क्या 'आप' गोवा में कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी? केजरीवाल का बयान

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क्या 'आप' गोवा में कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी? केजरीवाल का बयान

सारांश

गोवा में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से साफ मना कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस की विफलताओं का उल्लेख करते हुए एक नई राजनीतिक व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया है। जानिए उनके बयान की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

आप की कांग्रेस से गठबंधन नहीं करने की घोषणा कांग्रेस की विफलताओं पर केजरीवाल का बयान नई राजनीतिक व्यवस्था की आवश्यकता का जिक्र

गोवा, ४ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को २०२७ के गोवा विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ किसी भी प्रकार के गठबंधन से इनकार किया। केजरीवाल ने स्पष्ट किया, ‘‘किसी भी परिस्थिति में कांग्रेस के साथ 'आप' गठबंधन नहीं करेगी।’’

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उन दावों को खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा था कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि गोवा के लोगों को सबसे ज्यादा कांग्रेस ने निराश किया और धोखा दिया है। कांग्रेस पिछले कुछ वर्षों में भाजपा को विधायकों की थोक आपूर्ति करने वाली कंपनी बन गई है। क्या कांग्रेस गोवा के मतदाताओं को यह आश्वासन दे सकती है कि भविष्य में कोई भी पार्टी विधायक भाजपा में शामिल नहीं होगा?

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "२०१७ और २०१९ के बीच कम से कम १३ कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो गए। २०२२ में, १० कांग्रेस विधायक पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो गए।"

उन्होंने कहा कि अगर 'आप' कांग्रेस के साथ गठबंधन करती हैं, तो यह भाजपा को विधायक मुहैया कराने के बराबर होगा। हम ऐसी किसी भी कवायद का हिस्सा नहीं बनना चाहते, जिससे गोवा में भाजपा सरकार बनने में मदद मिले।

केजरीवाल ने पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को खत्म करके एक नई राजनीतिक व्यवस्था पेश करने का भी संकल्प लिया।

उन्होंने कहा, "यह भाजपा और कांग्रेस से जुड़ी एक सड़ी-गली राजनीतिक व्यवस्था है। अब समय आ गया है कि इस व्यवस्था को उखाड़ फेंका जाए और गोवावासियों को एक नया विकल्प दिया जाए।"

उन्होंने पहले आरोप लगाया था कि राज्य के संसाधन चुनिंदा १३-१४ राजनीतिक परिवारों के नियंत्रण में हैं, जो सत्ता में बने रहने, राज्य को लूटने और स्विस बैंकों में धन जमा करने के लिए लगातार दल बदलते रहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि गोवा की राजनीतिक स्थिति में बदलाव की आवश्यकता है। अरविंद केजरीवाल का यह कदम एक नई राजनीतिक दिशा की ओर इशारा करता है, जिसमें स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। यह भाजपा और कांग्रेस की पुरानी राजनीति से हटकर एक नया दृष्टिकोण दर्शाता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केजरीवाल ने कांग्रेस के साथ गठबंधन से क्यों इनकार किया?
केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस ने गोवा के लोगों को निराश किया है और यदि 'आप' कांग्रेस के साथ गठबंधन करती है, तो यह भाजपा को विधायक मुहैया कराने के बराबर होगा।
क्या केजरीवाल ने नई राजनीतिक व्यवस्था की बात की?
हाँ, उन्होंने पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को खत्म करके एक नई राजनीतिक व्यवस्था पेश करने का संकल्प लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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