भारत में 14 साल की लड़कियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत, गार्डासिल-4 वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध

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भारत में 14 साल की लड़कियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत, गार्डासिल-4 वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध

सारांश

भारत सरकार ने 14 साल की लड़कियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया है। यह अभियान गार्डासिल-4 वैक्सीन को मुफ्त में उपलब्ध कराता है। जानिए इस अभियान के बारे में और इसके महत्व के बारे में।

मुख्य बातें

एचपीवी टीकाकरण का महत्व गार्डासिल-4 वैक्सीन का मुफ्त वितरण स्वास्थ्य केंद्रों पर पंजीकरण की प्रक्रिया सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम माता-पिता की सहमति की आवश्यकता

नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत सरकार ने मानव पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण योजना को सशक्त करने और नैतिकता तथा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति की ७२वीं रिपोर्ट की अनुशंसाओं के आधार पर सुधार किए गए हैं, जैसा कि समिति ने अपनी ८१वीं रिपोर्ट में उल्लेख किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी प्रदान की।

पिछले एक दशक में, सरकार ने स्वास्थ्य अनुसंधान के नियामक ढांचे को मज़बूत किया है। २०१९ में लागू 'नई दवाएं और क्लिनिकल परीक्षण नियम' (एनडीसीटीआर) ने क्लिनिकल परीक्षणों और नई दवाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया है। नैतिक समितियों का स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) के साथ पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। डीएचआर और सीडीएससीओ ने 'नैतिक' और 'सुगम' पोर्टल की शुरुआत की है, जहां सभी नैतिक समितियों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है।

क्लिनिकल परीक्षणों का पंजीकरण पहले प्रतिभागी के नामांकन से पूर्व सीटीआरआई पोर्टल पर अनिवार्य है। आईसीएमआर ने २०१७ में बायोमेडिकल और स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय नैतिक दिशानिर्देशों को अद्यतन किया, जिसमें कमजोर वर्गों की सुरक्षा, वैज्ञानिक वैधता, जोखिम न्यूनीकरण, सुरक्षा निगरानी और फॉलो-अप पर ध्यान केंद्रित किया गया। अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए स्क्रीनिंग समिति की एसओपी में भी संशोधन किया गया है।

इन सुधारों के साथ, १४ वर्ष की लड़कियों के लिए राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान २८ फरवरी २०२६ को आरंभ किया गया। यह अभियान डब्ल्यूएचओ, एसएजीई, आईसीएमआर और एनटीएजीआई की अनुशंसाओं पर आधारित है। सभी ३६ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चिकित्सा और पैरामेडिकल कर्मचारियों को व्यापक प्रशिक्षण दिया गया है।

गार्डासिल-४ वैक्सीन की एकल-खुराक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), उप-जिला/जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त उपलब्ध है। टीकाकरण चिकित्सा अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाता है और सभी केंद्र २४x७ एईएफआई (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटनाओं) प्रबंधन से जुड़े हैं। टीकाकरण स्वैच्छिक है, लेकिन माता-पिता की लिखित सहमति अनिवार्य है। लाभार्थी यू-डब्ल्यूआईएन प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करा सकते हैं।

यह अभियान सर्वाइकल कैंसर जैसी एचपीवी से संबंधित बीमारियों को रोकने में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह युवा लड़कियों की भलाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। एचपीवी से संबंधित बीमारियों की रोकथाम के लिए यह टीकाकरण अत्यधिक आवश्यक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एचपीवी टीकाकरण अभियान का लक्ष्य क्या है?
इस अभियान का लक्ष्य 14 साल की लड़कियों को एचपीवी से संबंधित बीमारियों से बचाना है।
गार्डासिल-4 वैक्सीन कैसे प्राप्त करें?
गार्डासिल-4 वैक्सीन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त में उपलब्ध है।
क्या टीकाकरण अनिवार्य है?
टीकाकरण स्वैच्छिक है, लेकिन माता-पिता की लिखित सहमति आवश्यक है।
इस अभियान में कौन-कौन से संगठन शामिल हैं?
इसमें डब्ल्यूएचओ, एसएजीई, आईसीएमआर और एनटीएजीआई शामिल हैं।
टीकाकरण कब शुरू हुआ?
यह अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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