केएमसी का जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल आंशिक रूप से बंद, एसआईआर काल के प्रमाणपत्रों की होगी जाँच

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केएमसी का जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल आंशिक रूप से बंद, एसआईआर काल के प्रमाणपत्रों की होगी जाँच

सारांश

कोलकाता नगर निगम ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल को आंशिक रूप से बंद किया है — एसआईआर काल में असामान्य रूप से बढ़े प्रमाणपत्र आवेदनों की जाँच के लिए। राज्य सरकार को संदेह है कि उस दौरान जारी कुछ दस्तावेज़ असली नहीं थे, जिससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य बातें

कोलकाता नगर निगम (KMC) ने 21 मई 2026 को जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल को आंशिक रूप से बंद किया।
एसआईआर (SIR) काल में जारी प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता की दोबारा जाँच के लिए यह निर्णय लिया गया।
फिलहाल पुराने प्रमाणपत्र , डिजिटल प्रमाणपत्र और डुप्लीकेट कॉपी पोर्टल से उपलब्ध नहीं होंगी।
नए जन्म-मृत्यु मामलों का डेटा अपलोड और प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा जारी रहेगी।
पोर्टल बंद होने से नागरिकों में असमंजस और केएमसी कार्यालयों में कहासुनी की स्थिति उत्पन्न हुई है।

कोलकाता नगर निगम (KMC) ने अपने जन्म और मृत्यु पंजीकरण पोर्टल को 21 मई 2026 से आंशिक रूप से बंद कर दिया है। यह कदम 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) अवधि के दौरान जारी किए गए प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता की दोबारा जाँच के उद्देश्य से उठाया गया है। केएमसी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार को आशंका है कि उस दौरान जारी कुछ प्रमाणपत्र वास्तविक नहीं हो सकते।

मुख्य घटनाक्रम

केएमसी सूत्रों ने बताया कि एसआईआर के दौरान पुराने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के लिए आवेदनों की संख्या में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इन प्रमाणपत्रों का उपयोग मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में सहायक दस्तावेजों के रूप में किया जाना था। इसी संदिग्ध वृद्धि को देखते हुए नई राज्य सरकार ने इन प्रमाणपत्रों की पुनः जाँच का निर्णय लिया।

पोर्टल पर क्या बंद, क्या चालू

केएमसी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल नए जन्म और मृत्यु मामलों का डेटा अपलोड किया जा सकता है और संबंधित प्रमाणपत्र पोर्टल से प्राप्त होते रहेंगे। हालाँकि, पुराने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, डिजिटल प्रमाणपत्र और खोए हुए प्रमाणपत्रों की डुप्लीकेट कॉपी अस्थायी रूप से पोर्टल से उपलब्ध नहीं होंगी। यह बंद अस्थायी है और जल्द ही सभी सेवाएँ बहाल होने की उम्मीद है।

आम जनता पर असर

पोर्टल के आंशिक बंद होने से नागरिकों को असुविधा हो रही है। सूत्रों ने स्वीकार किया कि पुराने डेटा तक पहुँच न होने के कारण लोगों में असमंजस की स्थिति है और केएमसी कार्यालयों में नागरिकों तथा कर्मचारियों के बीच कहासुनी की घटनाएँ भी सामने आई हैं। गौरतलब है कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र कई सरकारी प्रक्रियाओं — स्कूल दाखिले, संपत्ति विवाद, पेंशन आवेदन — के लिए अनिवार्य दस्तावेज हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

नई राज्य सरकार का रुख यह है कि एसआईआर काल में जारी प्रमाणपत्रों की वैधता की स्वतंत्र जाँच आवश्यक है। केएमसी सूत्रों के अनुसार, यह सत्यापन प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि उस समय जारी दस्तावेज़ प्रामाणिक थे या नहीं। अभी तक सरकार की ओर से इस जाँच की समयसीमा या विस्तृत प्रक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई है।

क्या होगा आगे

केएमसी सूत्रों ने आश्वासन दिया है कि पोर्टल का यह आंशिक बंद अस्थायी है और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही सभी सेवाएँ पुनः उपलब्ध हो जाएँगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सत्यापन में कितने प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए जाते हैं और उनके आधार पर मतदाता सूची में हुए बदलावों पर क्या कार्रवाई होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो उनके आधार पर की गई मतदाता सूची प्रविष्टियों का क्या होगा — और क्या उन्हें हटाने की कोई पारदर्शी प्रक्रिया होगी? पोर्टल बंद करना तात्कालिक कदम है, लेकिन बिना स्पष्ट समयसीमा और जाँच प्रक्रिया के, यह उन नागरिकों के लिए असुविधा का कारण बन रहा है जिन्हें वैध कारणों से इन दस्तावेज़ों की ज़रूरत है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केएमसी का जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल क्यों बंद किया गया है?
पोर्टल को 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) अवधि के दौरान जारी किए गए प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता जाँचने के लिए आंशिक रूप से बंद किया गया है। राज्य सरकार को आशंका है कि उस दौरान असामान्य रूप से बड़ी संख्या में जारी हुए प्रमाणपत्र वास्तविक नहीं हो सकते।
पोर्टल बंद होने से कौन-सी सेवाएँ प्रभावित हुई हैं?
फिलहाल पुराने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, डिजिटल प्रमाणपत्र और खोए हुए प्रमाणपत्रों की डुप्लीकेट कॉपी पोर्टल से उपलब्ध नहीं होंगी। नए मामलों का डेटा अपलोड और प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा जारी रहेगी।
एसआईआर क्या है और इससे प्रमाणपत्रों का क्या संबंध है?
'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक विशेष प्रक्रिया है। इस दौरान जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों का उपयोग सहायक दस्तावेजों के रूप में किया जाता है, और आवेदनों की असामान्य बढ़ोतरी ने इनकी प्रामाणिकता पर संदेह पैदा किया।
क्या यह पोर्टल बंदी स्थायी है?
नहीं, केएमसी सूत्रों के अनुसार यह बंदी अस्थायी है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी सेवाएँ पुनः उपलब्ध हो जाएँगी, हालाँकि अभी तक कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है।
पोर्टल बंद होने से आम नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा?
जिन नागरिकों को स्कूल दाखिले, संपत्ति संबंधी कार्यों या अन्य सरकारी प्रक्रियाओं के लिए पुराने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र चाहिए, उन्हें अस्थायी असुविधा होगी। केएमसी कार्यालयों में नागरिकों और कर्मचारियों के बीच कहासुनी की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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