पेपर लीक आरोपी सुरेश ढाका के रेत खनन पट्टे पर राजस्थान खान विभाग का शिकंजा, ₹20 करोड़ का लाइसेंस रद्द होने की कगार पर
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान खान विभाग ने फरार पेपर लीक आरोपी सुरेश ढाका के पिता मंगिलाल ढाका की कंपनी ढाका कंस्ट्रक्शन को आवंटित रेत खनन पट्टे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है। ब्यावर जिले के रायपुर तहसील के मेसिया गाँव में हुई अचानक जाँच में कथित तौर पर 89,014 टन अनाधिकृत रेत खनन सहित कई गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं। विभाग ने पट्टाधारक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर ₹20 करोड़ का यह पट्टा रद्द किया जा सकता है।
निरीक्षण में क्या मिला
विभाग की सतर्कता शाखा और स्थानीय खनन अधिकारियों की संयुक्त टीम ने 16 जुलाई को मेसिया गाँव स्थित खनन स्थल का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, पाँच खनन गड्ढों में पानी जमा पाया गया, जो सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। अनिवार्य सीमा स्तंभ गायब थे, जिससे अधिकृत क्षेत्र से बाहर खनन की आशंका बनती है।
तकनीकी आकलन में पाया गया कि स्वीकृत 1.5 मीटर की गहराई से कहीं अधिक खुदाई की गई, जो नदी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए निर्धारित पर्यावरणीय मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन है। कुल मिलाकर कथित तौर पर 89,014 टन रेत नियमों की अनदेखी कर निकाली गई।
पट्टे का इतिहास और ढाका से संबंध
यह पट्टा 2024 में ई-टेंडर प्रक्रिया के ज़रिए ढाका कंस्ट्रक्शन को आवंटित किया गया था। कंपनी ने लगभग ₹20 करोड़ की बोली लगाकर सर्वोच्च बोलीदाता का दर्जा हासिल किया था। पाँच वर्षीय इस पट्टे के लिए खनन की मंजूरी दिसंबर 2025 में दी गई और व्यावसायिक परिचालन कथित तौर पर लगभग दो महीने पहले ही शुरू हुआ था। यह कंपनी सुरेश ढाका के पिता मंगिलाल ढाका की है, जो इस पूरे मामले को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से संवेदनशील बनाता है।
सुरेश ढाका कौन है
सुरेश ढाका राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों का प्रमुख आरोपी है। उस पर वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा और सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा सहित कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराने के आरोप हैं। वह कई वर्षों से फरार है और राजस्थान पुलिस की विशेष अभियान दल (SOG) उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
SOG की समानांतर जाँच
पेपर लीक मामलों की जाँच कर रही SOG इस खनन पट्टे की भी जाँच कर रही है। जाँच एजेंसियों की नज़र इस बात पर है कि क्या पट्टे से प्राप्त धन का उपयोग पेपर लीक नेटवर्क को वित्तपोषित करने में हुआ। कारण बताओ नोटिस जैतारण स्थित सहायक खनन अभियंता के कार्यालय के माध्यम से जारी किया गया है।
आगे क्या होगा
यदि कंपनी निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहती है, तो खान विभाग पट्टा रद्द करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेगा। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब राजस्थान में पेपर लीक मामलों को लेकर जनाक्रोश चरम पर है और सरकार पर आरोपियों से जुड़े हर कारोबारी सूत्र की जाँच करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।