2 नवंबर 2026
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झुंझुनूं में सड़क निर्माण के दौरान करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत, 5 झुलसे; CM भजनलाल ने जताया शोक

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झुंझुनूं में सड़क निर्माण के दौरान करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत, 5 झुलसे; CM भजनलाल ने जताया शोक

सारांश

राजस्थान के झुंझुनूं में सड़क निर्माण के दौरान बजरी मशीन के हाई-टेंशन लाइन से टकराने पर 8 मजदूरों की मौत और 5 के झुलसने की घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। CM भजनलाल शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं, जबकि ग्रामीणों ने धरना देकर जवाबदेही की मांग की।

मुख्य बातें

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चापोली गांव में 2 नवंबर 2026 को सड़क निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत हो गई।
हादसा तब हुआ जब बजरी मशीन हाई-वोल्टेज बिजली लाइन के संपर्क में आई; मृतक मंडावरा और छापोली के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
5 लोग घायल हुए, जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं; सभी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर शोक जताया और घायलों के उपचार व जांच के आदेश दिए।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुआवजे की मांग की और हादसे की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया।
ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर धरना देकर दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी इलाके के चापोली गांव में 2 नवंबर 2026 को सड़क निर्माण कार्य के दौरान हाई-टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से 8 मजदूरों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 5 अन्य लोग झुलस गए, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और निर्माण स्थल पर धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया।

हादसा कैसे हुआ

उदयपुरवाटी पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी रामपाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सड़क निर्माण के दौरान बजरी मिलाने वाली एक मशीन ऊपर से गुजर रही हाई-वोल्टेज बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलने से वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। मृतक मंडावरा और छापोली गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण परियोजनाएं चल रही हैं और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की पालना को लेकर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि हाई-टेंशन बिजली लाइनों के नजदीक बिना उचित सावधानी के मशीनरी चलाना एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन है।

ग्रामीणों का विरोध और जवाबदेही की मांग

हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में निर्माण स्थल पर एकत्र हो गए और धरना दिया। ग्रामीणों ने मौतों पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए बिना हाई-टेंशन लाइन के नजदीक मशीनरी चलाई गई, जो सीधी लापरवाही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'झुंझुनूं में हुए हादसे में करंट लगने से श्रमिकों की असामयिक मृत्यु का समाचार दुखद है। संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार एवं प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा घटना की जांच के निर्देश दिए हैं।' उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में छापोली में कई मजदूरों की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत बेहद दुखद और मार्मिक है। इस पूरे प्रकरण की जांच आवश्यक है कि सड़क निर्माण के समय हुआ यह हादसा कैसे हुआ और इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है।' गहलोत ने सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और हर संभव सहायता दिलाने की मांग की।

आगे की जांच और अनुत्तरित सवाल

अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पूर्ण पहचान, घायलों की मौजूदा स्थिति और हादसे के सटीक कारणों की जानकारी एकत्र की जा रही है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि निर्माण एजेंसी ने बिजली विभाग को हाई-टेंशन लाइन के नजदीक काम शुरू करने की सूचना दी थी या नहीं। जांच से यह भी तय होगा कि क्या निर्माण कार्य के लिए जरूरी सुरक्षा मंजूरी ली गई थी। दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं। असली सवाल यह है कि क्या इस बार दोषी ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होगी, या मुआवजे की घोषणा के बाद मामला दब जाएगा। मृतकों के परिजनों और घायल मजदूरों को न्याय तब तक अधूरा है जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झुंझुनूं में करंट से मजदूरों की मौत कैसे हुई?
सड़क निर्माण के दौरान बजरी मिलाने वाली एक मशीन हाई-वोल्टेज बिजली लाइन के संपर्क में आ गई, जिससे मशीन में करंट फैल गया और वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। पुलिस के अनुसार यह घटना उदयपुरवाटी इलाके के चापोली गांव में 2 नवंबर 2026 को हुई।
झुंझुनूं हादसे में कितने मजदूर मारे गए और कितने घायल हुए?
इस हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई और 5 अन्य लोग झुलस गए। घायलों में 3 महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने झुंझुनूं हादसे पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार, प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता और घटना की जांच के निर्देश दिए।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर क्या मांग की?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा व हर संभव सहायता दिलाने की मांग सरकार से की।
झुंझुनूं हादसे के बाद ग्रामीणों ने क्या किया?
हादसे के बाद स्थानीय लोग निर्माण स्थल पर इकट्ठा हो गए और धरना दिया। ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
राष्ट्र प्रेस
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