डीके शिवकुमार ने 10 जनपथ पर सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी से की मुलाकात; मंत्रिमंडल असंतोष के बीच दिल्ली दौरा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार, 10 जून को नई दिल्ली में 10 जनपथ स्थित आवास पर वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह उनकी 10 जनपथ की पहली यात्रा थी। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब कर्नाटक के नवगठित मंत्रिमंडल में विभागों के बँटवारे को लेकर कई मंत्रियों में असंतोष की खबरें सामने आई हैं।
मुलाकात में क्या हुई चर्चा
बैठक के दौरान शिवकुमार ने कांग्रेस नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया और पार्टी तथा शासन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक से संबंधित संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ पार्टी की भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
कांग्रेस के युवा एवं महिला संगठनों का दौरा
इससे पहले शिवकुमार ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला कांग्रेस कार्यालय का शिष्टाचार दौरा किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा, महासचिव कमलाक्षी राजन्ना और शिल्पी अरोरा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके बाद उन्होंने भारतीय युवा कांग्रेस कार्यालय का दौरा किया, जहाँ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव बीवी श्रीनिवास, भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब, कर्नाटक युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मंजुनाथ गौड़ा, एमएलसी बसनागौड़ा बदरली, इनायत अली और नागेश करियप्पा समेत कई नेता मौजूद थे। शिवकुमार ने राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) कार्यालय का भी दौरा किया, जहाँ एनएसयूआई के राष्ट्रीय महासचिव कुणाल शरवत और कर्नाटक एनएसयूआई की अध्यक्ष कीर्ति गणेश उपस्थित थीं।
भूपेश बघेल से भी हुई मुलाकात
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन में शिवकुमार से मुलाकात की। यह भेंट भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी, क्योंकि बघेल स्वयं अपनी पार्टी में कठिन दौर से गुज़रे हैं।
मंत्रिमंडल असंतोष की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि शिवकुमार का यह दिल्ली दौरा कर्नाटक में मंत्री पदों और विभागों के आवंटन को लेकर उभरे असंतोष के बीच हुआ। कई मंत्रियों ने कथित तौर पर अपनी नाराज़गी जताई है, जिसके बाद उच्च कमान से सीधे संवाद को ज़रूरी माना गया। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में नई सरकार अभी अपने शुरुआती महीनों में है और आंतरिक समन्वय की परीक्षा हो रही है।
आगे क्या
उच्च कमान के साथ इस बैठक के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कर्नाटक मंत्रिमंडल में विभागों के पुनर्वितरण या किसी फेरबदल की संभावना बनती है या नहीं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।