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क्या जीएसटी स्लैब में बदलाव अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा? एन. महेश

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क्या जीएसटी स्लैब में बदलाव अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा? एन. महेश

सारांश

क्या जीएसटी स्लैब में बदलाव वास्तव में अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा? एन. महेश ने केंद्र सरकार के इस निर्णय की सराहना की है। जानिए इस निर्णय के पीछे का तर्क और इससे होने वाले संभावित फायदों के बारे में।

मुख्य बातें

जीएसटी में बदलाव से क्रय शक्ति में वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
अर्थव्यवस्था को नया जीवन मिलेगा।
गरीब और मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी।
बाजार में मांग बढ़ेगी।

बेंगलुरु, 8 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री एन. महेश ने केंद्र सरकार द्वारा विलासिता की वस्तुओं पर कर बढ़ाने और गरीब तथा मध्यम वर्ग की आवश्यक वस्तुओं पर कर कम करने के निर्णय को क्रांतिकारी कदम बताया है।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा और लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाएगा।

एन. महेश ने रविवार को बेंगलुरु में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह निर्णय आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत करेगा। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पिछले छह-सात दशकों में गरीबी उन्मूलन के नाम पर बेकार कार्यक्रम चलाए, जिससे लोग गरीबी के जाल में फंसे रहे। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अब निर्भरता से मुक्त होकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है और पिछले कुछ वर्षों में 20 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

एन. महेश ने जीएसटी के इस संशोधन को दशहरा और दीवाली का उपहार बताते हुए कहा कि इससे केंद्र सरकार को 48 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन यह पैसा आम जनता की जेब में रहेगा। इससे दो महीने बाद लोगों की क्रय शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जो बाजार में मांग को बढ़ाएगी।

उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल आम जनता के लिए फायदेमंद है, बल्कि दीर्घकाल में सरकार को राजस्व वृद्धि में भी मदद करेगा।

उन्होंने इस निर्णय को अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि विलासिता की वस्तुओं पर कर बढ़ाने से अमीर वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी। इससे सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था में संतुलन आएगा।

एन. महेश ने आगे कहा कि यह निर्णय सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें गरीबों और मध्यम वर्ग की प्राथमिकताओं को सर्वोच्च महत्वपूर्णता दी जा रही है। केंद्र सरकार का यह कदम छोटे और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देगा, क्योंकि उपभोक्ताओं की बढ़ी हुई क्रय शक्ति से बाजार में मांग बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस निर्णय को सकारात्मक रूप से देखना चाहिए। यह गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत का संकेत है और आर्थिक संतुलन लाने में मदद करेगा। सरकार की यह नीति सामाजिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी स्लैब में बदलाव से क्या लाभ होगा?
इससे गरीब और मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी और उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी।
क्या यह निर्णय देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?
जी हां, यह निर्णय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा और बाजार में मांग को बढ़ाएगा।
कौन से वर्ग को इस निर्णय से अधिक लाभ होगा?
गरीब और मध्यम वर्ग को इस निर्णय से अधिक लाभ होगा।
क्या सरकार को राजस्व में कमी आएगी?
हां, सरकार को 48 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा।
इस निर्णय का दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा?
इससे दीर्घकाल में सरकार को राजस्व वृद्धि में मदद मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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