क्या मृत व्यक्ति कहे वो जिंदा है तो एसआईआर पर सवाल उठेंगे? : इमरान मसूद
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नई दिल्ली, 14 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि जीवन में कई दिलचस्प अनुभव हुए हैं, लेकिन कभी भी 'मृत लोगों' के साथ चाय पीने का अवसर नहीं मिला। इस अद्वितीय अनुभव के लिए चुनाव आयोग को धन्यवाद। मसूद ने कहा कि अगर कोई मृत व्यक्ति यह दावा करता है कि वह जीवित है, तो एसआईआर की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लाज़मी हैं।
राहुल गांधी एसआईआर के संदर्भ में बिहार में यात्रा करेंगे, जिससे राजनीति और गरमाई हुई है। इमरान मसूद ने कहा कि विपक्ष का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी मतदाता का वोट न कटे।
मसूद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि यदि कोई ऐसा व्यक्ति, जिसे मृत घोषित किया गया है, यह दावा करता है कि वह जीवित है, तो एसआईआर की विश्वसनीयता पर स्वाभाविक रूप से संदेह होगा।
सुप्रीम कोर्ट में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चल रही सुनवाई के बारे में उन्होंने बताया कि निर्णय अभी आना बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटाया जाए।
उन्होंने यह सवाल उठाया कि यदि बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, तो इसके पीछे का कारण स्पष्ट होना चाहिए। खासकर तब, जब ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मृत घोषित किए गए मतदाता वास्तव में जीवित हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी मताधिकार से वंचित न हो।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव में हार के डर से विपक्षी दल एसआईआर पर भ्रम पैदा कर रहे हैं, मसूद ने कहा कि हम चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहे हैं और आयोग को इस पर उत्तर देना चाहिए।
भारतीय सेना पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट की ओर से फटकार लगाए जाने पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने जो सवाल सरकार से पूछे हैं, उनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं।