31 अक्टूबर 2026
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कोंडा सुरेखा ने केटीआर के खिलाफ की गई निजी टिप्पणियों पर जताया खेद, एक्स पर जारी किया स्पष्टीकरण

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कोंडा सुरेखा ने केटीआर के खिलाफ की गई निजी टिप्पणियों पर जताया खेद, एक्स पर जारी किया स्पष्टीकरण

सारांश

पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा ने एक्स पर केटीआर के खिलाफ 2024 की निजी टिप्पणियाँ वापस लीं — यह कदम कैबिनेट से बर्खास्तगी और गैर-जमानती वारंट के बीच आया है, जो तेलंगाना की राजनीति में एक नया मोड़ है।

मुख्य बातें

कोंडा सुरेखा ने 29 अक्टूबर 2026 को एक्स पर केटीआर के खिलाफ 2024 में की गई निजी टिप्पणियों पर खेद जताया और उन्हें वापस लिया।
विवाद की जड़ 2 अक्टूबर 2024 का वह बयान था, जिसमें सुरेखा ने नागा चैतन्य-सामंथा तलाक के लिए केटीआर को जिम्मेदार ठहराया था।
अभिनेता नागार्जुन ने मानहानि मुकदमा दायर किया था, जो नवंबर 2025 में सुरेखा के स्पष्टीकरण के बाद वापस लिया गया।
हैदराबाद की अदालत ने दिसंबर 2025 में सुरेखा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया; बीएनएस धारा 356 और धारा 222 के तहत मामला चल रहा है।
सुरेखा को पिछले महीने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ बेटी की टिप्पणियों के कारण तेलंगाना कैबिनेट से हटाया जा चुका है।

कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा ने 29 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) के खिलाफ 2024 में की गई अपनी निजी टिप्पणियों पर खेद व्यक्त किया। यह स्पष्टीकरण उस राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें मानहानि के मुकदमे, गैर-जमानती वारंट और तेलंगाना की राजनीति के कई धागे आपस में उलझे हुए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

2 अक्टूबर 2024 को सुरेखा ने कथित तौर पर अपमानजनक बयान देते हुए अभिनेता नागा चैतन्य और अभिनेत्री सामंथा के तलाक के लिए केटीआर को जिम्मेदार ठहराया था। यह बयान उस समय दिया गया था जब वे बीआरएस पर राजनीतिक हमला बोल रही थीं। हालांकि, इस बयान ने केवल राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की।

नागा चैतन्य के पिता और मशहूर अभिनेता नागार्जुन ने तत्कालीन मंत्री के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया, यह कहते हुए कि सुरेखा की टिप्पणियों ने उनके परिवार की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है। इसके अलावा, केटीआर ने भी सुरेखा को कानूनी नोटिस भेजकर बयान वापस लेने और माफी माँगने की माँग की थी।

मुख्य घटनाक्रम

नवंबर 2025 में सुरेखा ने पहली बार एक्स पर स्पष्ट किया कि उनके बयान का मकसद नागार्जुन या उनके परिवार को आहत करना नहीं था, जिसके बाद नागार्जुन ने मानहानि का मुकदमा वापस ले लिया। हालांकि, उस समय सुरेखा ने केटीआर के बारे में की गई अपनी टिप्पणियों पर अपना रुख बरकरार रखा था।

दिसंबर 2025 में हैदराबाद की एक अदालत ने सुरेखा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। अदालत ने शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए गए प्रारंभिक साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पाया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356 और धारा 222 (धारा 223 के साथ पठित) के तहत आगे बढ़ने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार हैं।

सुरेखा का ताज़ा बयान

अब 29 अक्टूबर 2026 को एक्स पर जारी नए स्पष्टीकरण में सुरेखा ने कहा, 'मुझे वे बेबुनियाद टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए थीं। मेरा मकसद के.टी. रामा राव (केटीआर) या उनके परिवार को दुख पहुंचाना या उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना बिल्कुल नहीं था।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'अगर मेरी टिप्पणियों से उन्हें या उनके परिवार को कोई दुख पहुंचा है, तो मैं इसके लिए खेद जताती हूं और अपनी उन टिप्पणियों को वापस लेती हूं।'

सुरेखा ने कहा कि वे टिप्पणियां 2024 में विपक्ष की आलोचना करते हुए राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में की गई थीं और उनका इरादा ऐसी बातें कहने का नहीं था।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि सुरेखा को पिछले महीने ही मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ उनकी बेटी की कुछ टिप्पणियों के कारण तेलंगाना कैबिनेट से हटाया गया था। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब तेलंगाना कांग्रेस के भीतर भी कई तरह के अंतर्विरोध उभर रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब सुरेखा खुद कानूनी दबाव में हैं और मानहानि के मामले में गैर-जमानती वारंट के बाद उनकी स्थिति राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर जटिल बनी हुई है। आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नज़रें रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कानूनी दबाव में आया एक राजनीतिक पीछाहट है — गैर-जमानती वारंट और चल रही मानहानि कार्यवाही के बीच यह स्पष्टीकरण 'स्वेच्छा' से कम, 'मजबूरी' से अधिक दिखता है। दिलचस्प यह है कि 2024 में जब केटीआर ने माफी माँगने की माँग की थी, तब सुरेखा ने इनकार कर दिया था — अब दो साल बाद परिस्थितियाँ बदली हैं। कैबिनेट से बर्खास्तगी और कानूनी उलझनों के बीच यह कदम तेलंगाना कांग्रेस के भीतर बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता का भी संकेत देता है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोंडा सुरेखा ने केटीआर के खिलाफ कौन सी टिप्पणी की थी?
कोंडा सुरेखा ने 2 अक्टूबर 2024 को कथित तौर पर अपमानजनक बयान देते हुए अभिनेता नागा चैतन्य और अभिनेत्री सामंथा के तलाक के लिए केटीआर को जिम्मेदार ठहराया था। यह बयान उन्होंने विपक्षी बीआरएस की आलोचना करते हुए राजनीतिक संदर्भ में दिया था।
नागार्जुन ने मानहानि मुकदमा क्यों दायर किया और क्या हुआ?
अभिनेता नागार्जुन ने कहा कि सुरेखा की टिप्पणियों से उनके परिवार की गरिमा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा, इसलिए उन्होंने मानहानि मुकदमा दायर किया। नवंबर 2025 में सुरेखा द्वारा एक्स पर यह स्पष्ट करने के बाद कि उनका इरादा नागार्जुन के परिवार को आहत करना नहीं था, नागार्जुन ने यह मुकदमा वापस ले लिया।
हैदराबाद अदालत ने सुरेखा के खिलाफ क्या कार्यवाही की?
दिसंबर 2025 में हैदराबाद की अदालत ने सुरेखा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। अदालत ने शुरुआती साक्ष्यों की समीक्षा के बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356 और धारा 222 (धारा 223 के साथ पठित) के तहत आगे बढ़ने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार पाए।
कोंडा सुरेखा को तेलंगाना कैबिनेट से क्यों हटाया गया?
सुरेखा को पिछले महीने तेलंगाना कैबिनेट से इसलिए हटाया गया क्योंकि उनकी बेटी ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ कुछ टिप्पणियाँ की थीं। यह घटनाक्रम तेलंगाना कांग्रेस के भीतर बढ़ते अंतर्विरोधों को उजागर करता है।
केटीआर के खिलाफ टिप्पणी के मामले में अब आगे क्या होगा?
सुरेखा ने 29 अक्टूबर 2026 को एक्स पर केटीआर के खिलाफ अपनी टिप्पणियाँ वापस लेते हुए खेद जताया है। हालांकि केटीआर द्वारा शुरू की गई मानहानि की कानूनी कार्यवाही अभी भी जारी है और अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई की प्रतीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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