काला सागर हमला: एमवी रोयाद मम्मादोव से बचाए गए तीन भारतीयों की हालत स्थिर, दूतावास ने की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव जहाज पर हुए हमले में घायल तीनों भारतीय नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनका हाल जाना। दूतावास ने पुष्टि की कि तीनों की हालत अब स्थिर है — दो को कॉन्स्टैन्टा के एक होटल में ठहराया गया है, जबकि तीसरे का कॉन्स्टैन्टा काउंटी अस्पताल में उपचार जारी है।
दूतावास का बयान और तत्काल राहत
भारतीय दूतावास ने एक्स प्लेटफॉर्म पर तस्वीरों सहित आधिकारिक बयान जारी किया। बयान में कहा गया, 'दूतावास के प्रतिनिधि ने आज काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव से बचाए गए तीन भारतीय नागरिकों से मुलाकात की। दो को फिलहाल एक होटल में ठहराया गया है, जबकि तीसरे व्यक्ति का कॉन्स्टैन्टा के काउंटी अस्पताल में इलाज चल रहा है। तीनों की हालत स्थिर है।'
दूतावास ने तीनों नागरिकों को रोमानिया से उनके सुरक्षित और शीघ्र प्रस्थान के लिए सभी आवश्यक सहायता देने का आश्वासन दिया। मोबाइल फोन सहित ज़रूरी सामग्री शिपिंग कंपनी के स्थानीय एजेंट के माध्यम से, तथा भारतीय भोजन की व्यवस्था एक स्थानीय भारतीय रेस्तरां के ज़रिये की गई।
दूतावास प्रतिनिधि ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों, शिपिंग कंपनी के एजेंट और उपचार कर रहे चिकित्सकों से भी अलग-अलग मुलाकात की। दूतावास संबंधित अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है।
हमले का संदर्भ और भारत की प्रतिक्रिया
सोमवार, 6 अक्टूबर 2026 को काला सागर से गुज़र रहे वाणिज्यिक जहाज एमवी रोयाद मम्मादोव पर हुए हमले में दो विदेशी नाविकों की मौत हो गई और तीन भारतीयों समेत कई चालक दल सदस्य घायल हो गए। जहाज में मक्का लदा था और वह यूक्रेन के इजमेल बंदरगाह से इटली के रावेना बंदरगाह की ओर जा रहा था।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को जारी बयान में इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। बयान में कहा गया, 'हम काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव पर हुए हमले की निंदा करते हैं, जिसमें दो विदेशी नाविक मारे गए और तीन भारतीयों समेत चालक दल के कुछ सदस्य घायल हो गए।' मंत्रालय ने रोमानियाई अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार भी व्यक्त किया।
जेलेंस्की का रूस पर आरोप
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस हमले की जिम्मेदारी रूस पर डाली। हालाँकि, स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब काला सागर में वाणिज्यिक जहाज़रानी को लेकर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है और अनाज व खाद्य-आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा वैश्विक चिंता का विषय बनी हुई है।
भारत की वैश्विक नाविक सुरक्षा पहल
गौरतलब है कि भारत ने सितंबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान लाइबेरिया के साथ मिलकर 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स' की शुरुआत की थी, जिसमें अब तक 25 देश शामिल हो चुके हैं। काला सागर में यह ताज़ा हमला उस पहल की प्रासंगिकता को और भी रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में तीनों भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया दूतावास और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से पूरी की जाएगी।