जस्टिस एस. चंद्रशेखर ने ली सुप्रीम कोर्ट जज की शपथ, मुजफ्फरपुर के चैनपुर गांव में उत्सव
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस. चंद्रशेखर ने मंगलवार, 2 जून 2026 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। उनके शपथ लेते ही बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चैनपुर गांव में जश्न का माहौल छा गया — वही गांव, जहाँ की माटी में उनकी जड़ें हैं। ग्रामीणों ने इस अवसर को अपने क्षेत्र के इतिहास का एक गौरवशाली पल बताया।
चैनपुर में उत्सव का माहौल
शपथ ग्रहण की सूचना मिलते ही चैनपुर के शुभचिंतक, परिजन और ग्रामीण एकत्रित हो गए। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाइयाँ दीं और गांव में मिठाइयाँ बाँटी गईं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस उल्लास में सहभागी बना।
जस्टिस चंद्रशेखर के चाचा युगल किशोर सिंह इस मौके पर गांव में मौजूद थे और वे अत्यंत भावुक व गौरवान्वित नजर आए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर बधाई देने आए लोगों का स्वागत किया।
पूजन-हवन और सामूहिक आनंद
जस्टिस चंद्रशेखर के पैतृक घर के सामने स्थित मंदिर में एक भव्य पूजन-हवन का आयोजन किया गया। गांव के पुरोहितों और बुजुर्गों ने मंत्रोच्चार के साथ हवन संपन्न कराया और उनके उज्ज्वल भविष्य तथा दीर्घायु होने की कामना की। पूजा के बाद पूरे गांव में बड़े पैमाने पर मिठाइयाँ वितरित की गईं।
इस अवसर पर मुकेश कुमार सिंह, निरंजन कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह, रामबाबू सिंह, सोनू प्रताप सिंह, अनिल साह और मच्छु पासवान सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
परिवार की पृष्ठभूमि और संस्कार
गांव के बुजुर्गों के अनुसार जस्टिस चंद्रशेखर के पिता श्याम किशोर एक सम्मानित सेवानिवृत्त अभियंता हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को सदैव उच्च शिक्षा और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा दी। ग्रामीणों का कहना है कि जस्टिस चंद्रशेखर ने अपनी ईमानदारी और अथक परिश्रम से न्यायपालिका के सर्वोच्च शिखर तक पहुँचकर पूरे मुजफ्फरपुर का नाम देशभर में रोशन किया है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार से न्यायिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में उभरती प्रतिभाओं पर देशभर की नजर है। जस्टिस चंद्रशेखर का परिवार अब गांव से बाहर रहता है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार उनका चैनपुर की मिट्टी से जुड़ाव आज भी उतना ही गहरा है।
ग्रामीणों की भावना
चैनपुर के निवासियों ने कहा कि उनके गांव का बेटा अब देश की सर्वोच्च अदालत में न्याय की आसंदी पर विराजमान होगा — यह उनके लिए सबसे बड़े सौभाग्य की बात है। गांव के लोग इस उपलब्धि को केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जीत मान रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय में जस्टिस चंद्रशेखर की नियुक्ति से बिहार की न्यायिक प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली है, और आने वाले समय में उनके फैसलों पर देश की नजर रहेगी।