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पेपर लीक आरोपी सुरेश ढाका के पिता को ₹20 करोड़ का सरकारी ठेका, किरोड़ीलाल मीणा ने CM भजनलाल को लिखा पत्र

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पेपर लीक आरोपी सुरेश ढाका के पिता को ₹20 करोड़ का सरकारी ठेका, किरोड़ीलाल मीणा ने CM भजनलाल को लिखा पत्र

सारांश

पेपर लीक आरोपी सुरेश ढाका की संपत्तियाँ अटैच हैं — फिर भी उसके पिता को ₹20 करोड़ का सरकारी ठेका मिल गया। कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने इसे 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए CM भजनलाल को पत्र लिखकर जाँच की माँग की है और SOG पर संरक्षण देने का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

किरोड़ीलाल मीणा ने 20 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर जाँच की माँग की।
पेपर लीक आरोपी सुरेश ढाका के पिता को ₹20 करोड़ का सरकारी ठेका मिला, जबकि आरोपी की संपत्तियाँ अटैच हैं।
मीणा का आरोप — तत्कालीन SOG अधिकारियों के कथित संरक्षण के कारण सुरेश ढाका अब तक फरार है।
मंत्री ने कहा कि ढाका की गिरफ्तारी से कई बड़े नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं।
मीणा ने मानसून सत्र में 'वन नेशन-वन इलेक्शन' और परिसीमन विधेयक को राष्ट्रहित से जुड़ा बताया।

राजस्थान के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने 20 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर मांग की है कि वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी सुरेश ढाका के पिता को मिले ₹20 करोड़ के सरकारी ठेके की पूरी प्रक्रिया की जाँच कराई जाए। मंत्री का आरोप है कि सुरेश ढाका इस पेपर लीक नेटवर्क का सबसे अहम किरदार है और उसकी संपत्तियाँ अटैच होने के बावजूद उसके पिता को यह ठेका मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य आरोप और पत्र की माँग

डॉ. मीणा ने कहा, सुरेश ढाका पेपर लीक का आधार स्तंभ है। अगर वह गिरफ्तार होता है तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। उसकी संपत्तियाँ अटैच होने के बावजूद उसके पिता को ₹20 करोड़ का सरकारी ठेका मिल गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि अब इस मामले में कार्रवाई हुई है।' मंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में ठेका आवंटन की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की है।

फरारी और SOG पर आरोप

डॉ. मीणा ने आरोप लगाया कि तत्कालीन स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के जाँच अधिकारियों के कथित संरक्षण के कारण ही सुरेश ढाका अब तक फरार है। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि यदि सुरेश ढाका पकड़ा गया तो कई बड़े नेताओं के नाम सामने आएंगे। उनका कहना है कि आरोपी को जानबूझकर फरार होने का मौका दिया गया। मंत्री के अनुसार, जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उसके सरेंडर की संभावना भी नहीं है।

मानसून सत्र और 'वन नेशन-वन इलेक्शन' पर रुख

डॉ. मीणा ने संसद के मानसून सत्र को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार इस सत्र में 'वन नेशन-वन इलेक्शन' और परिसीमन (डिलिमिटेशन) जैसे अहम विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'बार-बार चुनाव होने से सरकार का काफी समय और संसाधन खर्च होते हैं। अगर 'वन नेशन-वन इलेक्शन' लागू होता है तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।'

विपक्ष पर टिप्पणी

विपक्ष के रुख पर डॉ. मीणा ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार का विरोध करना होता है और वह अच्छे कामों का भी विरोध करता है। उन्होंने कहा, ''वन नेशन-वन इलेक्शन' और परिसीमन जैसे मुद्दे व्यापक राष्ट्रहित और जनहित से जुड़े हैं, इसलिए इन पर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।' गौरतलब है कि परिसीमन का कार्य भी लंबे समय से लंबित बताया जा रहा है।

आगे क्या होगा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यालय की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ₹20 करोड़ के ठेके की जाँच की माँग और सुरेश ढाका की गिरफ्तारी का दबाव आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सत्ता के भीतर से उठी आवाज़ है, जो इसे और अधिक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। SOG पर कथित संरक्षण के आरोप गंभीर हैं और इनकी स्वतंत्र जाँच ज़रूरी है। यदि ₹20 करोड़ के ठेके की प्रक्रिया में अनियमितता साबित होती है, तो यह राजस्थान में भर्ती घोटाले की जड़ों की गहराई को उजागर करेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेश ढाका कौन है और पेपर लीक मामले में उसकी क्या भूमिका है?
सुरेश ढाका वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी बताया जाता है। कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के अनुसार वह इस पेपर लीक नेटवर्क का 'आधार स्तंभ' है और उसकी गिरफ्तारी से कई बड़े नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं।
सुरेश ढाका के पिता को ₹20 करोड़ का ठेका कैसे मिला?
डॉ. मीणा के अनुसार सुरेश ढाका की संपत्तियाँ अटैच होने के बावजूद उसके पिता को ₹20 करोड़ का सरकारी ठेका आवंटित किया गया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की जाँच की माँग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से की है।
किरोड़ीलाल मीणा ने CM को पत्र में क्या माँग की है?
डॉ. मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र में ₹20 करोड़ के ठेके की पूरी आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की है। साथ ही सुरेश ढाका की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए सख्त कार्रवाई की अपील की है।
SOG पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
डॉ. मीणा ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के जाँच अधिकारियों के कथित संरक्षण के कारण ही सुरेश ढाका अब तक फरार है। उनका कहना है कि आरोपी को जानबूझकर फरार होने का अवसर दिया गया।
'वन नेशन-वन इलेक्शन' पर डॉ. मीणा का क्या कहना है?
डॉ. मीणा ने मानसून सत्र में 'वन नेशन-वन इलेक्शन' और परिसीमन विधेयक पर चर्चा की संभावना को राष्ट्रहित से जुड़ा बताया। उनके अनुसार बार-बार चुनाव होने से सरकारी समय और संसाधन की बर्बादी होती है और यह विधेयक प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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