विश्व आदिवासी दिवस पर केजरीवाल का एक्स पोस्ट: 'जल, जंगल, जमीन छीनी गई, AAP अकेली लड़ रही है'
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 9 अगस्त 2026 को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समुदाय को बधाई देते हुए दावा किया कि देश में आदिवासी समाज के साथ सबसे अधिक अन्याय हुआ है और केवल AAP ही उनके अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। केजरीवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट और वीडियो के ज़रिये यह संदेश दिया।
केजरीवाल का आदिवासी समाज को संदेश
केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, 'विश्व आदिवासी दिवस की पूरे आदिवासी समाज को बहुत-बहुत बधाई। देश में आदिवासी समाज के साथ ही सबसे ज़्यादा अन्याय हुआ है। दूसरी पार्टियों द्वारा आपके जल, जंगल और जमीन पर डाका डाला गया। केवल आम आदमी पार्टी ही आपके अधिकारों के लिए लड़ रही है।' उन्होंने गुजरात के AAP विधायक चैतर वसावा का उल्लेख करते हुए कहा कि वसावा इसलिए जेल में हैं क्योंकि वे आदिवासी समाज की आवाज़ उठा रहे थे।
75 वर्षों की उपेक्षा का आरोप
एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में देश की तरक्की के बावजूद आदिवासी समाज पीछे रह गया। उनके अनुसार, आदिवासी समुदाय को जानबूझकर पिछड़ा रखा गया और उनके संसाधनों — जल, जंगल और जमीन — को बड़ी कंपनियों को सौंप दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य दलों के नेताओं के भ्रष्टाचार के कारण यह हुआ।
चैतर वसावा की गिरफ्तारी पर AAP का रुख
AAP के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया कि गुजरात के AAP विधायक चैतर वसावा को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कथित तौर पर फर्जी मामले में जेल में डलवाया, क्योंकि वे आदिवासी समाज के हक की लड़ाई लड़ रहे थे। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इस संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी।
विश्व आदिवासी दिवस का महत्त्व
संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 9 अगस्त को प्रतिवर्ष विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य दुनियाभर के आदिवासी समुदायों की संस्कृति, भाषा और परंपराओं का सम्मान करना तथा उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। भारत में आदिवासी आबादी कुल जनसंख्या का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है, और उनके भूमि अधिकार लंबे समय से राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहे हैं।
आगे क्या
केजरीवाल के इस बयान को AAP की आदिवासी बहुल राज्यों — विशेषकर गुजरात और झारखंड — में राजनीतिक पहुँच बढ़ाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। चैतर वसावा की रिहाई की माँग पार्टी के लिए एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है।