केरल CEO को CM सतीशन का सचिव बनाना कांग्रेस की सोच का आईना: भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता लॉकेट चटर्जी ने केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की कार्यशैली और सोच को बेनकाब करती है। चटर्जी के अनुसार, इस प्रकार के निर्णय लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर सवाल खड़े करते हैं।
कांग्रेस पर आरोप
लॉकेट चटर्जी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पिछले 70 वर्षों में देश को कमज़ोर करने का काम किया, जबकि भाजपा पूरे देश को एकजुट करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन तंत्र से जुड़े अधिकारी को सीधे सत्ता के गलियारे में स्थान देना लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतिकूल है।
पश्चिम बंगाल की रणनीतिक अहमियत
चटर्जी ने पश्चिम बंगाल की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य तीन देशों की सीमाओं से जुड़ा होने के कारण रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय से पश्चिम बंगाल को विकास और सुरक्षा के पथ पर आगे बढ़ाने का संकल्प रखती है, और यह धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है।
अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई
भाजपा नेता ने राज्य में अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी अभियान का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि नई सरकार बनने के मात्र 15 दिनों के भीतर तिलजला क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। उनके अनुसार यह कदम कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार समाप्त करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है।
चटर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा और कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि ने गैर-कानूनी कार्य किए हैं, तो उनके विरुद्ध भी कानून के तहत समान कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
अवैध प्रवासियों का मुद्दा
लॉकेट चटर्जी ने राज्य में अवैध प्रवासियों की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि गृह मंत्रालय की ओर से वर्षों से ऐसे लोगों की पहचान और कार्रवाई के निर्देश दिए जाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग राज्य छोड़ चुके हैं, परंतु अनेक लोग अभी भी बिना वैध दस्तावेज़ों के रहने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा शासन में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या
चटर्जी के बयान ऐसे समय में आए हैं जब केरल में यह नियुक्ति विवाद का केंद्र बनी हुई है और विपक्षी दल संस्थागत स्वायत्तता के सवाल पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में चुनाव आयोग (ECI) या न्यायपालिका कोई संज्ञान लेती है या नहीं।