9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विश्व आदिवासी दिवस पर केजरीवाल का एक्स पोस्ट: 'जल, जंगल, जमीन छीनी गई, AAP अकेली लड़ रही है'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विश्व आदिवासी दिवस पर केजरीवाल का एक्स पोस्ट: 'जल, जंगल, जमीन छीनी गई, AAP अकेली लड़ रही है'

सारांश

विश्व आदिवासी दिवस पर केजरीवाल का संदेश केवल बधाई नहीं था — यह AAP की आदिवासी राजनीति का खुला ऐलान था। जेल में बंद गुजरात विधायक चैतर वसावा का उल्लेख और BJP पर 'फर्जी केस' का आरोप बताता है कि AAP आदिवासी बहुल राज्यों में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 9 अगस्त 2026 को विश्व आदिवासी दिवस पर एक्स पोस्ट और वीडियो के ज़रिये आदिवासी समाज को बधाई दी।
केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले 75 वर्षों में आदिवासी समाज को जानबूझकर पीछे रखा गया और उनके जल, जंगल, जमीन पर 'डाका डाला गया।' AAP ने कहा कि केवल वही आदिवासी अधिकारों के लिए लड़ रही है; अन्य दलों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
गुजरात के AAP विधायक चैतर वसावा कथित तौर पर फर्जी मामले में जेल में हैं — BJP पर आरोप।
AAP ने स्पष्ट किया कि आदिवासी अधिकारों की लड़ाई से पार्टी पीछे नहीं हटेगी।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 9 अगस्त 2026 को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समुदाय को बधाई देते हुए दावा किया कि देश में आदिवासी समाज के साथ सबसे अधिक अन्याय हुआ है और केवल AAP ही उनके अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। केजरीवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट और वीडियो के ज़रिये यह संदेश दिया।

केजरीवाल का आदिवासी समाज को संदेश

केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, 'विश्व आदिवासी दिवस की पूरे आदिवासी समाज को बहुत-बहुत बधाई। देश में आदिवासी समाज के साथ ही सबसे ज़्यादा अन्याय हुआ है। दूसरी पार्टियों द्वारा आपके जल, जंगल और जमीन पर डाका डाला गया। केवल आम आदमी पार्टी ही आपके अधिकारों के लिए लड़ रही है।' उन्होंने गुजरात के AAP विधायक चैतर वसावा का उल्लेख करते हुए कहा कि वसावा इसलिए जेल में हैं क्योंकि वे आदिवासी समाज की आवाज़ उठा रहे थे।

75 वर्षों की उपेक्षा का आरोप

एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में देश की तरक्की के बावजूद आदिवासी समाज पीछे रह गया। उनके अनुसार, आदिवासी समुदाय को जानबूझकर पिछड़ा रखा गया और उनके संसाधनों — जल, जंगल और जमीन — को बड़ी कंपनियों को सौंप दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य दलों के नेताओं के भ्रष्टाचार के कारण यह हुआ।

चैतर वसावा की गिरफ्तारी पर AAP का रुख

AAP के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया कि गुजरात के AAP विधायक चैतर वसावा को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कथित तौर पर फर्जी मामले में जेल में डलवाया, क्योंकि वे आदिवासी समाज के हक की लड़ाई लड़ रहे थे। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इस संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी।

विश्व आदिवासी दिवस का महत्त्व

संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 9 अगस्त को प्रतिवर्ष विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य दुनियाभर के आदिवासी समुदायों की संस्कृति, भाषा और परंपराओं का सम्मान करना तथा उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। भारत में आदिवासी आबादी कुल जनसंख्या का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है, और उनके भूमि अधिकार लंबे समय से राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहे हैं।

आगे क्या

केजरीवाल के इस बयान को AAP की आदिवासी बहुल राज्यों — विशेषकर गुजरात और झारखंड — में राजनीतिक पहुँच बढ़ाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। चैतर वसावा की रिहाई की माँग पार्टी के लिए एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों एक साथ साधे गए हैं। गौरतलब है कि गुजरात में AAP का आदिवासी बेल्ट में प्रभाव सीमित रहा है और वसावा की गिरफ्तारी उस कमी को पाटने का अवसर बन रही है। हालाँकि, '75 वर्षों के अन्याय' का दावा उस दौर को भी घेरता है जब AAP खुद दिल्ली में सत्ता में थी — वहाँ आदिवासी नीति का रिकॉर्ड क्या रहा, यह सवाल अनुत्तरित है। बिना ठोस नीतिगत वादों के, यह बयान चुनावी मौसम की बयानबाज़ी से अधिक नहीं लगता।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व आदिवासी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
विश्व आदिवासी दिवस प्रतिवर्ष 9 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनियाभर के आदिवासी समुदायों की संस्कृति, भाषा, परंपराओं का सम्मान करना और उनके मूल अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
केजरीवाल ने विश्व आदिवासी दिवस पर क्या कहा?
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट और वीडियो के ज़रिये कहा कि पिछले 75 वर्षों में आदिवासी समाज को जानबूझकर पीछे रखा गया, उनके जल, जंगल और जमीन पर 'डाका डाला गया।' उन्होंने दावा किया कि केवल AAP ही आदिवासी अधिकारों के लिए लड़ रही है।
चैतर वसावा कौन हैं और वे जेल में क्यों हैं?
चैतर वसावा गुजरात से AAP के विधायक हैं। AAP का आरोप है कि उन्हें BJP ने आदिवासी समाज की आवाज़ उठाने के कारण कथित तौर पर फर्जी मामले में जेल में डलवाया है। यह आरोप AAP की ओर से लगाया गया है; स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि अभी बाकी है।
AAP आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर BJP से कैसे अलग है?
AAP का दावा है कि वह आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से लड़ रही है, जबकि अन्य दलों ने इन संसाधनों को बड़ी कंपनियों को सौंपा। हालाँकि, पार्टी ने अभी तक इस दिशा में कोई ठोस नीतिगत दस्तावेज़ सार्वजनिक नहीं किया है।
क्या AAP के आदिवासी राजनीति में प्रवेश का कोई चुनावी संदर्भ है?
विश्लेषकों के अनुसार, AAP गुजरात और झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्यों में अपनी राजनीतिक उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश कर रही है। चैतर वसावा के मामले को केंद्र में रखना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले