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नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस: जितिन प्रसाद ने ऊर्जा सुरक्षा और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

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नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस: जितिन प्रसाद ने ऊर्जा सुरक्षा और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

सारांश

नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में IT मंत्री जितिन प्रसाद की मौजूदगी ने रक्षा-तकनीक के नए एकीकरण को रेखांकित किया — सेमीकंडक्टर संप्रभुता, AI और क्वांटम तकनीक अब नौसेना की रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल हो गई हैं।

मुख्य बातें

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
सरकार सेमीकंडक्टर और चिप उत्पादन में तकनीकी संप्रभुता मज़बूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
मंत्री ने AI , क्वांटम प्रौद्योगिकी और उभरती तकनीकों की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने समुद्री सुरक्षा की समीक्षा की और उच्च युद्धक तैयारी पर जोर दिया।
कॉन्फ्रेंस 29 सितंबर को शुरू हुई; इसमें थलसेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ भी संबोधित कर चुके हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारतीय नौसेना की कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए और देश की ऊर्जा सुरक्षा में नौसेना की केंद्रीय भूमिका तथा सेमीकंडक्टर एवं चिप उत्पादन में तकनीकी संप्रभुता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार एक ऐसा प्रौद्योगिकी तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो संकट के समय भी अटूट और टिकाऊ बना रहे।

कॉन्फ्रेंस का संदर्भ और महत्व

नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 29 सितंबर 2026 को प्रारंभ हुई और 1 अक्टूबर को इसका अंतिम चरण संपन्न हुआ। यह भारतीय नौसेना का सर्वोच्च स्तरीय मंच है, जहाँ रणनीतिक निर्णय, परिचालन समीक्षा और महत्वपूर्ण संवाद होते हैं। इस सम्मेलन में नौसेना प्रमुख, थलसेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ भी कमांडरों को संबोधित कर चुके हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी समुद्री सुरक्षा क्षमताओं के विस्तार के साथ-साथ रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। गौरतलब है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियों के बीच यह सम्मेलन विशेष सामरिक महत्व रखता है।

जितिन प्रसाद के मुख्य संबोधन बिंदु

मंत्री जितिन प्रसाद ने कमांडरों को बताया कि बदलते तकनीकी परिवेश में राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी क्षमता अब एक-दूसरे से अविभाज्य रूप से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीकों को केवल विकसित करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें रक्षा क्षेत्र में तेज़ी से और प्रभावी ढंग से समाहित करना भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम प्रौद्योगिकी और अन्य उभरती तकनीकों की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती उपयोगिता को विशेष रूप से रेखांकित किया। उनके अनुसार इन तकनीकों की प्रासंगिकता केवल नागरिक क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता में इनकी भूमिका निरंतर विस्तार पा रही है।

सेमीकंडक्टर संप्रभुता पर विशेष ज़ोर

जितिन प्रसाद ने देश में सेमीकंडक्टर और चिप उत्पादन के क्षेत्र में तकनीकी संप्रभुता मज़बूत करने को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि रक्षा व्यापार श्रृंखला में मौजूद संवेदनशील कड़ियाँ और तकनीकी निर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकती हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसी रक्षा-तकनीकी व्यवस्था तैयार करना है जो उन्नत तकनीक से सुसज्जित होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो। भारतीय नौसेना को नवाचार और स्वदेशीकरण के प्रयासों में उन्होंने व्यापक तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।

नौसेना प्रमुख की समीक्षा और युद्धक तैयारी

नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने सम्मेलन के दौरान समुद्री सुरक्षा वातावरण और भारतीय नौसेना की परिचालन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में मौजूदा और उभरती चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उच्चतम स्तर की युद्धक तैयारी बनाए रखने पर बल दिया।

एडमिरल स्वामीनाथन ने तेज़ी से बदलते परिचालन परिवेश में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करने और नई तकनीकों को सैन्य क्षमताओं के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। नौसेना के नवाचार और स्वदेशीकरण प्रयासों की जानकारी मंत्री को इस अवसर पर विस्तार से दी गई।

आगे की दिशा

नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में हुए विमर्श से स्पष्ट है कि भारत अपनी समुद्री सुरक्षा नीति को तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भरता के साथ जोड़ने की दिशा में सुनिश्चित कदम उठा रहा है। सेमीकंडक्टर संप्रभुता और AI जैसी उभरती तकनीकों को रक्षा क्षेत्र में एकीकृत करने की यह पहल भविष्य में भारत की सामरिक स्वायत्तता को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

घोषणाओं और क्रियान्वयन के बीच की खाई अभी भी चिंता का विषय है; भारत का सेमीकंडक्टर मिशन वर्षों से 'प्राथमिकता' बताया जाता रहा है, लेकिन घरेलू चिप फैब्रिकेशन अभी भी प्रारंभिक अवस्था में है। असली कसौटी यह है कि नौसेना के नवाचार प्रयास कब और कैसे स्वदेशी सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ेंगे — वरना यह विमर्श केवल एक और उच्च-स्तरीय सम्मेलन की बयानबाज़ी बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2026 क्या है और यह कब हुई?
नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस भारतीय नौसेना का सर्वोच्च स्तरीय मंच है, जहाँ रणनीतिक निर्णय और परिचालन समीक्षा होती है। यह कॉन्फ्रेंस 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित हुई।
जितिन प्रसाद ने कॉन्फ्रेंस में सेमीकंडक्टर पर क्या कहा?
इलेक्ट्रॉनिक्स और IT राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि सरकार देश में सेमीकंडक्टर और चिप उत्पादन में तकनीकी संप्रभुता मज़बूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उनका उद्देश्य एक ऐसा रक्षा-तकनीक तंत्र बनाना है जो संकट के समय भी टिकाऊ और आत्मनिर्भर बना रहे।
ऊर्जा सुरक्षा में भारतीय नौसेना की क्या भूमिका है?
जितिन प्रसाद के अनुसार देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय नौसेना का महत्वपूर्ण योगदान है। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, जिन पर भारत का ऊर्जा आयात निर्भर करता है, नौसेना की प्रमुख परिचालन जिम्मेदारी है।
कॉन्फ्रेंस में AI और क्वांटम तकनीक पर क्या चर्चा हुई?
मंत्री जितिन प्रसाद ने AI, क्वांटम प्रौद्योगिकी और अन्य उभरती तकनीकों की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने जोर दिया कि इन तकनीकों को केवल विकसित करना पर्याप्त नहीं, बल्कि इन्हें तेज़ी से सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता में शामिल करना भी उतना ही ज़रूरी है।
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने क्या कहा?
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने समुद्री सुरक्षा वातावरण और नौसेना की परिचालन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने उभरती समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए उच्च युद्धक तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और नई तकनीकों के तेज़ एकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।
राष्ट्र प्रेस
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