केरल में तटीय खनिज रेत खनन निजीकरण विवाद: भाजपा का सीएम सतीशन पर विधानसभा गुमराह करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केरल भाजपा ने 26 जून 2026 को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने तटीय खनिज रेत खनन क्षेत्र के निजीकरण के मुद्दे पर केरल विधानसभा को भ्रामक जानकारी दी। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शॉन जॉर्ज ने दावा किया कि मुख्यमंत्री का सदन में दिया गया बयान सरकारी दस्तावेजों और एक निजी कंपनी द्वारा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को सौंपे गए ज्ञापन से सीधे मेल नहीं खाता।
मुख्य आरोप और दस्तावेज़ी आधार
शॉन जॉर्ज के अनुसार, राज्य बजट में तटीय खनिज रेत खनन क्षेत्र में निजी भागीदारी की नीति की घोषणा किए जाने के बाद जब विधानसभा में इस पर चर्चा हुई, तब मुख्यमंत्री सतीशन ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि सरकार की खनिज रेत खनन के निजीकरण की कोई योजना नहीं है। भाजपा नेता ने इसे तथ्यात्मक रूप से गलत बताया और इससे जुड़े दस्तावेजों की प्रतियाँ भी सार्वजनिक कीं।
शॉन जॉर्ज ने बताया कि तेलंगाना की एक कंपनी ने सेबी को दिए अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि उसने केरल मिनरल्स एंड मेटल्स लिमिटेड (केएमएमएल) के साथ एक औपचारिक समझौता किया है। यह समझौता कथित तौर पर केएमएमएल द्वारा जारी एक टेंडर के आधार पर हुआ।
समझौते की शर्तें और विवाद
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, इस समझौते के तहत निजी कंपनी को मोनाजाइट सहित खनिजों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, कंपनी को केएमएमएल की दो एकड़ भूमि और वहाँ मौजूद बुनियादी सुविधाओं के उपयोग की भी अनुमति दी गई बताई जाती है।
समझौते में यह भी कथित तौर पर उल्लेख है कि केएमएमएल द्वारा एकत्र किया गया कच्चा माल पहले इस निजी कंपनी की आवश्यकताएँ पूरी करने के लिए दिया जाएगा, उसके बाद ही उसे किसी अन्य उपयोग में लाया जाएगा। शॉन जॉर्ज ने यह भी सवाल उठाया कि क्या बजट में निजी भागीदारी नीति की घोषणा विशेष रूप से इसी कंपनी को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से की गई थी, और यह प्रक्रिया 6 मई से ही प्रारंभ हो चुकी थी।
राष्ट्रीय सुरक्षा का आयाम
भाजपा नेता ने इस मामले को केवल राजनीतिक विवाद तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने रेखांकित किया कि मोनाजाइट एक रणनीतिक महत्व का खनिज है, जिसमें थोरियम पाया जाता है — और थोरियम का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों में उपयोग इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जोड़ता है। उनका कहना है कि ऐसे संवेदनशील खनिज के संग्रह और उपयोग में निजी कंपनियों की भूमिका को लेकर विधानसभा में भ्रामक बयान देना गंभीर चिंता का विषय है।
भाजपा की माँग
शॉन जॉर्ज ने केरल सरकार से माँग की कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने वाली किसी भी पहल से तत्काल पीछे हटे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को विधानसभा में अपने बयान की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और दस्तावेजों में उल्लिखित समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। यह मामला आने वाले दिनों में विधानसभा और राज्य की राजनीति में और अधिक तूल पकड़ सकता है।