10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

किरोड़ी लाल मीणा के डोटासरा पर गंभीर आरोप: फर्जी ओबीसी प्रमाणपत्र मामले में FIR और जांच की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
किरोड़ी लाल मीणा के डोटासरा पर गंभीर आरोप: फर्जी ओबीसी प्रमाणपत्र मामले में FIR और जांच की मांग

सारांश

राजस्थान मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने CM भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा और रिश्तेदार पूनिया पर फर्जी ओबीसी प्रमाणपत्र से आरक्षण लाभ उठाने का आरोप लगाया है। RAS-2016 के साक्षात्कार अंकों में भारी असमानता का हवाला देते हुए FIR और उच्च-स्तरीय जांच की माँग की गई है।

मुख्य बातें

राजस्थान मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने 23 जून 2026 को CM भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर फर्जी ओबीसी प्रमाणपत्र से आरक्षण लाभ लेने का आरोप लगाया।
आरोप है कि डोटासरा के पुत्र अविनाश को RAS-2016 साक्षात्कार में 85 अंक मिले, जबकि लिखित परीक्षा टॉपर गरिमा जिंदल को केवल 25 अंक दिए गए।
रमेशचंद पूनिया और उनके परिवार पर भी कथित जाली दस्तावेजों के आधार पर ओबीसी आरक्षण का लाभ उठाकर राज्य सेवाओं में चयन कराने का आरोप।
मीणा ने RPSC के पूर्व सदस्यों द्वारा भर्ती में बाहरी दबाव स्वीकार करने का दावा किया और जांच एजेंसियों को साक्ष्य देने की पेशकश की।
डोटासरा या राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने 23 जून 2026 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और उनके कथित रिश्तेदार रमेशचंद पूनिया पर धोखाधड़ी से ओबीसी प्रमाणपत्र हासिल करने और आरक्षण का लाभ उठाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मीणा ने इस मामले में तत्काल FIR दर्ज करने और उच्च-स्तरीय जांच की माँग की है।

मुख्य आरोप: क्या कहता है पत्र

मीणा के पत्र के अनुसार, डोटासरा के पुत्र अविनाश डोटासरा, जिनका चयन आरएएस-2016 परीक्षा में हुआ था, को चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का लाभ मिला। मंत्री ने आरोप लगाया कि अविनाश को साक्षात्कार में 85 अंक दिए गए, जबकि लिखित परीक्षा में सर्वाधिक 425 अंक हासिल करने वाली अभ्यर्थी गरिमा जिंदल को उसी साक्षात्कार में मात्र 25 अंक मिले।

मीणा का दावा है कि लिखित परीक्षा में कुल मेरिट अधिक होने के बावजूद साक्षात्कार में अत्यंत कम अंक मिलने के कारण जिंदल अंतिम चयन सूची में स्थान नहीं पा सकीं। उन्होंने इसे मेरिट के साथ खुला भेदभाव बताया।

रमेशचंद पूनिया पर फर्जी दस्तावेजों के आरोप

मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि रमेशचंद पूनिया और उनके परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के आधार पर ओबीसी आरक्षण का लाभ उठाया। मीणा के अनुसार, पूनिया के बच्चे भी इसी विवादित प्रमाणपत्र के बल पर राज्य सेवाओं में चुने गए।

गौरतलब है कि ओबीसी प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी में आरक्षण का लाभ लेना एक गंभीर कानूनी और संवैधानिक मामला है। यदि प्रमाणपत्र फर्जी पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही हो सकती है।

RPSC पर बाहरी दबाव का दावा

मीणा ने यह भी दावा किया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्यों ने भर्ती प्रक्रियाओं में बाहरी दबाव की बात स्वीकार की थी। उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियाँ आवश्यकता समझें, तो वे सभी साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। RPSC की विश्वसनीयता पर यह नया विवाद राजनीतिक तनाव को और गहरा कर सकता है।

कमजोर वर्गों के अधिकारों पर असर

मीणा ने इस पूरे मामले को योग्य अभ्यर्थियों — विशेष रूप से वंचित तबकों — के संवैधानिक अधिकारों से जोड़ा। उनका तर्क है कि यदि आरक्षण का लाभ अपात्र लोग उठाते हैं, तो वास्तविक हकदारों का हक छिनता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी कथित गड़बड़ियों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएँ।

डोटासरा और सरकार की प्रतिक्रिया

इन आरोपों पर अब तक गोविंद सिंह डोटासरा या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इन आरोपों ने राजस्थान में नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए यह देखना होगा कि सरकार इसे चुनावी प्रतिद्वंद्विता की राजनीति मानती है या वास्तविक जांच की दिशा में कदम उठाती है। बिना स्वतंत्र और समयबद्ध जांच के, ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी की लंबी सूची में एक और नाम बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरोड़ी लाल मीणा ने डोटासरा पर क्या आरोप लगाए हैं?
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने आरोप लगाया है कि राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और उनके कथित रिश्तेदार रमेशचंद पूनिया ने धोखाधड़ी से ओबीसी प्रमाणपत्र हासिल किए और आरक्षण का लाभ उठाया। उन्होंने CM भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर FIR दर्ज करने और उच्च-स्तरीय जांच की माँग की है।
RAS-2016 परीक्षा में साक्षात्कार अंकों का विवाद क्या है?
मीणा के अनुसार, लिखित परीक्षा में सर्वाधिक 425 अंक पाने वाली अभ्यर्थी गरिमा जिंदल को साक्षात्कार में केवल 25 अंक मिले, जबकि अविनाश डोटासरा को साक्षात्कार में 85 अंक दिए गए। इस असमानता के कारण जिंदल अंतिम चयन सूची से बाहर हो गईं।
रमेशचंद पूनिया पर क्या आरोप हैं?
मीणा ने आरोप लगाया है कि रमेशचंद पूनिया और उनके परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के आधार पर ओबीसी आरक्षण का लाभ उठाया और राज्य सेवाओं में चयन कराया। इस मामले में भी FIR और जांच की माँग की गई है।
RPSC की भूमिका पर क्या सवाल उठाए गए हैं?
मीणा ने दावा किया कि RPSC के पूर्व सदस्यों ने भर्ती प्रक्रियाओं में बाहरी दबाव की बात स्वीकार की थी। उन्होंने कहा कि वे जांच एजेंसियों को इस संबंध में सभी आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।
डोटासरा या राज्य सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
अब तक न तो गोविंद सिंह डोटासरा और न ही राजस्थान सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। यह मामला राजस्थान में नए राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 1 साल पहले