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भ्रष्ट टीएमसी सरकार को करारा जवाब देगी बंगाल की जनता: जेपी नड्डा का बर्धमान में बड़ा ऐलान

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भ्रष्ट टीएमसी सरकार को करारा जवाब देगी बंगाल की जनता: जेपी नड्डा का बर्धमान में बड़ा ऐलान

सारांश

बर्धमान में जेपी नड्डा ने ऐलान किया कि बंगाल की जनता ने टीएमसी को सबक सिखाने का मन बना लिया है। दिलीप घोष ने 200+ सीटों का दावा किया। महिला उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा ने तेज किया चुनावी अभियान।

मुख्य बातें

जेपी नड्डा ने बर्धमान, पश्चिम बंगाल में 25 अप्रैल को कहा कि जनता ने टीएमसी को हराने का मन बना लिया है।
भाजपा नेता दिलीप घोष ने दावा किया कि पहले चरण में 100 से अधिक सीटें पक्की हो चुकी हैं।
महिला उत्पीड़न और भ्रष्टाचार इस चुनाव में भाजपा के प्रमुख चुनावी मुद्दे बने हुए हैं।
शिबपुर से भाजपा उम्मीदवार रुद्रनील घोष ने टीएमसी नेताओं पर तीखा व्यंग्य किया।
भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने बढ़े मतदान प्रतिशत को बदलाव का संकेत बताया।
चुनाव आयोग से अंतिम चरण में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

बर्धमान, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल के बर्धमान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में महिलाओं के उत्पीड़न और टीएमसी सरकार के भ्रष्टाचार से आहत बंगाल की जनता ने अपना मन बना लिया है — वह भारतीय जनता पार्टी को अपना आशीर्वाद देगी और भ्रष्ट टीएमसी सरकार को करारा जवाब देगी।

नड्डा का जनता से सीधा आह्वान

जेपी नड्डा ने सभा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी समाज के नेता हैं और आपकी बात का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अपील की कि शेष बचे चुनावी दिनों में भाजपा का संदेश हर मोहल्ले, हर गली और हर भाई-बहन तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की है जिससे मतदाता निडर होकर अपना मत डाल सकें। नड्डा ने जोर देकर कहा कि यह चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष होगा और जनता को किसी दबाव से डरने की जरूरत नहीं है।

बंगाल की गौरवशाली विरासत का उल्लेख

जेपी नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल को लंबे समय से बदनाम किया जा रहा है और इस कलंक से मुक्ति पाना अब जरूरी है। उन्होंने श्री अरविंदो, रवींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसी महान विभूतियों का स्मरण कराते हुए कहा कि यह धरती सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्रांति की जन्मभूमि रही है।

यह बयान उस समय आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के विभिन्न चरणों में मतदान जारी है और भाजपा राज्य में सत्ता परिवर्तन के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

दिलीप घोष और अन्य नेताओं के दावे

भाजपा नेता दिलीप घोष ने दावा किया कि बंगाल में इस बार कमल अवश्य खिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में ही 100 से अधिक सीटें पक्की हो चुकी हैं और आगे के चरणों में भी इतनी ही या उससे अधिक सीटें मिलने की उम्मीद है। घोष ने यह भी आगाह किया कि अंतिम चरण में अप्रिय घटनाओं की आशंका है, इसलिए चुनाव आयोग को विशेष रूप से सतर्क रहना होगा।

शिबपुर विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार रुद्रनील घोष ने तंज कसते हुए कहा कि टीएमसी नेताओं का मानसिक संतुलन ठीक नहीं लग रहा, गर्मी में नारियल पानी पीने से उनकी सेहत में सुधार हो सकता है।

मतदान प्रतिशत और राजनीतिक विश्लेषण

भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि पहले चरण में मतदान प्रतिशत में वृद्धि यह साफ संकेत देती है कि जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि इसी कारण विपक्षी खेमे में घबराहट है और बेतुके बयान सामने आ रहे हैं। ठाकुर ने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले चरण के बाद का बदलाव इतिहास में देखा जा चुका है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी पर शासनकाल के दौरान महिला उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा के आरोप लगातार लगते रहे हैं। आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज कांड के बाद से राज्य में महिला सुरक्षा एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन चुकी है, जिसे भाजपा पूरी तरह भुनाने की कोशिश में है।

आगे क्या होगा?

आने वाले चरणों में मतदान के नतीजे तय करेंगे कि बंगाल की जनता का रुझान वाकई बदला है या टीएमसी अपनी पकड़ बनाए रखेगी। भाजपा का दावा है कि इस बार सत्ता परिवर्तन निश्चित है, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी अपने संगठनात्मक नेटवर्क के बल पर मुकाबले में बनी हुई है। चुनाव परिणाम न केवल बंगाल बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जो आर.जी. कर कांड के बाद से महिला सुरक्षा को बंगाल चुनाव के केंद्र में रख रही है। विडंबना यह है कि जो दल दशकों से बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का दावेदार रहा है, आज उसी की सरकार पर भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न के सबसे गंभीर आरोप हैं। दिलीप घोष का 200+ सीटों का दावा आत्मविश्वास दिखाता है, लेकिन बंगाल में बूथ-स्तरीय टीएमसी संगठन को कमज़ोर आंकना भाजपा की पुरानी गलती रही है। असली सवाल यह है कि क्या बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत वाकई बदलाव का संकेत है या केवल ध्रुवीकरण का?
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपी नड्डा ने बर्धमान में क्या कहा?
जेपी नड्डा ने बर्धमान में कहा कि बंगाल की जनता ने टीएमसी के भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न से तंग आकर भाजपा को वोट देने का मन बना लिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि चुनाव का संदेश हर घर तक पहुंचाएं।
बंगाल चुनाव 2026 में भाजपा कितनी सीटें जीतने का दावा कर रही है?
भाजपा नेता दिलीप घोष ने दावा किया है कि पहले चरण में 100 से अधिक सीटें पक्की हो चुकी हैं और आगे भी 100 से ज्यादा सीटें मिलेंगी। उनके अनुसार इस बार बंगाल में भाजपा की सरकार बनना निश्चित है।
बंगाल में महिला उत्पीड़न चुनावी मुद्दा क्यों बना?
आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में हुई जघन्य घटना के बाद से बंगाल में महिला सुरक्षा एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन गई है। भाजपा इसे टीएमसी सरकार की विफलता के रूप में प्रचारित कर रही है।
क्या बंगाल चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ा है?
भाजपा सांसद विवेक ठाकुर के अनुसार पहले चरण में मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई है, जो बदलाव की मांग का संकेत है। हालांकि अंतिम आंकड़े चुनाव आयोग द्वारा जारी किए जाएंगे।
बंगाल चुनाव में चुनाव आयोग की क्या भूमिका है?
जेपी नड्डा और दिलीप घोष दोनों ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष और सतर्क रहने की अपील की है। नड्डा ने कहा कि आयोग ने ऐसी व्यवस्था की है जिससे मतदाता निडर होकर वोट डाल सकें।
राष्ट्र प्रेस
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