18 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कीर्ति आजाद करेंगे लाइसेंसी पिस्तौल के लिए आवेदन, TMC नेताओं पर 'एग थेरेपी' को बताया वजह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कीर्ति आजाद करेंगे लाइसेंसी पिस्तौल के लिए आवेदन, TMC नेताओं पर 'एग थेरेपी' को बताया वजह

सारांश

1983 विश्व कप क्रिकेटर से नेता बने कीर्ति आजाद अब पिस्तौल लाइसेंस लेने की राह पर हैं। TMC नेताओं पर हो रही 'एग थेरेपी' के बीच यह कदम पश्चिम बंगाल की बदली राजनीतिक जमीन और सत्ता परिवर्तन के बाद गहराते टकराव की तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

TMC सांसद कीर्ति आजाद ने 17 अगस्त को लाइसेंसी पिस्तौल के लिए आवेदन करने की घोषणा की।
कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा TMC नेताओं पर अंडे फेंकने की घटनाओं को आजाद ने इसका कारण बताया।
प्रदर्शनकारियों ने इस हरकत को 'एग थेरेपी' नाम दिया है; गिरफ्तार TMC नेताओं को ले जाते समय भीड़ ने 'चोर' के नारे लगाए।
भाजपा विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि आजाद को 'बिहार पहुंचा देंगे'।
आजाद ने दुर्गा पूजा के बाद TMC के बड़े सड़क अभियान का भी ऐलान किया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद ने 18 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वे आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी पिस्तौल हासिल करने हेतु आवेदन करेंगे। बर्धमान-दुर्गापुर निर्वाचन क्षेत्र के इस सांसद ने यह कदम उस पृष्ठभूमि में उठाया है जिसमें कथित तौर पर भाजपा (BJP) कार्यकर्ताओं द्वारा TMC नेताओं पर बार-बार अंडे फेंके जा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मीडिया से बातचीत में आजाद ने कहा, 'हर किसी को आत्मरक्षा का अधिकार है। इन हालात को देखते हुए, मैं अब सुरक्षा के लिए कानूनी हथियार हासिल करने के वास्ते हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन करने को मजबूर हूं। मैंने सुरक्षा के लिए पिस्तौल चुनी है। हमें भी अपनी रक्षा करने का अधिकार है।'

सोमवार, 17 अगस्त को आजाद अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर थे। 1983 क्रिकेट विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे आजाद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, 'उन्होंने स्कूलों में अंडे देना बंद कर दिया। अब लोगों को अंडों से मारा जा रहा है। हम डरने वाले लोग नहीं हैं। हमने भारत के लिए क्रिकेट खेला।'

'एग थेरेपी' का राजनीतिक संदर्भ

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार परिवर्तन के साथ ही पुलिस ने जबरन वसूली, मारपीट और डराने-धमकाने सहित विभिन्न आरोपों में बड़ी संख्या में TMC नेताओं, पूर्व मंत्रियों और पार्षदों को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि जब पुलिस इन नेताओं को हिरासत में लेकर जा रही थी, तब गुस्साई भीड़ ने उन पर अंडे फेंके और 'चोर' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने इस हरकत को 'एग थेरेपी' का नाम दिया है।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है और TMC व BJP के बीच सड़क पर संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

आंतरिक बागी गुट पर भी निशाना

आजाद ने विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी पर भी कटाक्ष किया, जो TMC विधायकों के बागी गुट का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि ऋतब्रत ने क्या किया, उन्होंने फोन पर क्या कहा, उन्होंने किसके दबाव में क्या किया।' यह टिप्पणी पार्टी के भीतर चल रहे अंतर्कलह की ओर स्पष्ट इशारा है।

भाजपा की पलटवार

आजाद की हथियार संबंधी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के दुर्गापुर पूर्व विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने कहा, 'अगर वे हथियार वगैरह रखने की बात करते हैं, तो हम उन्हें बिहार पहुंचा देंगे।' उनका इशारा आजाद के पड़ोसी राज्य बिहार से होने की ओर था।

आगे की योजना

आजाद ने बताया कि मंगलवार, 18 अगस्त को भी उनका एक कार्यक्रम निर्धारित है और शाम को वे पार्टी सदस्यों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्गा पूजा के बाद उनकी पार्टी एक व्यापक अभियान के साथ फिर से सड़कों पर उतरेगी। पश्चिम बंगाल में बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच यह घोषणा आने वाले हफ्तों में और गहमागहमी का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब एक सांसद सार्वजनिक रूप से हथियार लाइसेंस की बात करे, तो यह राज्य में राजनीतिक विमर्श के खतरनाक स्तर पर पहुंचने का संकेत है। भाजपा विधायक की 'बिहार पहुंचा देंगे' वाली टिप्पणी भी उसी उत्तेजक लहजे को दर्शाती है। मुख्यधारा की कवरेज इस बयानबाजी को 'राजनीतिक नाटक' के रूप में पेश करती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य की कानून-व्यवस्था इतनी कमज़ोर हो चुकी है कि एक निर्वाचित सांसद को खुद हथियार उठाने की नौबत महसूस हो।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कीर्ति आजाद ने पिस्तौल लाइसेंस के लिए आवेदन का फैसला क्यों किया?
TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा TMC नेताओं पर बार-बार अंडे फेंके जाने की घटनाओं के कारण उन्हें आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी पिस्तौल लेना जरूरी लगा। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को आत्मरक्षा का अधिकार है।
'एग थेरेपी' क्या है और यह कब से शुरू हुई?
पश्चिम बंगाल में सरकार परिवर्तन के बाद जब पुलिस ने TMC नेताओं, पूर्व मंत्रियों और पार्षदों को विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया, तब गुस्साई भीड़ ने उन पर अंडे फेंके और 'चोर' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने इसे 'एग थेरेपी' नाम दिया।
भाजपा ने कीर्ति आजाद के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा के दुर्गापुर पूर्व विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने कहा कि अगर आजाद हथियार रखने की बात करते हैं तो उन्हें बिहार पहुंचा दिया जाएगा — यह आजाद के बिहार से होने पर कटाक्ष था।
कीर्ति आजाद कौन हैं और वे किस निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं?
कीर्ति आजाद TMC के सांसद हैं और बर्धमान-दुर्गापुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे 1983 क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य भी रहे हैं।
TMC का दुर्गा पूजा के बाद क्या अभियान है?
कीर्ति आजाद ने घोषणा की कि दुर्गा पूजा के बाद TMC एक व्यापक अभियान के साथ सड़कों पर उतरेगी। इसका विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले