कोंडा सुरेखा ने केटीआर के खिलाफ की गई निजी टिप्पणियों पर जताया खेद, एक्स पर जारी किया स्पष्टीकरण
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा ने 29 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) के खिलाफ 2024 में की गई अपनी निजी टिप्पणियों पर खेद व्यक्त किया। यह स्पष्टीकरण उस राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें मानहानि के मुकदमे, गैर-जमानती वारंट और तेलंगाना की राजनीति के कई धागे आपस में उलझे हुए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
2 अक्टूबर 2024 को सुरेखा ने कथित तौर पर अपमानजनक बयान देते हुए अभिनेता नागा चैतन्य और अभिनेत्री सामंथा के तलाक के लिए केटीआर को जिम्मेदार ठहराया था। यह बयान उस समय दिया गया था जब वे बीआरएस पर राजनीतिक हमला बोल रही थीं। हालांकि, इस बयान ने केवल राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की।
नागा चैतन्य के पिता और मशहूर अभिनेता नागार्जुन ने तत्कालीन मंत्री के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया, यह कहते हुए कि सुरेखा की टिप्पणियों ने उनके परिवार की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है। इसके अलावा, केटीआर ने भी सुरेखा को कानूनी नोटिस भेजकर बयान वापस लेने और माफी माँगने की माँग की थी।
मुख्य घटनाक्रम
नवंबर 2025 में सुरेखा ने पहली बार एक्स पर स्पष्ट किया कि उनके बयान का मकसद नागार्जुन या उनके परिवार को आहत करना नहीं था, जिसके बाद नागार्जुन ने मानहानि का मुकदमा वापस ले लिया। हालांकि, उस समय सुरेखा ने केटीआर के बारे में की गई अपनी टिप्पणियों पर अपना रुख बरकरार रखा था।
दिसंबर 2025 में हैदराबाद की एक अदालत ने सुरेखा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। अदालत ने शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए गए प्रारंभिक साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पाया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356 और धारा 222 (धारा 223 के साथ पठित) के तहत आगे बढ़ने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार हैं।
सुरेखा का ताज़ा बयान
अब 29 अक्टूबर 2026 को एक्स पर जारी नए स्पष्टीकरण में सुरेखा ने कहा, 'मुझे वे बेबुनियाद टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए थीं। मेरा मकसद के.टी. रामा राव (केटीआर) या उनके परिवार को दुख पहुंचाना या उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना बिल्कुल नहीं था।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'अगर मेरी टिप्पणियों से उन्हें या उनके परिवार को कोई दुख पहुंचा है, तो मैं इसके लिए खेद जताती हूं और अपनी उन टिप्पणियों को वापस लेती हूं।'
सुरेखा ने कहा कि वे टिप्पणियां 2024 में विपक्ष की आलोचना करते हुए राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में की गई थीं और उनका इरादा ऐसी बातें कहने का नहीं था।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि सुरेखा को पिछले महीने ही मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ उनकी बेटी की कुछ टिप्पणियों के कारण तेलंगाना कैबिनेट से हटाया गया था। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब तेलंगाना कांग्रेस के भीतर भी कई तरह के अंतर्विरोध उभर रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब सुरेखा खुद कानूनी दबाव में हैं और मानहानि के मामले में गैर-जमानती वारंट के बाद उनकी स्थिति राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर जटिल बनी हुई है। आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नज़रें रहेंगी।