29 जुलाई 2026
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जेपी नड्डा का दावा: केंद्र ने हिमाचल को ₹40,000 करोड़ से अधिक दिए, कांग्रेस पर 'झूठ फैलाने' का आरोप

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जेपी नड्डा का दावा: केंद्र ने हिमाचल को ₹40,000 करोड़ से अधिक दिए, कांग्रेस पर 'झूठ फैलाने' का आरोप

सारांश

BJP के 12 साल पूरे होने पर जेपी नड्डा ने शिमला में आँकड़ों की झड़ी लगा दी — ₹40,000 करोड़ की सड़कें, ₹1,400 करोड़ का एम्स, ₹7,000 करोड़ का रेणुका डैम। निशाने पर कांग्रेस सरकार, जिस पर 'अकर्मण्यता छुपाने का नैरेटिव' गढ़ने का आरोप है।

मुख्य बातें

जेपी नड्डा ने 13 जून 2026 को शिमला में BJP के 12 साल पूरे होने पर मीडिया से संवाद किया।
केंद्र ने 2024-25 में हिमाचल को ₹2,381 करोड़ विशेष सहायता, ₹2,006 करोड़ NDRF और ₹2,150 करोड़ बाह्य सहायता परियोजनाओं के तहत दिए।
एम्स बिलासपुर ( ₹1,400 करोड़ ) पूरी तरह संचालित; चंबा, नाहन, हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों को ₹547 करोड़ ।
₹40,000 करोड़ की लागत से 668 किमी फोर-लेन सड़क; ₹13,168 करोड़ की रेल परियोजनाएँ।
रेणुका डैम के लिए ₹7,000 करोड़ और लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए ₹1,800 करोड़ स्वीकृत।
नड्डा ने कांग्रेस पर 'अकर्मण्यता छुपाने' का आरोप लगाया; पंचायत और नगर निकाय चुनावों में BJP की जीत को जनादेश बताया।

केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 13 जून 2026 को शिमला में एक मीडिया संवाद में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हमेशा हिमाचल प्रदेश को भरपूर आर्थिक सहायता दी है। यह संवाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। नड्डा ने राज्य की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) सरकार पर आरोप लगाया कि वह केंद्र की उपेक्षा का 'झूठा नैरेटिव' गढ़ रही है।

केंद्र से हिमाचल को मिली वित्तीय सहायता

नड्डा ने आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2024-25 में हिमाचल को केंद्र से ₹2,381 करोड़ विशेष सहायता (Special Assistance), ₹2,006 करोड़ राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) और ₹2,150 करोड़ बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं (Externally Aided Projects) के अंतर्गत दिए गए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है और हिमाचल के विकास के लिए केंद्र का समर्पण अटूट है।

स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे में निवेश

स्वास्थ्य क्षेत्र में नड्डा ने बताया कि ₹1,400 करोड़ की लागत से निर्मित एम्स बिलासपुर पूरी तरह संचालित हो चुका है और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन रहा है। चंबा, नाहन और हमीरपुर के मेडिकल कॉलेजों के लिए ₹547 करोड़ की सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त पीजीआई सैटेलाइट सेंटर और चमियाणा सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक जैसी परियोजनाओं से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार जारी है।

सड़क, रेल और ऊर्जा परियोजनाएँ

सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नड्डा ने कहा कि लगभग ₹40,000 करोड़ की लागत से 668 किलोमीटर फोर-लेन सड़कों का निर्माण हुआ है, जिससे पर्यटन और व्यापार को नई गति मिली है। ₹13,168 करोड़ की रेल परियोजनाओं के साथ-साथ वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशनों और सौर ऊर्जा योजनाओं से हिमाचल विकास की नई दिशा में बढ़ रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में रेणुका डैम को राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट घोषित कर ₹7,000 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जबकि लुहरी स्टेज-1 हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए ₹1,800 करोड़ मंजूर हुए हैं।

शिक्षा और शहरी विकास

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आईआईएम सिरमौर और आईआईआईटी ऊना की स्थापना के साथ-साथ स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और रेलवे विस्तार से प्रदेश के आधारभूत ढाँचे को मजबूती मिली है। नड्डा ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी योजनाओं से पारदर्शिता बढ़ी है और भारत आज विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

कांग्रेस पर हमला और स्थानीय चुनाव नतीजे

नड्डा ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार अपनी 'अकर्मण्यता' छुपाने के लिए केंद्र से सहयोग न मिलने का नैरेटिव गढ़ रही है। उन्होंने हाल ही में हुए पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में BJP की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नतीजे जनता का मूड स्पष्ट करते हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार और केंद्र के बीच वित्तीय सहयोग को लेकर विवाद पहले भी सामने आता रहा है। आगे देखना होगा कि राज्य सरकार इन आँकड़ों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि केंद्रीय आवंटन और वास्तविक व्यय के बीच का अंतर अक्सर राज्य-केंद्र विवादों की असली जड़ होता है — स्वीकृत राशि और ज़मीन पर पहुँची राशि एक नहीं होती। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार का पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है, जो पूरी तस्वीर देखने के लिए ज़रूरी होगा। पंचायत चुनावों में BJP की सफलता को राज्य सरकार के खिलाफ जनादेश बताना राजनीतिक व्याख्या है, न कि तथ्य। असली कसौटी यह होगी कि इन परियोजनाओं का लाभ आम हिमाचली नागरिक तक किस हद तक पहुँचा है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपी नड्डा ने शिमला में किस अवसर पर मीडिया से बात की?
जेपी नड्डा ने 13 जून 2026 को शिमला में BJP सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित मीडिया संवाद में बात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र से हिमाचल को मिली वित्तीय सहायता के आँकड़े पेश किए और राज्य की कांग्रेस सरकार की आलोचना की।
केंद्र सरकार ने 2024-25 में हिमाचल प्रदेश को कितनी सहायता दी?
नड्डा के अनुसार, 2024-25 में हिमाचल को ₹2,381 करोड़ विशेष सहायता, ₹2,006 करोड़ NDRF और ₹2,150 करोड़ बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के तहत दिए गए। इसके अलावा सड़क, रेल, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ी राशियाँ स्वीकृत की गई हैं।
एम्स बिलासपुर की क्या स्थिति है?
नड्डा ने बताया कि ₹1,400 करोड़ की लागत से बना एम्स बिलासपुर पूरी तरह संचालित हो चुका है और हिमाचल प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन रहा है। इसके साथ ही चंबा, नाहन और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों के लिए ₹547 करोड़ की सहायता भी दी गई है।
रेणुका डैम परियोजना के बारे में क्या जानकारी दी गई?
रेणुका डैम को राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट घोषित किया गया है और इसके लिए ₹7,000 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा लुहरी स्टेज-1 हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए ₹1,800 करोड़ मंजूर हुए हैं।
नड्डा ने हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर क्या आरोप लगाए?
नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अपनी 'अकर्मण्यता' छुपाने के लिए यह नैरेटिव गढ़ रही है कि केंद्र से सहायता नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि यह दावा झूठा है और केंद्र ने हमेशा हिमाचल को भरपूर सहायता दी है।
राष्ट्र प्रेस
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