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झारखंड: NH-23 पर कोयला ट्रक की टक्कर से 7 की मौत, बैंड पार्टी के सदस्य थे सभी मृतक

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झारखंड: NH-23 पर कोयला ट्रक की टक्कर से 7 की मौत, बैंड पार्टी के सदस्य थे सभी मृतक

सारांश

रामगढ़-बोकारो NH-23 पर कोयला ट्रक की आमने-सामने टक्कर में बैंड-ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की जान गई — वे एक कार्यक्रम से लौट रहे थे और बिहार जाने की तैयारी में थे। CM हेमंत सोरेन ने स्थल को 'ब्लैक स्पॉट' घोषित कर सुधारात्मक कदमों के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

NH-23 (रामगढ़-बोकारो) पर 27 जून 2025 की रात करीब 12 बजे भीषण सड़क दुर्घटना हुई।
कोयला लदे ट्रक की ओवरटेकिंग के दौरान सवारी गाड़ी से टक्कर में 7 लोगों की मौत , 1 घायल रांची रेफर ।
सभी मृतक बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य थे, बलसगरा और मरांगमरचा गाँव के निवासी।
आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-23 को कई घंटों तक जाम रखा; भारी वाहनों पर रोक की माँग।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्थल को 'ब्लैक स्पॉट' घोषित कर सुधारात्मक कदमों के निर्देश दिए।
मृतकों के आश्रितों को नियमानुसार अनुग्रह सहायता देने की प्रक्रिया शुरू।

झारखंड के रामगढ़-बोकारो राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-23) पर 27 जून 2025 की रात करीब 12 बजे हुई भीषण सड़क दुर्घटना में सात लोगों की जान चली गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। पुलिस के अनुसार, यह हादसा रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी-बरलौंग (बुध बाजार) के निकट हुआ, जहाँ एक तेज़ रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने ओवरटेक के दौरान नियंत्रण खोकर सामने से आ रही सवारी गाड़ी को सीधी टक्कर मार दी।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, रामगढ़ की दिशा से आ रहा कोयला लदा ट्रक ओवरटेक करने के प्रयास में विपरीत लेन में आ गया और सामने से आ रही सवारी गाड़ी से आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सवारी गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उसमें सवार छह लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। एक घायल को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।

मृतकों की पहचान और पृष्ठभूमि

हादसे में जान गँवाने वाले सभी सात लोग बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य थे। वे रामगढ़ क्षेत्र में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देकर लौट रहे थे। बताया गया है कि मृतक बलसगरा और मरांगमरचा गाँव के निवासी थे। गौरतलब है कि ये सभी अगले दिन बिहार में एक अन्य कार्यक्रम में हिस्सा लेने की तैयारी में थे, लेकिन यह हादसा उससे पहले ही हो गया।

ग्रामीणों का आक्रोश, NH-23 जाम

घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी घटनास्थल पर पहुँच गए और NH-23 को जाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। ग्रामीणों ने इस मार्ग पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति पर रोक लगाने और स्थायी सुरक्षा प्रबंधों की माँग की। यह ऐसे समय में आया है जब NH-23 पर दुर्घटनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले भी चिंता जताई जाती रही है।

प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया

सूचना मिलते ही रजरप्पा थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँचीं। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद यातायात बहाल कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि मृतकों के आश्रितों को नियमानुसार अनुग्रह सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना स्थल को 'ब्लैक स्पॉट' घोषित करते हुए वहाँ आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की रफ्तार और सड़क सुरक्षा के सवाल को केंद्र में ला दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और अपर्याप्त सड़क सुरक्षा ढाँचे की बार-बार दोहराई जाने वाली त्रासदी है। NH-23 जैसे व्यस्त खनन मार्गों पर कोयला ट्रकों की अनियंत्रित आवाजाही एक पुरानी समस्या है जिसे प्रशासन हर बड़े हादसे के बाद 'ब्लैक स्पॉट' घोषित करके टाल देता है। मुख्यमंत्री के निर्देश स्वागतयोग्य हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इस बार सुधारात्मक कदम कागज़ों से ज़मीन तक पहुँचेंगे — या अगली दुर्घटना तक इंतज़ार होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड NH-23 सड़क हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
27 जून 2025 की रात रामगढ़-बोकारो NH-23 पर हुए इस हादसे में कुल 7 लोगों की मौत हुई — छह की मौके पर और एक की अस्पताल ले जाते समय। एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है जिसे रांची रेफर किया गया है।
मृतक कौन थे और वे NH-23 पर क्यों थे?
सभी 7 मृतक बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य थे और बलसगरा व मरांगमरचा गाँव के निवासी थे। वे रामगढ़ क्षेत्र में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देकर लौट रहे थे और अगले दिन बिहार में एक अन्य कार्यक्रम में जाने की तैयारी में थे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस हादसे पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दुर्घटना स्थल को 'ब्लैक स्पॉट' घोषित किया और वहाँ आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
ग्रामीणों ने NH-23 क्यों जाम किया?
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-23 को कई घंटों तक जाम रखा। उन्होंने इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज़ रफ्तार पर रोक लगाने और स्थायी सड़क सुरक्षा प्रबंधों की माँग की। प्रशासन के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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