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जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल की QS MBA रैंकिंग 2027 में पहली एंट्री, टॉप-200 में 171-180 बैंड हासिल

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जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल की QS MBA रैंकिंग 2027 में पहली एंट्री, टॉप-200 में 171-180 बैंड हासिल

सारांश

केवल 16 साल में, सोनीपत के जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल ने QS MBA रैंकिंग 2027 में पहली एंट्री पर ही 171-180 वैश्विक बैंड हासिल कर IIM कोझिकोड, IIM इंदौर और IIM लखनऊ को पीछे छोड़ा — भारतीय निजी बिजनेस शिक्षा के लिए एक बड़ा पड़ाव।

मुख्य बातें

जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल (JGBS) ने QS ग्लोबल MBA रैंकिंग 2027 में पहली बार प्रवेश किया और 171-180 वैश्विक बैंड हासिल किया।
JGBS अपने MBA प्रोग्राम के लिए भारत का नंबर-1 निजी विश्वविद्यालय बिजनेस स्कूल बन गया है।
रैंकिंग में भारत के 19 MBA संस्थान शामिल, जिनमें 5 नए प्रवेशकर्ता हैं।
JGBS ने पहली एंट्री में IIM कोझिकोड, IIM इंदौर, IIM लखनऊ और IIM उदयपुर से बेहतर स्थान पाया।
एशिया में JGU को 23वाँ स्थान ; Employability में एशिया में 16वीं रैंक ।
स्कूल अपनी संस्थागत यात्रा के मात्र 16वें वर्ष में यह मुकाम हासिल किया; AACSB मान्यता प्राप्त।

जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल (JGBS), जो ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (JGU), सोनीपत का हिस्सा है, ने 17 सितंबर 2026 को वैश्विक प्रबंधन शिक्षा जगत में एक उल्लेखनीय कदम रखा — स्कूल का MBA प्रोग्राम पहली बार QS ग्लोबल MBA रैंकिंग 2027 में शामिल हुआ और अपनी पहली ही एंट्री में 171-180 वैश्विक बैंड हासिल कर दुनिया के टॉप-200 बिजनेस स्कूलों में स्थान बनाया। इस उपलब्धि के साथ JGBS अपने MBA प्रोग्राम के लिए भारत का नंबर-1 निजी विश्वविद्यालय बिजनेस स्कूल बन गया है।

पहली एंट्री में क्या हासिल किया

QS ग्लोबल MBA रैंकिंग 2027 में भारत के 19 MBA संस्थानों को जगह मिली है, जिनमें से पाँच ने इस वर्ष पहली बार प्रवेश किया है। इस नए समूह में JGBS सबसे ऊपर रहा — 171-180 के वैश्विक बैंड में सीधी एंट्री एक असाधारण शुरुआत मानी जा रही है। गौरतलब है कि स्कूल अपनी संस्थागत यात्रा के मात्र 16वें वर्ष में है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय यह है कि पहली बार रैंकिंग में शामिल होते ही JGBS ने IIM कोझिकोड, IIM इंदौर, IIM लखनऊ और IIM उदयपुर जैसे लंबे समय से स्थापित प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों से बेहतर स्थान अर्जित किया।

एशिया में भी मजबूत प्रदर्शन

JGU ने एशियाई परिदृश्य में भी अपनी छाप छोड़ी है। 81 MBA प्रोग्रामों के बीच विश्वविद्यालय को एशिया में 23वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। रोज़गार क्षमता (Employability) के मानक पर JGU की स्थिति और मज़बूत है — इस श्रेणी में उसे एशिया में 16वीं रैंक मिली है, जो स्नातकों की उद्योग-स्तरीय माँग को दर्शाती है।

रैंकिंग के मानक और JGBS की ताकत

QS ग्लोबल MBA रैंकिंग पाँच प्रमुख मानकों पर MBA प्रोग्रामों का मूल्यांकन करती है — Employability (रोज़गार क्षमता), Thought Leadership, Diversity, Value for Money और Alumni Outcomes। JGBS ने इन मानकों पर अपनी पकड़ मज़बूत करने के लिए वर्षों से अपने Research Ecosystem, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उद्योग सहभागिता और Academic Exchange के अवसरों को निरंतर विकसित किया है। स्कूल को AACSB मान्यता भी प्राप्त है, जो व्यावसायिक शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों की स्वीकृति का प्रतीक है।

संस्थागत नेतृत्व की प्रतिक्रिया

JGU के संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. राज कुमार ने कहा, 'QS ग्लोबल MBA रैंकिंग में पहली ही बार शामिल होकर JGBS का दुनिया के टॉप-200 बिजनेस स्कूलों में पहुँचना JGU के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। केवल 16 वर्षों की संस्थागत यात्रा वाले बिजनेस स्कूल के लिए यह असाधारण उपलब्धि है।' उन्होंने कुलाधिपति नवीन जिंदल की दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता को इस सफलता का आधार बताया।

डीन (अकादमिक गवर्नेंस एवं स्टूडेंट लाइफ) प्रो. पद्मनाभ रामानुजम ने कहा, 'यह रैंकिंग उन अकादमिक मानकों और संस्थागत व्यवस्थाओं की महत्वपूर्ण पुष्टि है, जिन्हें JGBS और JGU ने वर्षों से लगातार विकसित किया है।' JGBS के डीन प्रो. मयंक धौंडियाल ने कहा, 'हमने ऐसा बिजनेस स्कूल बनाने का प्रयास किया है जो कठोर अकादमिक शिक्षा और शोध को उद्योग जगत से जुड़ाव, अनुभव आधारित शिक्षा और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ जोड़ता है।'

आगे की राह

यह उपलब्धि JGBS की संस्थागत विकास यात्रा का एक नया अध्याय है। बढ़ते शोध प्रभाव, वैश्विक साझेदारियों और स्नातकों के बेहतर करियर परिणामों के साथ स्कूल अब वैश्विक रैंकिंग में और ऊपर चढ़ने की तैयारी में है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान वैश्विक मंच पर तेज़ी से अपनी पहचान बना रहे हैं, और JGBS की यह एंट्री उस बड़े बदलाव का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे संदर्भ में देखना ज़रूरी है — QS रैंकिंग में Employability और Alumni Outcomes जैसे मानक काफी हद तक संस्थान द्वारा स्वयं प्रस्तुत डेटा पर निर्भर होते हैं, जिनकी स्वतंत्र सत्यापन की सीमाएँ हैं। IIM जैसे संस्थानों से आगे निकलने की तुलना तभी पूर्णतः सार्थक होगी जब स्नातकों के दीर्घकालिक वेतन और करियर प्रक्षेपवक्र की स्वतंत्र जाँच हो। फिर भी, 16 साल में टॉप-200 में पहुँचना भारतीय निजी उच्च शिक्षा की बढ़ती वैश्विक महत्वाकांक्षा का ठोस संकेत है — और यह नीति-निर्माताओं को यह सोचने पर मजबूर करता है कि पुरानी IIM व्यवस्था को अपनी रैंकिंग रणनीति पर पुनर्विचार करने की ज़रूरत है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

QS ग्लोबल MBA रैंकिंग 2027 में जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल को कौन सी रैंक मिली?
JGBS ने QS ग्लोबल MBA रैंकिंग 2027 में अपनी पहली एंट्री पर ही 171-180 का वैश्विक बैंड हासिल किया। इस तरह स्कूल दुनिया के टॉप-200 बिजनेस स्कूलों में शामिल हो गया और भारत का नंबर-1 निजी विश्वविद्यालय बिजनेस स्कूल बन गया।
JGBS ने किन IIM संस्थानों को पीछे छोड़ा?
अपनी पहली ही रैंकिंग एंट्री में JGBS ने IIM कोझिकोड, IIM इंदौर, IIM लखनऊ और IIM उदयपुर से बेहतर वैश्विक स्थान प्राप्त किया। यह उल्लेखनीय है क्योंकि ये संस्थान कई दशकों से स्थापित हैं।
QS MBA रैंकिंग किन मानकों पर आधारित होती है?
QS ग्लोबल MBA रैंकिंग पाँच मानकों पर आधारित है — Employability (रोज़गार क्षमता), Thought Leadership, Diversity, Value for Money और Alumni Outcomes। JGBS को Employability में एशिया में 16वाँ स्थान मिला, जो इस मानक पर उसकी मज़बूत स्थिति दर्शाता है।
जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की एशिया में क्या रैंकिंग है?
QS MBA रैंकिंग 2027 में JGU को 81 MBA प्रोग्रामों के बीच एशिया में 23वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। Employability के मानक पर उसे एशिया में 16वीं रैंक मिली है।
JGBS की यह उपलब्धि कितने वर्षों में हासिल हुई?
JGBS अपनी संस्थागत यात्रा के केवल 16वें वर्ष में यह उपलब्धि हासिल की है। स्कूल को AACSB मान्यता भी प्राप्त है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा गुणवत्ता मानकों की स्वीकृति का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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