23 जुलाई 2026
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केटी रामा राव ने सीएम रेवंत रेड्डी को दी चेतावनी: माफी मांगें या झेलें कानूनी कार्रवाई

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केटी रामा राव ने सीएम रेवंत रेड्डी को दी चेतावनी: माफी मांगें या झेलें कानूनी कार्रवाई

सारांश

बीआरएस नेता केटी रामा राव ने सीएम रेवंत रेड्डी के ग्लोबारेना आरोपों को सिरे से नकारते हुए कानूनी नोटिस की चेतावनी दी। 2019 के इंटरमीडिएट परीक्षा घोटाले और 27 छात्रों की मौत के मामले पर तेलंगाना में बीआरएस-कांग्रेस टकराव एक नए कानूनी मोड़ पर पहुँच गया है।

मुख्य बातें

केटी रामा राव ने 23 जुलाई को सीएम रेवंत रेड्डी को कानूनी नोटिस भेजने की घोषणा की।
विवाद ग्लोबारेना कंपनी और 2019 के इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोटाले से जुड़ा है, जिसमें 27 छात्रों की मृत्यु का आरोप है।
केटी रामा राव ने एक्स पर पोस्ट कर बीआरएस और परिवार का ग्लोबारेना से कोई संबंध होने से साफ इनकार किया।
सीएम रेवंत रेड्डी ने कोडंगल रैली में आरोप लगाया था कि ग्लोबारेना केटी रामा राव की प्रॉक्सी कंपनी थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि कंपनी ने भाजपा नेतृत्व के जरिए खुद को 'कोएम्प्ट एजुकेशन' के नाम से रीब्रांड कर केंद्र से ठेका हासिल किया।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने गुरुवार, 23 जुलाई को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे या तो अपने आरोपों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा कानूनी नोटिस का सामना करें। यह विवाद ग्लोबारेना नामक कंपनी और 2019 के इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोटाले से जुड़े आरोपों को लेकर उठा है, जिसमें 27 छात्रों की जान जाने की बात कही गई है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र कोडंगल में एक रैली के दौरान केटी रामा राव पर आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि 2019 में जब तेलंगाना में बीआरएस सत्ता में थी, तब ग्लोबारेना कंपनी ने इंटरमीडिएट परीक्षा के नतीजों में गड़बड़ी की, जिसके कारण 27 छात्रों की मृत्यु हुई। सीएम ने यह भी आरोप लगाया कि ग्लोबारेना, केटी रामा राव की एक प्रॉक्सी कंपनी थी, जिसे आवश्यक अनुभव और योग्यता न होने के बावजूद राजनीतिक दबाव में यह प्रोजेक्ट दिया गया।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि तेलंगाना में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद ग्लोबारेना ने खुद को 'कोएम्प्ट एजुकेशन' के नाम से रीब्रांड किया और केटी रामा राव ने भाजपा नेतृत्व के माध्यम से उसे केंद्र सरकार से अनुबंध दिलाने में सहायता की।

केटी रामा राव की प्रतिक्रिया

केटी रामा राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इन सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा, 'बीआरएस, मेरे परिवार या मेरा ग्लोबारेना से कोई लेना-देना नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कानूनी टीम जल्द ही मुख्यमंत्री को नोटिस भेजेगी।

पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 'पेपर लीक जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर झूठी खबरें फैलाना घृणित है और यह आपके पद को कलंकित करता है।' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी चुप्पी को सहमति न समझा जाए।

गौरतलब है कि यह रैली उस विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में आयोजित की गई थी, जिसमें नई दिल्ली में नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया था।

ग्लोबारेना विवाद की पृष्ठभूमि

आरोपों के अनुसार, 2019 में तेलंगाना की इंटरमीडिएट परीक्षाओं के परिणामों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी ग्लोबारेना कंपनी पर लगाई गई। इस घटना में कथित तौर पर 27 छात्रों की जान गई। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का दावा है कि यह कंपनी केटी रामा राव से जुड़ी थी और उसे अयोग्य होने के बावजूद ठेका दिया गया। हालांकि, केटी रामा राव ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

आगे क्या होगा

बीआरएस की कानूनी टीम द्वारा मुख्यमंत्री को नोटिस भेजे जाने की तैयारी है, जिसमें माफी या कानूनी लड़ाई में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाएगा। यह राजनीतिक टकराव तेलंगाना में बीआरएस और कांग्रेस के बीच बढ़ती कटुता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस मामले में कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर हलचल बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और जिसका राजनीतिक हिसाब अब तक नहीं चुका। सवाल यह है कि क्या यह कानूनी नोटिस वास्तव में सत्य की तलाश है, या विपक्षी दल की उस रणनीति का हिस्सा है जो हर आरोप को अदालत में खींचकर जनता की स्मृति से मिटाना चाहती है। ग्लोबारेना-से-कोएम्प्ट एजुकेशन के रीब्रांडिंग के दावे, यदि सत्य हों, तो यह प्रशासनिक जवाबदेही का गंभीर प्रश्न उठाते हैं — जिसकी जाँच किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा होनी चाहिए, न कि रैली के मंच से।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटी रामा राव ने सीएम रेवंत रेड्डी को कानूनी नोटिस क्यों भेजने की बात कही?
सीएम रेवंत रेड्डी ने केटी रामा राव पर आरोप लगाया कि ग्लोबारेना कंपनी उनकी प्रॉक्सी थी, जिसने 2019 में इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी की। केटी रामा राव ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए माफी या कानूनी कार्रवाई का विकल्प दिया।
ग्लोबारेना विवाद क्या है?
ग्लोबारेना एक कंपनी है जिस पर 2019 में तेलंगाना की इंटरमीडिएट परीक्षाओं के परिणामों में गड़बड़ी का आरोप है, जिससे कथित तौर पर 27 छात्रों की जान गई। सीएम रेवंत रेड्डी का दावा है कि यह कंपनी केटी रामा राव से जुड़ी थी, जिसे बीआरएस ने पूरी तरह नकारा है।
केटी रामा राव ने एक्स पर क्या कहा?
केटी रामा राव ने एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि बीआरएस, उनके परिवार या उनका ग्लोबारेना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री को 'चीप मिनिस्टर' कहते हुए कहा कि पेपर लीक जैसी घटना पर झूठ फैलाना उनके पद को कलंकित करता है।
यह रैली किस संदर्भ में आयोजित की गई थी?
यह रैली नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की हिरासत के विरोध में कोडंगल में आयोजित की गई थी।
क्या केटी रामा राव और ग्लोबारेना के बीच संबंध साबित हुआ है?
अभी तक यह आरोप सीएम रेवंत रेड्डी का दावा मात्र है। केटी रामा राव ने इसे पूरी तरह निराधार बताया है और कानूनी नोटिस के जरिए इसे चुनौती देने की घोषणा की है। मामले की कोई स्वतंत्र जाँच की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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