बिहार में उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी और तेल की समस्याओं का समाधान, कंट्रोल रूम की स्थापना
सारांश
Key Takeaways
- कंट्रोल रूम की स्थापना उपभोक्ताओं के लिए राहत का एक प्रयास है।
- एलपीजी की उपलब्धता को लेकर शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं।
- प्रशासन ने कालाबाजारी पर सख्त नज़र रखने का आश्वासन दिया है।
- उपभोक्ताओं को घबराने के बजाय कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
पटना, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में खाना पकाने की गैस की उपलब्धता को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच, बिहार के खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने तेल और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) से सम्बंधित जन शिकायतों के समाधान के लिए पटना में एक कंट्रोल रूम की स्थापना की है।
इस कंट्रोल रूम का उद्देश्य एलपीजी सिलेंडर प्राप्त करने में समस्या का सामना कर रहे उपभोक्ताओं को त्वरित सहायता प्रदान करना है।
यह कंट्रोल रूम प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहेगा, जहाँ राज्य के निवासी एलपीजी की उपलब्धता और वितरण से जुड़ी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं या जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उपभोक्ता अपनी समस्याओं को रिपोर्ट करने के लिए विभागीय कंट्रोल रूम से 0612-2233050 पर संपर्क कर सकते हैं।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वे शिकायतों का तत्काल समाधान करेंगे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय कंट्रोल रूम से संपर्क करें ताकि उनकी समस्याओं का जल्द निवारण किया जा सके।
इस बीच, पटना के जिला मजिस्ट्रेट त्यागराजन एसएम ने बताया कि जिले में एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन जमाखोरों और कालाबाजारियों पर गहरी नज़र रख रहा है।
हालांकि, कटिहार में स्थिति तनावपूर्ण दिखाई दी, जहाँ प्रशासन के पास पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं।
सिलेंडर भरवाने के लिए इंतजार कर रही एक महिला कथित तौर पर बेहोश हो गई।
अररिया में उप-मंडल मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में प्रशासन ने एक बड़ा छापा मारा और कालाबाजारी के लिए अवैध रूप से रखे गए 135 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए।
अधिकारियों ने बताया कि ये सिलेंडर एक गोदाम से बरामद हुए थे।
सासाराम में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली, जहाँ उपभोक्ता सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर जमा हो गए थे।
कई निवासियों ने बताया कि वे सुबह 5:00 बजे से ही एलपीजी सिलेंडर भरवाने के लिए कतार में खड़े थे।
कई एजेंसियों के बाहर सैकड़ों लोग सिलेंडर लेने के लिए खड़े दिखाई दिए।