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केमिकल टैंकर 'यारा जे' के 9 भारतीय नाविक सुरक्षित, रोमानिया के कॉन्स्टान्ता बंदरगाह पहुँचा जहाज

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केमिकल टैंकर 'यारा जे' के 9 भारतीय नाविक सुरक्षित, रोमानिया के कॉन्स्टान्ता बंदरगाह पहुँचा जहाज

सारांश

काला सागर में बढ़ते खतरों के बीच राहत की खबर — केमिकल टैंकर 'यारा जे' के सभी 9 भारतीय नाविक सुरक्षित रोमानिया पहुँचे। साथ ही, 'एमवी रोयाद मम्मादोव' हमले से बचाए गए तीन भारतीय नागरिक स्वदेश रवाना। दूतावास और रोमानियाई अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही।

मुख्य बातें

केमिकल टैंकर 'यारा जे' (IMO: 9221803) पर सवार सभी 9 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं; जहाज कॉन्स्टान्ता बंदरगाह, रोमानिया पहुँचा।
रोमानिया में भारतीय राजदूत मनोज महापात्रा ने SAR रोमानिया, MRCC कॉन्स्टान्ता और जहाज के CSO से बातचीत कर स्थिति की पुष्टि की।
काला सागर में 'एमवी रोयाद मम्मादोव' हमले से 6 अक्टूबर को बचाए गए साहिल संधू, अश्विनी कुमार और हरमन सिंह भारत के लिए रवाना हो गए।
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने काला सागर में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को शिपिंग और नाविकों की जान के लिए गंभीर खतरा बताया था।
भारत ने तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति की अपील की है।

केमिकल टैंकर 'यारा जे' पर सवार सभी नौ भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और यह जहाज रोमानिया के कॉन्स्टान्ता बंदरगाह पर पहुँच गया है। बुखारेस्ट स्थित भारतीय दूतावास ने 17 अक्टूबर को यह जानकारी दी, जिसकी पुष्टि रोमानिया में भारत के राजदूत मनोज महापात्रा ने रोमानियाई अधिकारियों और टैंकर के कंपनी सुरक्षा अधिकारी (CSO) से बातचीत के बाद की।

राजदूत ने की पुष्टि, दिलाया सरकार का भरोसा

दूतावास ने एक्स पर जारी पोस्ट में बताया कि राजदूत मनोज महापात्रा ने SAR रोमानिया और MRCC कॉन्स्टान्ता सहित रोमानियाई अधिकारियों के साथ-साथ केमिकल टैंकर 'यारा जे' (IMO: 9221803) के CSO से सीधी बात की। दूतावास के अनुसार, राजदूत ने नाविकों को भारत सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

यह ऐसे समय में आया है जब काला सागर (ब्लैक सी) क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता गहराती जा रही है। गौरतलब है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर दूतावास लगातार सक्रिय रहा है।

काला सागर हमले से बचाए गए तीन भारतीय स्वदेश रवाना

दूतावास ने यह भी बताया कि पिछले सप्ताह काला सागर में हमले का शिकार हुए व्यावसायिक जहाज 'एमवी रोयाद मम्मादोव' से बचाए गए तीन भारतीय नागरिक — साहिल संधू, अश्विनी कुमार और हरमन सिंह — रोमानिया से भारत के लिए रवाना हो गए हैं। इन तीनों को 6 अक्टूबर को जहाज से बचाया गया था।

दूतावास ने उनकी वापसी को सुगम बनाने में हर आवश्यक सहायता प्रदान की। साथ ही, कॉन्स्टान्ता काउंटी अस्पताल, रोमानियाई बचाव दलों और रोमानियाई अधिकारियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया।

भारत ने की थी काला सागर हमलों की निंदा

7 अक्टूबर को, यानी बचाव अभियान के अगले ही दिन, भारत ने काला सागर क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की थी। नई दिल्ली में एक नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि व्यावसायिक जहाजों पर हमले न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक शिपिंग के लिए गंभीर खतरा हैं, बल्कि इनसे नाविकों की जान भी सीधे जोखिम में पड़ जाती है।

भारत ने तनाव कम करने और क्षेत्र में शीघ्र शांति बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील भी की थी।

आम जनता और नाविक परिवारों पर असर

काला सागर में बढ़ती अस्थिरता के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा बन गई है। हज़ारों भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक जहाजों पर कार्यरत हैं और उनके परिवार इस तरह की खबरों पर गहरी नज़र रखते हैं। दूतावास की त्वरित कार्रवाई और रोमानियाई अधिकारियों के सहयोग से इस बार सभी नाविक सकुशल लौटने में सफल रहे।

आगे क्या होगा

भारतीय दूतावास काला सागर क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए है। राजदूत मनोज महापात्रा ने संकेत दिया है कि भारत सरकार इस क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रोमानियाई और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय जारी रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ संघर्षरत क्षेत्रों में तटस्थता बनाए रखने की परंपरागत विदेश नीति। बुखारेस्ट दूतावास की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत काला सागर में नाविकों की सुरक्षा के लिए कोई दीर्घकालिक नीतिगत ढाँचा तैयार करेगा या हर घटना पर प्रतिक्रियात्मक कूटनीति ही पर्याप्त मानी जाती रहेगी। MEA की निंदा और संवाद की अपील सही दिशा में है, पर जब तक क्षेत्र में संघर्ष जारी है, भारतीय नाविकों का जोखिम बना रहेगा।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केमिकल टैंकर 'यारा जे' पर सवार भारतीय नाविकों की स्थिति क्या है?
केमिकल टैंकर 'यारा जे' पर सवार सभी 9 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और जहाज रोमानिया के कॉन्स्टान्ता बंदरगाह पर पहुँच गया है। इसकी पुष्टि 17 अक्टूबर को बुखारेस्ट स्थित भारतीय दूतावास ने की।
'एमवी रोयाद मम्मादोव' से बचाए गए भारतीय नागरिक कौन हैं?
काला सागर में हमले का शिकार हुए 'एमवी रोयाद मम्मादोव' से 6 अक्टूबर को बचाए गए तीन भारतीय नागरिकों के नाम साहिल संधू, अश्विनी कुमार और हरमन सिंह हैं। ये तीनों रोमानिया से भारत के लिए रवाना हो गए हैं।
भारत ने काला सागर में जहाजों पर हमलों पर क्या रुख अपनाया है?
भारत ने काला सागर क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की है। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये हमले व्यापारिक शिपिंग और नाविकों की जान के लिए गंभीर खतरा हैं, और भारत ने संवाद व कूटनीति के ज़रिए तनाव कम करने की अपील की है।
रोमानिया में भारतीय दूतावास ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
राजदूत मनोज महापात्रा ने SAR रोमानिया, MRCC कॉन्स्टान्ता और जहाज के CSO से सीधी बातचीत कर नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की। दूतावास ने बचाए गए तीनों भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी में भी हर ज़रूरी सहायता प्रदान की।
काला सागर में भारतीय नाविकों के लिए खतरा क्यों बढ़ा है?
काला सागर क्षेत्र में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और सशस्त्र संघर्ष के कारण व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की घटनाएँ बढ़ी हैं। हज़ारों भारतीय नाविक अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर कार्यरत हैं, जिससे यह क्षेत्र उनके लिए जोखिमपूर्ण बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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