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रीट पेपर लीक 2021: मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अमित शाह को पत्र लिखकर CBI-ED जांच की मांग की

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रीट पेपर लीक 2021: मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अमित शाह को पत्र लिखकर CBI-ED जांच की मांग की

सारांश

नीट विवाद के बीच राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर रीट-2021 समेत कांग्रेस कार्यकाल की 17 परीक्षाओं में पेपर लीक की CBI-ED जांच माँगी। ₹40 करोड़ के वित्तीय लेनदेन और सरस्वती प्रिंटिंग प्रेस अनुबंध में अनियमितता के आरोप, साथ में साक्ष्यों का डोजियर गृह मंत्रालय को सौंपा।

मुख्य बातें

राजस्थान के मंत्री डॉ.
किरोड़ी लाल मीणा ने 28 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर रीट-2021 पेपर लीक की CBI-ED जांच की माँग की।
पत्र में आरोप है कि कांग्रेस के पाँच वर्षीय कार्यकाल में 18 में से 17 प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र सुनियोजित तरीके से लीक हुए।
एक अनाम पूर्व कांग्रेस मंत्री पर पेपर लीक सिंडिकेट से कथित तौर पर ₹40 करोड़ एकत्र करने का आरोप।
पत्र में पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा , पूर्व तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ.
सुभाष गर्ग , RPSC अधिकारियों और राजीव गांधी स्टडी सर्कल पर आरोप।
कोलकाता की सरस्वती प्रिंटिंग प्रेस को नियम तोड़कर लगातार दूसरी बार अनुबंध देने का आरोप।
मीणा ने दस्तावेज़, फोटोग्राफ और साक्ष्यों का डोजियर केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपा।

राजस्थान सरकार के मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने 28 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर रीट-2021 पेपर लीक समेत राजस्थान में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए कथित पेपर लीक मामलों की CBI और ED से तत्काल जांच कराने की मांग की है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर राजनीतिक विवाद चरम पर है।

पत्र में किन पर लगे आरोप

मीणा ने अपने पत्र में पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग का नाम लिया है। इसके अलावा तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अधिकारियों, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व अधिकारियों और राजीव गांधी स्टडी सर्कल से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पत्र में दावा किया गया है कि कांग्रेस के पाँच वर्षीय कार्यकाल में हुई 18 प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में से 17 के प्रश्नपत्र कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से लीक किए गए, जिससे बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ 'इंस्टीट्यूशनल मैनिपुलेशन' हुआ।

₹40 करोड़ के वित्तीय लेनदेन का आरोप

पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक पूर्व कांग्रेस मंत्री ने पेपर लीक सिंडिकेट के ज़रिए कथित तौर पर ₹40 करोड़ एकत्र किए, और इस राशि का उपयोग सीकर में उनके पुत्र की राजनीतिक एवं व्यक्तिगत परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया गया। हालाँकि, पत्र में उस पूर्व मंत्री का नाम उल्लेखित नहीं किया गया है।

प्रिंटिंग प्रेस अनुबंध पर सवाल

मीणा ने आरोप लगाया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री, RPSC अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों के दबाव में आकर कोलकाता स्थित सरस्वती प्रिंटिंग प्रेस को रीट-2021 के प्रश्नपत्र मुद्रण का अनुबंध देते समय निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन किया। पत्र में दावा है कि उक्त प्रिंटिंग प्रेस के पास इतने गोपनीय कार्य का अधिकार नहीं था, फिर भी नियमों को दरकिनार कर उसे लगातार दूसरी बार अनुबंध दिया गया।

राजीव गांधी स्टडी सर्कल पर आरोप

पत्र में दावा किया गया है कि राजीव गांधी स्टडी सर्कल का गठन सोनिया गांधी के कहने पर हुआ था और इसके वरिष्ठ पदाधिकारियों के कांग्रेस नेतृत्व से प्रत्यक्ष संबंध थे। मीणा का कथित आरोप है कि रीट-2021 सहित कई पेपर लीक मामलों का सूत्र इस संगठन से जुड़े व्यक्तियों तक जाता है। ये सभी आरोप अभी तक न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।

ED जांच और आगे की माँग

मीणा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच की धीमी प्रगति पर भी निराशा व्यक्त की, जबकि उनके अनुसार पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले पर चर्चा कर चुके हैं और दावा किया कि PMO के निर्देश के बाद ही यह मामला ED को सौंपा गया था। मीणा ने गृह मंत्री शाह से ED और CBI को कथित पेपर लीक सिंडिकेट के मास्टरमाइंड की तत्काल जांच का निर्देश देने की अपील की है। उन्होंने दस्तावेज़, फोटोग्राफ और अन्य साक्ष्यों का एक डोजियर केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपा है। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार इस पत्र पर क्या कार्रवाई करती है और क्या यह मामला किसी केंद्रीय एजेंसी की जांच के दायरे में आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पत्र में लगाए गए आरोप गंभीर हैं और यदि साक्ष्य ठोस हैं तो जांच उचित भी है, लेकिन ₹40 करोड़ के आरोप में आरोपी मंत्री का नाम न बताना पत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। ED की जांच पहले से चल रही है — यदि सबूत पर्याप्त थे, तो अब तक परिणाम क्यों नहीं आए, यह प्रश्न सत्तारूढ़ दल के लिए भी उतना ही असुविधाजनक है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रीट-2021 पेपर लीक मामला क्या है?
रीट-2021 (राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा) के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होने का मामला है, जिसमें लाखों अभ्यर्थी प्रभावित हुए थे। यह परीक्षा तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आयोजित की गई थी और तब से यह मामला राजनीतिक विवाद का विषय बना हुआ है।
किरोड़ी लाल मीणा ने अमित शाह को पत्र में क्या माँगा है?
मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने गृह मंत्री अमित शाह से ED और CBI समेत केंद्रीय एजेंसियों को रीट-2021 सहित कांग्रेस कार्यकाल के कथित पेपर लीक सिंडिकेट के मास्टरमाइंड की तत्काल जांच का निर्देश देने की अपील की है। उन्होंने दस्तावेज़ और साक्ष्यों का डोजियर भी गृह मंत्रालय को सौंपा है।
पत्र में किन नेताओं और संस्थाओं पर आरोप लगाए गए हैं?
पत्र में पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, तत्कालीन CMO अधिकारियों, RPSC के पूर्व अधिकारियों और राजीव गांधी स्टडी सर्कल से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। ये सभी आरोप अभी न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।
सरस्वती प्रिंटिंग प्रेस विवाद क्या है?
मीणा के पत्र के अनुसार, कोलकाता की सरस्वती प्रिंटिंग प्रेस को रीट-2021 के प्रश्नपत्र मुद्रण का अनुबंध निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन कर दिया गया, जबकि कथित तौर पर उसके पास इतने गोपनीय कार्य का अधिकार नहीं था। आरोप है कि यह लगातार दूसरी बार उसे अनुबंध दिया गया।
क्या इस मामले में ED जांच पहले से चल रही है?
हाँ, मीणा ने स्वयं पत्र में ED की जांच की धीमी प्रगति पर निराशा व्यक्त की है। उनका दावा है कि PMO के निर्देश के बाद यह मामला ED को सौंपा गया था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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