केटी रामा राव ने सीएम रेवंत रेड्डी को दी चेतावनी: माफी मांगें या झेलें कानूनी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने गुरुवार, 23 जुलाई को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे या तो अपने आरोपों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा कानूनी नोटिस का सामना करें। यह विवाद ग्लोबारेना नामक कंपनी और 2019 के इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोटाले से जुड़े आरोपों को लेकर उठा है, जिसमें 27 छात्रों की जान जाने की बात कही गई है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र कोडंगल में एक रैली के दौरान केटी रामा राव पर आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि 2019 में जब तेलंगाना में बीआरएस सत्ता में थी, तब ग्लोबारेना कंपनी ने इंटरमीडिएट परीक्षा के नतीजों में गड़बड़ी की, जिसके कारण 27 छात्रों की मृत्यु हुई। सीएम ने यह भी आरोप लगाया कि ग्लोबारेना, केटी रामा राव की एक प्रॉक्सी कंपनी थी, जिसे आवश्यक अनुभव और योग्यता न होने के बावजूद राजनीतिक दबाव में यह प्रोजेक्ट दिया गया।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि तेलंगाना में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद ग्लोबारेना ने खुद को 'कोएम्प्ट एजुकेशन' के नाम से रीब्रांड किया और केटी रामा राव ने भाजपा नेतृत्व के माध्यम से उसे केंद्र सरकार से अनुबंध दिलाने में सहायता की।
केटी रामा राव की प्रतिक्रिया
केटी रामा राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इन सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा, 'बीआरएस, मेरे परिवार या मेरा ग्लोबारेना से कोई लेना-देना नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कानूनी टीम जल्द ही मुख्यमंत्री को नोटिस भेजेगी।
पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 'पेपर लीक जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर झूठी खबरें फैलाना घृणित है और यह आपके पद को कलंकित करता है।' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी चुप्पी को सहमति न समझा जाए।
गौरतलब है कि यह रैली उस विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में आयोजित की गई थी, जिसमें नई दिल्ली में नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया था।
ग्लोबारेना विवाद की पृष्ठभूमि
आरोपों के अनुसार, 2019 में तेलंगाना की इंटरमीडिएट परीक्षाओं के परिणामों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी ग्लोबारेना कंपनी पर लगाई गई। इस घटना में कथित तौर पर 27 छात्रों की जान गई। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का दावा है कि यह कंपनी केटी रामा राव से जुड़ी थी और उसे अयोग्य होने के बावजूद ठेका दिया गया। हालांकि, केटी रामा राव ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
आगे क्या होगा
बीआरएस की कानूनी टीम द्वारा मुख्यमंत्री को नोटिस भेजे जाने की तैयारी है, जिसमें माफी या कानूनी लड़ाई में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाएगा। यह राजनीतिक टकराव तेलंगाना में बीआरएस और कांग्रेस के बीच बढ़ती कटुता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस मामले में कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर हलचल बढ़ने की संभावना है।