चिक्कबल्लापुर आतंकी साजिश: कर्नाटक पुलिस ने 2 गिरफ्तार, BJP नेताओं को मिलने चाहिए सुरक्षा — अशोक
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक पुलिस ने 25 सितंबर 2026 को चिक्कबल्लापुर में टेलीग्राम पर कथित आतंकी गतिविधियों की चर्चा के सिलसिले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान चिक्कबल्लापुर के बापूजीनगर निवासी शब्बीर और उत्तर भारत के रहने वाले सलमान के रूप में की गई है। इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने तीन BJP नेताओं की तत्काल सुरक्षा की माँग की है।
गिरफ्तारी का आधार
चिक्कबल्लापुर नगर पुलिस को एक टेलीग्राम ग्रुप में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की कथित चर्चा की जानकारी मिली, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर उस टेलीग्राम ग्रुप में भाग लिया था जहाँ आतंकी हमलों की योजनाओं पर चर्चा होती थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 113 के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
रिपोर्टों के अनुसार, शब्बीर लगभग चार महीने पहले उक्त टेलीग्राम ग्रुप में शामिल हुआ था। जाँचकर्ता इस आरोप की भी पड़ताल कर रहे हैं कि ग्रुप के प्रशासक ने एक निश्चित अवधि के बाद सदस्यों को हथियार प्रशिक्षण देने का वादा किया था।
BJP का बयान और सुरक्षा माँग
गिरफ्तारियों पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के नेता आर. अशोक ने दावा किया कि चार आतंकवादियों के एक कथित गिरोह ने BJP विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल, पूर्व BJP सांसद प्रताप सिम्हा और BJP एमएलसी सीटी रवि की हत्या की योजना बनाई थी। अशोक ने कहा कि इन चारों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अशोक ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि इन तीनों नेताओं को तुरंत सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसे तत्वों की संख्या में वृद्धि हुई है। हालाँकि, पुलिस ने अब तक कथित लक्ष्यों और इसमें शामिल लोगों की संख्या के बारे में अशोक के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
जाँच का दायरा
जाँचकर्ता अब टेलीग्राम ग्रुप की बातचीत, उसके सदस्यों और उनके संभावित संबंधों की विस्तृत छानबीन कर रहे हैं। पुलिस शब्बीर के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जाँच कर रही है, और ग्रुप के अन्य सदस्यों की पहचान एवं ठिकाने का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस उन आरोपों की भी जाँच कर रही है कि ग्रुप में आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए धनी व्यक्तियों के अपहरण पर भी चर्चा हुई थी। यह स्पष्ट नहीं है कि क्या इन चर्चाओं के परिणामस्वरूप कोई ठोस तैयारी हुई थी — यह जाँच का विषय है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यतनाल, प्रताप सिम्हा और सीटी रवि तीनों अपने कट्टर हिंदुत्ववादी रुख के लिए जाने जाते हैं और अतीत में भी विवादास्पद बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BJP के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है।
आगे की जाँच के नतीजे और पुलिस की पुष्टि यह तय करेगी कि यह मामला कितना व्यापक है। फ़िलहाल जाँच एजेंसियाँ डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क का पूरा खाका तैयार करने में लगी हैं।