6 अक्टूबर 2026
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काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव पर हमला: भारत की कड़ी निंदा, तीनों भारतीय नाविक सुरक्षित

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काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव पर हमला: भारत की कड़ी निंदा, तीनों भारतीय नाविक सुरक्षित

सारांश

काला सागर में वाणिज्यिक जहाज एमवी रोयाद मम्मादोव पर हुए हमले में दो नाविकों की मौत हो गई और तीन भारतीय घायल हुए — जिन्हें रोमानियाई तटरक्षक दल ने बचाया। भारत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा और कूटनीति का आह्वान किया। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने रूस को जिम्मेदार ठहराया है।

मुख्य बातें

काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव पर हुए हमले में 2 विदेशी नाविकों की मौत और कई चालक दल सदस्य घायल हुए।
तीनों भारतीय नाविक सुरक्षित हैं; रोमानियाई तटरक्षक दल ने बचाया, रोमानिया के अस्पताल में उपचार जारी।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने 6 अक्टूबर 2026 को हमले की निंदा करते हुए संवाद और कूटनीति का आह्वान किया।
जहाज यूक्रेन के इज़मेल से इटली के रावेना की ओर मक्का लेकर जा रहा था।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हमले का जिम्मेदार रूस को ठहराया।
भारत ने सितंबर 2026 में लाइबेरिया के साथ मिलकर 25 देशों के 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स' की स्थापना की थी।

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने 7 अक्टूबर 2026 को काला सागर में वाणिज्यिक जहाज एमवी रोयाद मम्मादोव पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और रोमानिया के तटरक्षक दल का आभार व्यक्त किया, जिसने जहाज पर सवार तीन भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया। इस हमले में दो विदेशी नाविकों की मृत्यु हो गई और कई अन्य चालक दल के सदस्य घायल हुए।

हमले का घटनाक्रम

सोमवार, 6 अक्टूबर 2026 को काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव जहाज पर हमला हुआ। यह जहाज यूक्रेन के इज़मेल बंदरगाह से इटली के रावेना बंदरगाह की ओर मक्के का माल लेकर जा रहा था। जहाज पर अज़रबैजानी और भारतीय नागरिक सवार थे। हमले में दो विदेशी नाविकों की मौत हो गई, जबकि तीन भारतीयों सहित कई चालक दल के सदस्य घायल हो गए।

रोमानियाई तटरक्षक दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायल नाविकों को बचाया। भारतीय दूतावास ने घटना के तुरंत बाद पुष्टि की कि तीनों भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और रोमानिया के अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।

भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'हम काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव पर हुए हमले की निंदा करते हैं, जिसमें दो विदेशी नाविक मारे गए और तीन भारतीयों समेत चालक दल के कुछ सदस्य घायल हो गए। घायलों को रोमानियाई अधिकारियों ने बचा लिया और उनका रखरखाव किया जा रहा है।' मंत्रालय ने यह भी कहा, 'हम इस घटना में त्वरित कार्रवाई के लिए रोमानियाई अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।'

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमलों को अत्यंत गंभीरता से लेता है। बयान में कहा गया, 'अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में यातायात को निशाना बनाना वैश्विक वाणिज्य और दुनिया भर के लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है। हम अपील करेंगे कि संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए करें।'

भारत की समुद्री सुरक्षा पहल की पृष्ठभूमि

यह घटना ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक समुद्री सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विदेश मंत्रालय ने रेखांकित किया कि भारत ने सितंबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान लाइबेरिया के साथ मिलकर 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स' की स्थापना की थी। इस बहुपक्षीय समूह में 25 देश शामिल हैं।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में काला सागर और लाल सागर दोनों क्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएँ बढ़ी हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और समुद्री व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं। भारत, जो एक प्रमुख समुद्री व्यापार राष्ट्र है, इन जलमार्गों की सुरक्षा में सीधी रुचि रखता है।

जेलेंस्की का रूस पर आरोप

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस हमले का जिम्मेदार रूस को ठहराया। ज़ेलेंस्की ने बताया कि जहाज पर अज़रबैजानी और भारतीय नागरिक सवार थे और जहाज इज़मेल से रावेना की ओर मक्का लेकर जा रहा था। रूस की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल नहीं आई।

आगे की स्थिति

फिलहाल तीनों भारतीय नाविक रोमानिया के अस्पताल में चिकित्साधीन हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। भारतीय दूतावास उनके सम्पर्क में है। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ और राजनयिक हलकों में इस हमले की जाँच तथा भविष्य में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा के उपायों पर विचार-विमर्श जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अब भारतीय नाविकों तक पहुँच चुका है। भारत का 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' जैसे बहुपक्षीय मंच बनाना सही दिशा में कदम है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह समूह सक्रिय निरोधक भूमिका निभा सकता है या केवल कूटनीतिक आह्वान तक सीमित रहेगा। भारत ने रूस की न सीधे आलोचना की, न यूक्रेन का पक्ष लिया — यह रणनीतिक संतुलन राजनयिक दृष्टि से समझ में आता है, किंतु जब भारतीय नाविकों की जान खतरे में पड़े तो इस मौन की सीमाएँ भी स्पष्ट होती हैं।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमवी रोयाद मम्मादोव जहाज पर हमला कहाँ और कब हुआ?
यह हमला 6 अक्टूबर 2026 को काला सागर में हुआ, जब जहाज यूक्रेन के इज़मेल बंदरगाह से इटली के रावेना की ओर मक्का लेकर जा रहा था। हमले में दो विदेशी नाविकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए।
क्या जहाज पर सवार तीनों भारतीय नाविक सुरक्षित हैं?
हाँ, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि तीनों भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। रोमानियाई तटरक्षक दल ने उन्हें बचाया और वर्तमान में रोमानिया के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
भारत ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा की और रोमानियाई अधिकारियों का आभार जताया। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को निशाना बनाना वैश्विक व्यापार और मानव सुरक्षा के लिए खतरा है और संघर्षों को संवाद एवं कूटनीति से सुलझाने की अपील की।
इस हमले का जिम्मेदार किसे माना जा रहा है?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस हमले का जिम्मेदार रूस को ठहराया है। रूस की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
भारत का 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स' क्या है?
यह एक बहुपक्षीय समूह है जिसे भारत ने सितंबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान लाइबेरिया के साथ मिलकर शुरू किया था। इसमें 25 देश शामिल हैं और इसका उद्देश्य वैश्विक समुद्री मार्गों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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