22 अगस्त 2026
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केरलम में पूर्व CEO को CM सचिव बनाने पर BJP का पलटवार, राहुल गांधी के 'दोहरे मापदंड' पर सवाल

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केरलम में पूर्व CEO को CM सचिव बनाने पर BJP का पलटवार, राहुल गांधी के 'दोहरे मापदंड' पर सवाल

सारांश

केरलम में पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को CM का सचिव बनाया गया — वही काम जिसे कांग्रेस ने कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में 'चोरी का इनाम' कहा था। भाजपा ने राहुल गांधी के पुराने बयानों को ही हथियार बना लिया है।

मुख्य बातें

केरलम सरकार ने 23 मई 2026 को पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू.
केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किया।
केलकर 2003 बैच के केरलम कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी नहीं हैं।
कांग्रेस ने इससे पहले कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में इसी तरह की नियुक्तियों पर भाजपा की तीखी आलोचना की थी।
सुरेंद्रन और अमित मालवीय ने इसे कांग्रेस का दोहरा मापदंड बताया और राहुल गांधी को घेरा।
केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने नियुक्ति का बचाव करते हुए इसे सरकार का विशेषाधिकार बताया।

केरलम सरकार ने राज्य के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किया है। 23 मई 2026 को सामने आई इस नियुक्ति ने राष्ट्रीय राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है, क्योंकि कांग्रेस ने इसी तरह की नियुक्तियों को लेकर पहले भाजपा शासित राज्यों की कड़ी आलोचना की थी।

मामले की पृष्ठभूमि

रतन यू. केलकर 2003 बैच के केरलम कैडर के आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने केरलम विधानसभा चुनावों के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी की थी। उल्लेखनीय है कि वे राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी भी नहीं हैं। भाजपा के अनुसार, उन्हें मुख्यमंत्री का सचिव बनाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी का पद भी बरकरार रखा जा रहा है — एक ऐसा पद जिसके लिए संस्थागत निष्पक्षता अनिवार्य मानी जाती है।

यह ऐसे समय में आया है जब कुछ ही सप्ताह पहले कर्नाटक में भाजपा सरकार ने पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव नियुक्त किया था, जिस पर कांग्रेस ने जोरदार आपत्ति जताई थी।

राहुल गांधी का पुराना बयान और नया विवाद

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक की उस नियुक्ति पर भाजपा पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत है और यह 'जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम' का मामला है। इसी तर्ज पर भाजपा नेताओं ने अब पश्चिम बंगाल का भी संदर्भ उठाया है, जहाँ पूर्व चुनाव अधिकारी को मुख्य सचिव बनाए जाने पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई थी। भाजपा का कहना है कि केरलम में इसी घटना की पुनरावृत्ति पर कांग्रेस और गांधी दोनों मौन हैं।

भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

भाजपा के वरिष्ठ नेता के. सुरेंद्रन ने सोशल मीडिया पर इसे कांग्रेस का दोहरा मापदंड करार दिया और राहुल गांधी व उनकी टीम को पाखंडी बताया।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि केलकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी का पद संभालते हुए मुख्यमंत्री के सचिव भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 'राहुल गांधी का संस्थागत मर्यादा का उपदेश अब कहाँ है? या उनका आक्रोश पूरी तरह सत्ता में मौजूद पार्टी पर निर्भर करता है?'

केरलम सरकार का बचाव

केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला इस नियुक्ति के समर्थन में सामने आए। उन्होंने मीडिया से कहा कि सरकार के पास सक्षम अधिकारियों को महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नियुक्त करने का पूरा अधिकार है। चेन्निथला ने कहा, 'केलकर एक योग्य अधिकारी हैं और इस नियुक्ति में कुछ भी असामान्य नहीं है।' उन्होंने इसे सरकार का विशेषाधिकार बताया।

आगे क्या

यह विवाद उस वृहत्तर राष्ट्रीय बहस को पुनर्जीवित करता है कि चुनावी पदों पर रहे अधिकारियों की राजनीतिक नियुक्तियों पर क्या नियामक ढाँचा होना चाहिए। फिलहाल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना बाकी है कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद या चुनाव आयोग तक ले जाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही भाषा अब उनके खिलाफ इस्तेमाल हो रही है — और यह महज संयोग नहीं, बल्कि एक पुरानी राजनीतिक परंपरा की निरंतरता है। असली सवाल यह है कि चुनावी पदों पर रहे अधिकारियों की राजनीतिक नियुक्तियों पर कोई पारदर्शी, दलनिरपेक्ष नीति क्यों नहीं बनती — यह खामी सभी दलों के लिए सुविधाजनक बनी रहती है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरलम में रतन यू. केलकर को क्या पद दिया गया है?
रतन यू. केलकर को केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किया गया है। वे 2003 बैच के केरलम कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और इससे पहले राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
भाजपा इस नियुक्ति पर आपत्ति क्यों जता रही है?
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में इसी तरह की नियुक्तियों को 'चोरी का इनाम' बताया था, लेकिन केरलम में खुद वही कर रही है। भाजपा इसे कांग्रेस और राहुल गांधी का दोहरा मापदंड मानती है।
राहुल गांधी ने पहले ऐसी नियुक्तियों पर क्या कहा था?
कर्नाटक में भाजपा सरकार द्वारा पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाए जाने पर राहुल गांधी ने भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया था और कहा था कि 'जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम'।
केरलम सरकार ने इस विवाद पर क्या कहा?
केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि सरकार को सक्षम अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करने का पूरा अधिकार है। उनके अनुसार केलकर एक योग्य अधिकारी हैं और यह नियुक्ति पूरी तरह सामान्य है।
क्या चुनाव अधिकारियों की ऐसी राजनीतिक नियुक्तियों पर कोई नियम है?
फिलहाल ऐसी कोई स्पष्ट दलनिरपेक्ष नीति नहीं है जो चुनावी पदों पर रहे अधिकारियों की तत्काल राजनीतिक नियुक्तियों को प्रतिबंधित करे। यही कारण है कि सत्तारूढ़ दल के बदलने पर आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला दोहराया जाता रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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