क्या हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री नहीं बन सकती? - संजय निरुपम
सारांश
Key Takeaways
- हिजाब पहनने वाली महिलाएं भारत में प्रधानमंत्री नहीं बन सकतीं।
- ओवैसी का सपना राजनीतिक दृष्टि से विवादास्पद है।
- सोमनाथ का इतिहास और महत्व।
- ममता बनर्जी का सरकारी काम में दखल विवादित है।
- अजीत और शरद पवार के बीच परिवारिक मतभेद खत्म हो रहे हैं।
मुंबई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री नहीं बन सकती, लेकिन वह पाकिस्तान या बांग्लादेश की प्रधानमंत्री जरूर बन सकती हैं।
ओवैसी ने एक कार्यक्रम में कहा कि उनका सपना है कि भविष्य में एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला इस देश की प्रधानमंत्री बने।
संजय निरुपम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हिजाब पहनने वाली महिला प्रधानमंत्री बन सकती है, लेकिन केवल पाकिस्तान, बांग्लादेश या किसी खाड़ी देश की। यदि ओवैसी का सपना है कि हिजाब पहनने वाली महिला को प्रधानमंत्री बनाना है, तो उन्हें पाकिस्तान जाकर उस दिशा में प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक भव्य उत्सव है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होने वाले हैं। सोमनाथ भारत का आत्म-सम्मान है और हमारी संस्कृति का प्रतीक है। यह वही मंदिर है जिस पर लगभग हजार साल पहले महमूद गजनवी ने हमला किया था।
संजय निरुपम ने ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में ईडी ने आई-पैक ऑफिस पर छापा मारा, और जिस तरह से ममता बनर्जी ने सरकारी काम में दखल दिया, वह भारत के संवैधानिक सिस्टम का उल्लंघन है। यह एक गैर-कानूनी कार्य है। जनता सब कुछ देख रही है और सही समय का इंतजार कर रही है।
उन्होंने अजीत पवार और शरद पवार का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार का झगड़ा अब खत्म हो गया है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ दोनों नगर निगमों में दोनों पार्टियाँ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं, जो एक अच्छी बात है।