कोलकाता पुलिस ने धर्मतल्ला के पास 14.5 किलो गांजे के साथ तीन तस्करों को दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के नारकोटिक्स सेल ने बुधवार, 5 नवंबर 2026 को मध्य कोलकाता के धर्मतल्ला बस स्टैंड के पास छापेमारी करते हुए तीन संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 14.559 किलोग्राम गांजा बरामद किया। यह कार्रवाई ओडिशा से कोलकाता में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले एक नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
छापेमारी का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, नारकोटिक्स सेल को पुख्ता खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी जिसके आधार पर मैदान पुलिस स्टेशन इलाके में अभियान चलाया गया। टीम ने PWD साइट ऑफिस (दक्षिण डिवीजन) के निकट तीन संदिग्धों को रंगे हाथों पकड़ा। पूरी कार्रवाई को गवाहों और राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति में वीडियो में भी दर्ज किया गया, ताकि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित हो सके।
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार तीनों आरोपी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के निवासी हैं। इनमें अब्दुल हक उर्फ बाबू (48) और अंजू शेख (32) मुर्शिदाबाद के इस्लामपुर पुलिस स्टेशन अंतर्गत केशवपुर इलाके से हैं, जबकि अत्ताबुर शेख (27) उसी जिले के रानीतला पुलिस स्टेशन अंतर्गत नंदीग्राम गांव का रहने वाला है। तीनों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
तस्करी की उत्पत्ति और मकसद
प्रारंभिक पूछताछ में जांचकर्ताओं को पता चला कि आरोपी ओडिशा के कालाहांडी जिले के नारला से भारी मात्रा में गांजा लेकर आए थे। उनका उद्देश्य इस माल को कोलकाता और आसपास के इलाकों में सक्रिय नशीले पदार्थों के नेटवर्क तक पहुँचाना था। गौरतलब है कि कालाहांडी-नारला क्षेत्र पहले भी गांजे की तस्करी के मार्ग के रूप में चर्चा में आ चुका है।
आगे की जांच
नारकोटिक्स सेल के सब-इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार रॉय की शिकायत पर मैदान पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांचकर्ता अब इस तस्करी रैकेट की पूरी शृंखला को उजागर करने में जुटे हैं — यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन तीनों के गिरोह के अन्य सदस्यों से संपर्क थे और कितने समय से यह सप्लाई चेन सक्रिय थी। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।