4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या कर्नाटक में सियासी अटकलों के बीच खड़गे के साथ नजर आए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या कर्नाटक में सियासी अटकलों के बीच खड़गे के साथ नजर आए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार?

सारांश

क्या कर्नाटक में कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर उठापटक के बीच डिप्टी सीएम ने खड़गे के साथ यात्रा की? जानिए इस सियासी हलचल के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर असमंजस जारी है।
डीके शिवकुमार की खड़गे के साथ एयरपोर्ट पर मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दिया।
सिद्धारमैया का रुख नरम होना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।
राजनीतिक तनाव को कम करने की कोशिशें जारी हैं।
दिल्ली में खड़गे और राहुल गांधी के बीच बातचीत की संभावना है।

बेंगलुरु, 25 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की नेतृत्व को लेकर उठापटक जारी है। इसी बीच, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ उनकी कार में बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिखाई दिए।

कांग्रेस अध्यक्ष अब दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। आशा है कि वह कर्नाटक कांग्रेस में चल रहे संकट पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बातचीत करेंगे। रविवार को, खड़गे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात कर लंबी चर्चा की थी।

जब मीडिया ने शिवकुमार से पूछा कि जब खड़गे बेंगलुरु में थे, तो वह उनसे क्यों नहीं मिले, तो उन्होंने उत्तर दिया, "मैं उनसे परसों दिल्ली में मिला था। क्या उनसे बार-बार मिलना उचित है? मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहता। अगर मुझे उनसे मिलने की आवश्यकता पड़ी, तो मैं उनका समय लूंगा।"

खड़गे के साथ एयरपोर्ट जाना उनके फैसले ने नई अटकलों को जन्म दिया है, जहां उन्हें कम से कम 45 मिनट का वन-ऑन-वन समय मिल सकता था।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, जिन्होंने पहले कहा था कि वह पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, खड़गे से मिलने के बाद अपने रुख को नरम करते दिखाई दिए। उन्होंने बाद में कहा कि वह मुख्यमंत्री तभी बने रहेंगे जब हाईकमान चाहेगा, यह बदलाव शिवकुमार के लिए एक लाभ के रूप में देखा जा रहा है।

इस बीच, सिद्धारमैया ने ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज से भी मुलाकात की, जिन्हें सोनिया गांधी का करीबी माना जाता है और अपनी चिंताएं बताईं।

वहीं, शिवकुमार ने राजनीतिक तनाव को कम करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया का निर्णय 'आखिरी' होता है और उन्हें पार्टी के लिए 'एक बड़ा एसेट' बताया है। उन्होंने अपने कैंप के विधायक के दिल्ली दौरे का भी समर्थन किया है, साथ ही इस बात पर भी जोर दिया है कि सिद्धारमैया के कैंप के मंत्री और विधायक भी दिल्ली आ रहे हैं।

दिल्ली पहुंचने के बाद, खड़गे के राहुल गांधी के साथ राजनीतिक संकट पर चर्चा करने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पार्टी के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। नेताओं के बीच संवाद की आवश्यकता है ताकि पार्टी की एकता बनी रहे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीके शिवकुमार और खड़गे की मुलाकात का क्या महत्व है?
यह मुलाकात कर्नाटक में कांग्रेस के नेतृत्व के संकट को सुलझाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सिद्धारमैया का रुख क्यों बदला?
सिद्धारमैया ने खड़गे से मुलाकात के बाद अपने रुख को नरम किया है, जो उनके नेतृत्व के संकट को दर्शाता है।
क्या खड़गे और राहुल गांधी के बीच बातचीत होगी?
हां, खड़गे दिल्ली पहुंचने के बाद राहुल गांधी से राजनीतिक संकट पर बातचीत कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले