किरण राव जन्मदिन विशेष: 'लगान' से सहायक निर्देशक और 'लापता लेडीज' से ऑस्कर तक का सफर
सारांश
मुख्य बातें
निर्देशक और फिल्म निर्माता किरण राव का जन्म 7 नवंबर 1973 को बेंगलुरु में हुआ था। उनके लिए सिनेमा महज मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज की जमीनी सच्चाई को परदे पर उतारने का माध्यम है। 'लापता लेडीज' को 97वें अकादमी पुरस्कार के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि बनाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित की है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
किरण राव के पिता सेवानिवृत्त सेना अधिकारी सीआर राव और माँ उमा राव हैं। उनका बचपन और किशोरावस्था कोलकाता में बीती। 1992 में जब उनके माता-पिता ने बेंगलुरु जाने का फैसला किया, तब किरण ने उच्च शिक्षा के लिए मुंबई का रुख किया।
उन्होंने 1995 में मुंबई के सोफिया कॉलेज फॉर विमेन से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सोफिया पॉलिटेक्निक में सोशल कम्युनिकेशन मीडिया कोर्स में दाखिला लिया, लेकिन दो महीने बाद पढ़ाई छोड़कर दिल्ली चली गईं। वहाँ उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया के एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर से मास्टर डिग्री हासिल की।
करियर की शुरुआत: 'लगान' से पहला कदम
किरण राव ने अपने फ़िल्मी करियर की नींव आशुतोष गोवारिकर निर्देशित और आमिर खान अभिनीत व निर्मित फिल्म 'लगान' में सहायक निर्देशक के रूप में रखी। यह अनुभव उनके सिनेमाई दृष्टिकोण को आकार देने में अहम साबित हुआ।
इसके बाद उन्होंने 'धोबी घाट' की पटकथा लिखी और उसका निर्देशन किया, जो जनवरी 2011 में आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले रिलीज हुई। इस फिल्म ने उन्हें एक गंभीर और संवेदनशील फिल्मकार के रूप में स्थापित किया।
'लापता लेडीज' और अंतरराष्ट्रीय पहचान
2024 में रिलीज हुई फिल्म 'लापता लेडीज' किरण राव के करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। इस फिल्म को 97वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया।
गौरतलब है कि यह फिल्म ग्रामीण भारत की महिलाओं की कहानी को हल्के-फुल्के अंदाज़ में प्रस्तुत करती है, जो किरण राव की सिनेमाई भाषा का सबसे सटीक उदाहरण है। आलोचकों और दर्शकों, दोनों ने इस फिल्म को हाथोंहाथ लिया।
निर्माता के रूप में योगदान
आमिर खान प्रोडक्शंस के तहत किरण राव ने 11 फिल्मों का निर्माण किया, जिनमें 'पीपली लाइव', 'दिल्ली बेली', 'दंगल', 'लाल सिंह चड्ढा', 'सितारे ज़मीन पर' और 'बंटवारा 1947' प्रमुख हैं। इन फिल्मों की विविधता यह दर्शाती है कि एक निर्माता के रूप में उनकी नज़र व्यावसायिक और समानांतर सिनेमा दोनों पर समान रूप से रही है।
व्यक्तिगत जीवन
किरण राव और अभिनेता आमिर खान की दोस्ती 'लगान' के सेट से शुरू हुई थी, जो बाद में प्रेम में बदली। दोनों ने 28 दिसंबर 2005 को विवाह किया। उल्लेखनीय है कि आमिर खान ने 2002 में अपनी पूर्व पत्नी रीना दत्ता से तलाक लिया था।
एक इंटरव्यू में किरण ने कहा था, 'आमिर और मैं शादी से पहले एक साल तक साथ रहे और ईमानदारी से कहूं तो हमने ऐसा इसलिए किया क्योंकि माता-पिता चाहते थे।' इसके बाद 3 जुलाई 2021 को दोनों ने एक संयुक्त बयान के माध्यम से विवाह के 15 वर्षों बाद अलग होने की घोषणा की, परिवार और मित्रों के समर्थन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए। आज भी दोनों के बीच पेशेवर संबंध और सौहार्द बना हुआ है, जो हिंदी सिनेमा में एक असामान्य लेकिन सराहनीय मिसाल है।