी रात बंधक बनाकर रखा गया और शनिवार सुबह छोड़ा गया। इसके बाद वह अपने घर पहुँची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
पुलिस की कार्रवाई
खलारी के डीएसपी राम नारायण चौधरी ने रविवार को बताया कि शिकायत मिलते ही एक विशेष टीम गठित की गई। शनिवार देर रात से रविवार तक विभिन्न स्थानों पर चलाए गए छापेमारी अभियान में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पीड़िता के पिता की शिकायत पर मांडर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कुछ अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
केरल कनेक्शन की जाँच
जाँच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि केरल में रह रहा पीड़िता का लिव-इन पार्टनर भी जाँच के दायरे में है। पुलिस को आशंका है कि उसने कुछ स्थानीय युवकों को वारदात के लिए उकसाया हो सकता है। हालाँकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अभी जाँच जारी है और यह आशंका अभी तक सिद्ध नहीं हुई है।
डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण
पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी प्रमाणों का विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि तकनीकी साक्ष्य मामले में अन्य संदिग्धों की पहचान में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड में महिला सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जाती रही हैं। आने वाले दिनों में न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।