नारायणपुर जलाशय से तेलंगाना को पानी छोड़ने पर BJP का विरोध, विजयेंद्र ने कांग्रेस पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक बीवाई विजयेंद्र ने 9 अक्टूबर 2026 को विजयपुरा में मीडिया से बात करते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार पर नारायणपुर जलाशय से तेलंगाना को कथित तौर पर लगभग दो टीएमसी पानी छोड़े जाने को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कर्नाटक के कई हिस्सों में किसान और आम नागरिक पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं, तब यह निर्णय किस आधार पर लिया गया।
पानी छोड़ने पर विरोध और सवाल
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य के हितों पर पर्याप्त विचार किए बिना यह कदम उठाया गया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या तेलंगाना में भी कांग्रेस की सरकार होने के कारण कर्नाटक के किसानों के हितों से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि पानी छोड़ने की अनुमति किसने दी और यह निर्णय किस आधार पर हुआ।
गौरतलब है कि कर्नाटक के कई क्षेत्रों में मनुष्यों और पशुओं के लिए पेयजल की उपलब्धता पहले से ही चिंताजनक स्तर पर बताई जा रही है। विजयेंद्र ने सरकार से मांग की कि वह इस मसले पर पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करे और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।
मतदाता सूची संशोधन और एफआईआर विवाद
विजयेंद्र ने एक अन्य मुद्दे पर भी कांग्रेस सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के तहत फॉर्म-7 आवेदन जमा करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है।
उनका कहना था कि चुनाव आयोग के नियमों के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया से जमा किए गए आवेदनों को राजनीतिक कारणों से आपराधिक कृत्य नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा ऐसी किसी भी कार्रवाई से नहीं डरेगी और जनता खुद कांग्रेस की विफलताओं का हिसाब माँगेगी।
सरकार की वित्तीय स्थिति पर सवाल
विजयेंद्र ने कर्नाटक कांग्रेस सरकार की वित्तीय स्थिति पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के लिए धन जुटाने में संघर्ष कर रही है, जिसका सीधा असर गरीब वर्गों को मिलने वाले लाभों पर पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार की कथित विफलताओं के उदाहरण के रूप में बीपीएल राशन कार्डों को रद्द किए जाने, विकलांगता पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों में देरी, दूध उत्पादकों के लंबित प्रोत्साहन, और पात्र गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने में अपर्याप्त प्रगति का हवाला दिया। उन्होंने दक्षिण कन्नड़ में ₹32,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की घोषणा के बाद उभरी वित्तीय चिंताओं का भी उल्लेख किया और सवाल किया कि क्या इन परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय व्यवस्था पहले से की गई थी।
केएसआरटीसी पर वित्तीय दबाव
भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) को लंबित भुगतान नहीं किया है, जिससे निगम पर वित्तीय बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि निगम पर ईंधन आपूर्तिकर्ताओं का बकाया जमा हो गया है, जिससे बस सेवाओं और यात्री परिवहन के सामने भी संकट खड़ा होने की आशंका है।
सरकारी प्रतिक्रिया और आगे की राह
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे राजनीतिक दबाव से ध्यान हटाने के लिए विपक्ष को दोष देने की बजाय सुशासन पर ध्यान केंद्रित करें। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में अंतर-राज्यीय जल विवाद और सरकारी खर्चों को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। आने वाले दिनों में सत्तारूढ़ दल की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी।