उत्तरकाशी: कालिंदी पास समेत 5 हिमालयी क्षेत्रों से 67 ट्रेकर्स-पोर्टर्स को डेढ़ दिन में सुरक्षित निकाला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 29 सितंबर 2026 को भारी बर्फबारी और विकट मौसम के बीच फंसे 67 ट्रेकर्स, पोर्टर्स और सपोर्ट स्टाफ को मात्र डेढ़ दिन में सुरक्षित निचले क्षेत्रों तक पहुँचाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग ने संयुक्त रूप से यह रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
रेस्क्यू अभियान का विस्तार
यह अभियान कालिंदी पास बेस, ऑडिन कोल बेस, सतोपंथ बेस, जोगिन-1 पास बेस और वासुकी ताल — इन पाँच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एक साथ संचालित किया गया। प्रशासन के अनुसार ऑडिन कोल पास से सर्वाधिक 29 सदस्य, कालिंदी पास क्षेत्र से 19, जोगिन-1 क्षेत्र से 8, सतोपंथ क्षेत्र से 8 और वासुकी ताल से 3 आर्मी पोर्टर्स को सुरक्षित निकाला गया।
प्रशासनिक समन्वय और निगरानी
अभियान के पहले दिन जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्वयं हर्षिल पहुँचकर रेस्क्यू कार्यों की निगरानी करते रहे। सायंकाल स्मार्ट कंट्रोल रूम से अभियान की प्रगति पर निरंतर नज़र रखी गई। दूसरे दिन भी जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम से ऑपरेशन की मॉनिटरिंग जारी रखी और संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र पूरे अभियान के दौरान हर्षिल में मौजूद रहीं। जिलाधिकारी आर्य ने कहा, 'विषम मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सभी एजेंसियों ने समन्वय और तत्परता के साथ कार्य किया।'
कौन-से दल अभी भी क्षेत्र में
प्रशासन के अनुसार श्रीकंठ एक्सपीडिशन पर गए 18 सदस्यीय एसएसबी दल ने अपना अभियान जारी रखने की इच्छा जताई है। इसके अलावा सुदर्शन पीक के 12 सदस्य, भागीरथी-2 (आर्मी) के 20 सदस्य, भागीरथी-2 अभियान के 9 सदस्य तथा शिवलिंग अभियान के 7 और 5 सदस्यीय दल सुरक्षित रूप से स्वयं वापस लौट रहे हैं।
आम जनता और पर्वतारोहियों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब सितंबर-अक्टूबर का मौसम उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अभियानों का चरम काल माना जाता है। भारी बर्फबारी से ट्रेकिंग रूट अवरुद्ध होने पर फंसे लोगों की तेज़ वापसी इस रेस्क्यू अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में भी इन्हीं क्षेत्रों में मौसम की अचानक बदलाव के कारण कई रेस्क्यू अभियान चलाए जा चुके हैं।
आगे क्या
जिला प्रशासन ने क्षेत्र में बने मौसम के मद्देनज़र उच्च हिमालयी अभियानों पर जाने वाले दलों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देशन में प्रशासन की निगरानी अभी भी जारी है।