19 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खूंटी पुलिस ने दिल्ली-जयपुर से बरामद कीं 4 नाबालिग, एक 11 साल से थी लापता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खूंटी पुलिस ने दिल्ली-जयपुर से बरामद कीं 4 नाबालिग, एक 11 साल से थी लापता

सारांश

खूंटी पुलिस ने दिल्ली और जयपुर से चार नाबालिग लड़कियों को बरामद किया — जिनमें एक 11 साल से लापता थी। तस्करों ने रोज़गार का झाँसा देकर उन्हें घरेलू काम पर लगाया था। मामला झारखंड के आदिवासी ज़िलों में तस्करी नेटवर्क की गहरी जड़ों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

खूंटी पुलिस ने 19 अक्टूबर 2026 को मानव तस्करी विरोधी अभियान में चार नाबालिग लड़कियों को बरामद किया।
तीन लड़कियाँ दिल्ली से और एक जयपुर से मिलीं; जयपुर वाली नाबालिग करीब 11 साल से परिवार से दूर थी।
कथित तस्करों ने बेहतर रोज़गार का झाँसा देकर लड़कियों को घरों से निकाला और प्लेसमेंट एजेंसियों के ज़रिए घरेलू काम में लगाया।
पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने कहा — मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई होगी।
चारों लड़कियों को बाल कल्याण समिति (CWC) की मदद से काउंसलिंग देकर परिजनों से मिलाया जाएगा।

खूंटी पुलिस ने मानव तस्करी विरोधी अभियान के तहत 19 अक्टूबर 2026 को दिल्ली और जयपुर से चार नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया, जिन्हें बेहतर रोज़गार का झाँसा देकर झारखंड के खूंटी जिले से अन्य राज्यों में ले जाया गया था। इनमें से तीन लड़कियाँ दिल्ली से और एक जयपुर से बरामद हुईं — जयपुर से मिली नाबालिग करीब 11 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़ी हुई थी।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, दिल्ली से बरामद तीन लड़कियाँ लगभग एक साल पहले अपने घरों से गायब हुई थीं। परिजनों की शिकायत के बाद जाँच शुरू हुई और मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दिल्ली में कार्रवाई करते हुए तीनों को सकुशल छुड़ाया।

जयपुर से बरामद नाबालिग का मामला और भी गंभीर है — वह करीब 11 साल से अपने परिवार से दूर थी। पुलिस ने लंबी जाँच के बाद उसका पता लगाया और उसे सुरक्षित वापस लाने में सफलता हासिल की।

तस्करों का तरीका

जाँच के अनुसार, कथित मानव तस्करों के गिरोह ने इन नाबालिगों को बेहतर नौकरी दिलाने का झाँसा देकर झारखंड से बाहर ले जाया। इसके बाद प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से उन्हें अलग-अलग घरों में घरेलू कामगार के रूप में लगाया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के आदिवासी बहुल ज़िले — विशेषकर खूंटी, गुमला और सिमडेगा — मानव तस्करी के लिए कुख्यात 'सोर्स ज़ोन' बने हुए हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों में झारखंड लगातार मानव तस्करी के शीर्ष स्रोत राज्यों में दर्ज होता रहा है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि यह कार्रवाई मानव तस्करी विरोधी अभियान के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच जारी है और इसमें कथित तौर पर शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस इस पूरे मामले में प्लेसमेंट एजेंसियों की भूमिका और तस्करी नेटवर्क के नेक्सस की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, लड़कियों को किन परिस्थितियों में उनके घरों से ले जाया गया, इस पर विस्तृत जाँच की जा रही है।

आम जनता पर असर और पुनर्वास प्रक्रिया

चारों नाबालिगों को सुरक्षित खूंटी लाने की प्रक्रिया चल रही है। वहाँ उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी और बाल कल्याण समिति (CWC) की मदद से उन्हें उनके परिवारों से मिलाया जाएगा।

यह मामला झारखंड के आदिवासी इलाकों से होने वाली बाल और महिला तस्करी की व्यापक समस्या की ओर ध्यान दिलाता है, जहाँ गरीबी और रोज़गार की कमी का फायदा उठाकर तस्कर नाबालिगों को शहरों में ले जाते हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के अनुसार, जाँच के दायरे को और बढ़ाया जाएगा और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों को चिह्नित किया जाएगा। CWC के माध्यम से लड़कियों का कानूनी और मनोवैज्ञानिक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ 'बेहतर काम' का लालच देकर नाबालिगों को महानगरों में धकेला जाता है और प्लेसमेंट एजेंसियाँ मध्यस्थ की भूमिका निभाती हैं। जयपुर से 11 साल बाद बरामद लड़की का मामला बताता है कि तंत्र की नाकामी एक-दो साल की नहीं, बल्कि लंबे अर्से की है। सवाल यह है कि प्लेसमेंट एजेंसियों के नियमन में जो खामियाँ हैं, उन्हें दूर किए बिना महज बरामदगी अभियान कितने कारगर हो सकते हैं।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खूंटी पुलिस ने कितनी नाबालिग लड़कियों को और कहाँ से बरामद किया?
खूंटी पुलिस ने कुल चार नाबालिग लड़कियों को बरामद किया — तीन दिल्ली से और एक जयपुर से। यह कार्रवाई 19 अक्टूबर 2026 को मानव तस्करी विरोधी अभियान के तहत की गई।
जयपुर से बरामद नाबालिग कितने समय से लापता थी?
जयपुर से बरामद नाबालिग लड़की करीब 11 साल से अपने परिवार से बिछड़ी हुई थी। लंबी जाँच के बाद पुलिस उसका पता लगाने और उसे सुरक्षित वापस लाने में सफल रही।
इन लड़कियों को कैसे तस्करी का शिकार बनाया गया?
कथित तस्करों ने बेहतर नौकरी दिलाने का झाँसा देकर इन नाबालिगों को झारखंड से बाहर ले जाया। इसके बाद प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से उन्हें दिल्ली और जयपुर में अलग-अलग घरों में घरेलू कामगार के रूप में लगाया गया।
बरामद लड़कियों का आगे क्या होगा?
चारों नाबालिगों को सुरक्षित खूंटी लाया जाएगा, जहाँ उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी। इसके बाद बाल कल्याण समिति (CWC) की मदद से उन्हें उनके परिजनों से मिलाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
अभी तक गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के अनुसार, जाँच जारी है और कथित तौर पर शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले