झुंझुनूं हादसा: हाईटेंशन तार से करंट लगने पर 8 मजदूरों की मौत, PM मोदी ने किया ₹2 लाख मुआवज़े का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी इलाके के चापोली गाँव में 2 नवंबर 2026 को सड़क निर्माण कार्य के दौरान हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से 8 मजदूरों की मृत्यु हो गई, जबकि 5 अन्य लोग घायल हुए हैं — जिनमें 3 महिलाएँ भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना तब हुई जब सड़क निर्माण कार्य के दौरान बजरी मिलाने वाली एक मशीन ऊपर से गुजर रही हाईवोल्टेज बिजली लाइन के सीधे संपर्क में आ गई। मशीन में तत्काल करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में वहाँ काम कर रहे मजदूर आ गए।
उदयपुरवाटी पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी रामपाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाईवोल्टेज लाइन से करंट फैलने के बाद घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। मृतक मंडावरा और चापोली गाँव के निवासी बताए जा रहे हैं।
PM मोदी की प्रतिक्रिया और मुआवज़े का ऐलान
प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि 'राजस्थान के झुंझुनूं में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से दुखी हूँ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएँ। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों।'
मोदी ने घोषणा की कि जान गँवाने वाले मजदूरों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से ₹2 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को ₹50,000 की सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार, प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और घटना की जाँच के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने भी एक्स पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा, 'झुंझुनूं में हुए हादसे में करंट लगने से श्रमिकों की असामयिक मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है।'
आम जनता और मजदूर वर्ग पर असर
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब सड़क निर्माण परियोजनाओं में श्रमिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर बार-बार सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि हाईटेंशन लाइनों के निकट भारी मशीनरी के संचालन के लिए बिजली विभाग की पूर्व अनुमति और सुरक्षा घेरे की अनिवार्यता होती है।
पाँच घायलों में तीन महिला मजदूरों का शामिल होना यह भी रेखांकित करता है कि निर्माण स्थलों पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर अलग से ध्यान देने की ज़रूरत है।
आगे क्या होगा
राजस्थान सरकार ने घटना की जाँच के आदेश दिए हैं। यह जाँच यह निर्धारित करेगी कि मशीन ऑपरेटर और ठेकेदार ने बिजली लाइन के निकट काम करते समय अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया था या नहीं। PMNRF से मुआवज़े की राशि शीघ्र जारी होने की उम्मीद है।