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क्या झारखंड में झमाझम बारिश से कोयलांचलों की मुश्किलें बढ़ गई हैं?

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क्या झारखंड में झमाझम बारिश से कोयलांचलों की मुश्किलें बढ़ गई हैं?

सारांश

झारखंड में झमाझम बारिश ने कोयला खदानों की स्थिति को गंभीर बना दिया है। पानी भरने से गैस का रिसाव हो रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत है। जानें कैसे बारिश ने खदानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और लोगों को होने वाली समस्याएं।

मुख्य बातें

बारिश के कारण खदानों में पानी भरना गैस रिसाव से स्थानीय लोगों में दहशत कोयला उत्पादन प्रभावित भू-धंसान का खतरा बढ़ा आग लगने की घटनाएं

रांची, 20 जून (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में हो रही झमाझम बारिश ने कोयला खदानों वाले क्षेत्रों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। इन क्षेत्रों में खदानों के नीचे पानी भरने के कारण गैस का रिसाव हो रहा है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। धनबाद जिले के झरिया, बाघमारा और कतरास, रांची के खलारी कोयलांचल में करकट्टा खदान, रामगढ़ जिले के रजरप्पा में भुचुंगडीह और बोकारो जिले के ढोरी क्षेत्र की एक खदान से गैस और धुएं का गुबार निकल रहा है।

भू-धंसान के खतरों को लेकर क्षेत्रवासियों में दहशत है। धनबाद के झरिया इलाके में बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लि.) की एरिया-नाइन और सिजुआ क्षेत्र की कनकनी कोलियरी में कई स्थानों पर जमीन की दरारों से धुआं निकल रहा है। बीसीसीएल की सभी 12 एरिया की ओपनकास्ट और अंडरग्राउंड खदानों में बरसात का पानी भर गया है।

इस स्थिति के कारण कोयला उत्पादन को रोकना पड़ा है। खतरे की आशंका को देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने भूमिगत खदानों में कर्मियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। खदानों में खड़ी भारी मशीनें पानी में डूब गई हैं। बीसीसीएल प्रशासन ने पहले से ही हाई अलर्ट जारी किया था, लेकिन जल निकासी व्यवस्था कमजोर रहने के कारण खदानों में पानी भर गया।

बाघमारा, कतरास और आसपास की बस्तियों में भू धंसान और गैस रिसाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई लोगों के घरों में दरारें आ रही हैं। कई बस्तियों में लोग जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं, जबकि उन्हें वर्षों पहले खतरनाक घोषित किया जा चुका है। रांची के खलारी कोयलांचल अंतर्गत करकट्टा स्थित बंद कोयला खदान में दरारों से पानी घुसने के साथ तेज धुआं निकलने लगा है। इस इलाके में 15 से अधिक स्थानों पर गैस और धुआं निकल रहा है।

गैस रिसाव के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। रामगढ़ के रजरप्पा कोयला क्षेत्र में भुचुंगडीह गांव स्थित अवैध खदान में आग खतरनाक रूप ले सकती है। पिछले महीने यहां एक मजदूर रवींद्र महतो की गोफ (जमीन धंसने से बना गहरा गड्ढा) में समाकर मृत्यु हो गई थी। सीसीएल और प्रशासन की ओर से यहां आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बोकारो जिला अंतर्गत सीसीएल ढोरी एरिया के ढोरी खास 4, 5 नंबर भूमिगत खदान में पिछले दिन आग लग गई थी, जिसे बुझाने में प्रबंधन को कई दिनों तक मशक्कत करनी पड़ी थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

झारखंड के कोयला खदानों में हो रही समस्याएं न केवल स्थानीय निवासियों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। हमें इस संकट को गंभीरता से लेना होगा और उचित कदम उठाना चाहिए।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में बारिश के कारण खदानों में क्या समस्याएं आ रही हैं?
बारिश के कारण खदानों में पानी भरने से गैस का रिसाव हो रहा है, जिससे लोग दहशत में हैं।
क्या खदानों में उत्पादन बंद करना पड़ा है?
हां, खतरे की आशंका को देखते हुए कोयला उत्पादन को रोकना पड़ा है।
गैस रिसाव के कारण क्या दिक्कतें आ रही हैं?
गैस रिसाव के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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