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क्या केंद्र सरकार हादसों के बाद जागती है? : राशिद अल्वी

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क्या केंद्र सरकार हादसों के बाद जागती है? : राशिद अल्वी

सारांश

राशिद अल्वी ने केंद्र सरकार की असंवेदनशीलता पर सवाल उठाया है, आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार हादसों के बाद जागती है। क्या यह स्थिति भविष्य में और हादसों का कारण बनेगी? आइए, इस पर विस्तार से चर्चा करते हैं।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार को हादसों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
राशिद अल्वी ने सरकार की असंवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं।
हादसों के बाद ही जागने की प्रवृत्ति खतरनाक है।
संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की मान्यता का मुद्दा भी उठाया गया है।
इजरायल और ईरान के बीच के विवाद पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 15 जून (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद राशिद अल्वी ने अहमदाबाद और उत्तराखंड में हुए विमान और हेलीकॉप्टर के हादसों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

राशिद अल्वी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार असंवेदनशील है। पिछले 11 साल में करीब 700 ट्रेन एक्सीडेंट देश में हुए हैं। हेलीकॉप्टर के एक्सीडेंट हो रहे हैं। अहमदाबाद में बोइंग विमान का एक्सीडेंट हुआ। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक्सीडेंट रोके नहीं जा सकते। जिस सरकार की सोच हो कि एक्सीडेंट नहीं रुक सकते, वहां किसी की कोई जिम्मेदारी नहीं होती और ऐसी स्थिति में एक्सीडेंट होते रहेंगे। गृह मंत्री के बयान से स्पष्ट हो गया है कि इस घटना के बाद भी अधिकारी सुरक्षित हैं। मरने वालों से सरकार को कोई परेशानी नहीं है।"

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगातार प्लेन क्रैश की घटनाएं हो रही हैं। छठा-सातवां प्लेन क्रैश रविवार को हुआ। भाजपा को इसकी चिंता नहीं है और न ही इसके लिए समय है। भाजपा के तीन तलाक, वक्फ और यूनिफॉर्म सिविल कोड में ही व्यस्त है।

अल्वी ने कहा कि बोइंग पर पूरी दुनिया में सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस के कार्यकाल में बोइंग पर सीबीआई की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेशित थी। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने उस जांच को बंद कर दिया था। अगर उसी समय बोइंग की खामी पता चल जाती तो यह हादसा नहीं होता। बोइंग का छह महीने तक इस्तेमाल नहीं किया गया था। अचानक उसका इस्तेमाल हुआ। यही हाल हेलीकॉप्टर्स का है। हमारे पूर्व सीडीएस भी प्लेन क्रैश का शिकार हुए। लेकिन, केंद्र सरकार को कोई चिंता नहीं है। सरकार हादसा होने से पहले नहीं जागती। पहले जागती, तो अहमदाबाद विमान हादसा नहीं होता।

फिलिस्तीन पर राशिद अल्वी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्य देशों में 174 ने एक देश के रूप में फिलिस्तीन को मान्यता दी है। इसके बावजूद अमेरिका जैसे ताकतवर देश फिलिस्तीन के पक्ष में नहीं हैं।

राशिद अल्वी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के विचारों को पूरी दुनिया जानती है। सरकार संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन के पक्ष में खड़ी नहीं होगी। वह इजरायल के साथ है, जबकि इजरायल ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है और बिना किसी कारण ईरान पर हमला किया है। भारत सरकार ने ईरान पर हुए इजरायल के आक्रमण की निंदा भी नहीं की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। केंद्र सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह ऐसे हादसों का पूर्वानुमान करें और रोकथाम के उपाय करें। यह आवश्यक है कि सरकार जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राशिद अल्वी ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
राशिद अल्वी ने कहा है कि केंद्र सरकार असंवेदनशील है और हादसों के बाद ही जागती है।
क्या केंद्र सरकार हादसों की रोकथाम के लिए कुछ कर रही है?
राशिद अल्वी के अनुसार, सरकार को हादसों की रोकथाम के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए।
अहमदाबाद और उत्तराखंड में हुए हादसे के कारण क्या हैं?
सिर्फ तकनीकी खामियाँ ही नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही भी इन हादसों के पीछे हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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