8 नवंबर 2026
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लखीसराय में पुलिस टीम पर 200 लोगों की भीड़ का पथराव, एसआई त्रिभुवन ठाकुर समेत 4 घायल; 12 गिरफ्तार

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लखीसराय में पुलिस टीम पर 200 लोगों की भीड़ का पथराव, एसआई त्रिभुवन ठाकुर समेत 4 घायल; 12 गिरफ्तार

सारांश

बिहार के लखीसराय में अवैध शराब और जुए की सूचना पर छापेमारी करने पहुँची पुलिस टीम पर 200 लोगों की भीड़ ने पथराव किया। एसआई त्रिभुवन ठाकुर सहित 4 पुलिसकर्मी घायल हुए, 2 वाहन क्षतिग्रस्त। पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया, सीसीटीवी से शेष आरोपियों की पहचान जारी।

मुख्य बातें

8 नवंबर 2026 को बिहार के लखीसराय के बालगुदर गांव, सहनी टोला में पुलिस छापेमारी दल पर हमला हुआ।
एसआई त्रिभुवन ठाकुर के सिर में चोट; एक महिला कांस्टेबल और दो सिपाही भी घायल।
करीब 200 लोगों की भीड़ ने पथराव किया, पुलिस के दो वाहन क्षतिग्रस्त किए।
पुलिस ने कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया; सीसीटीवी फुटेज से शेष आरोपियों की पहचान जारी।
पुलिस के अनुसार, हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था।

बिहार के लखीसराय जिले में 8 नवंबर 2026 को रविवार सुबह नगर थाना की पुलिस टीम पर असामाजिक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर (एसआई) त्रिभुवन ठाकुर सहित एक महिला कांस्टेबल और दो अन्य सिपाही घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, करीब 200 लोगों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर जमकर पथराव किया और दो पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।

घटनाक्रम कैसे हुआ

पुलिस के बयान के अनुसार, रविवार सुबह नगर थाना को सूचना मिली कि बालगुदर गांव के सहनी टोला स्थित काली मंदिर के पास कुछ लोग नशे की हालत में हंगामा कर रहे हैं। इसके साथ ही वहाँ अवैध शराब के भंडारण और जुए की भी सूचना थी।

सूचना की पुष्टि के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देकर पुलिस टीम छापेमारी के लिए गाँव पहुँची। टीम ने काली मंदिर से कुछ पहले ही वाहन छोड़कर पैदल आगे बढ़ने का निर्णय लिया। पुलिस को देखते ही वहाँ मौजूद लोग भड़क उठे और 'मारो-मारो' के नारे लगाते हुए पुलिसकर्मियों पर टूट पड़े।

हमले का विवरण

पुलिस ने छापेमारी के दौरान दो लोगों को हिरासत में भी ले लिया था, लेकिन उपद्रवियों ने उन्हें जबरन छुड़ा लिया। इसके बाद भीड़ ने और तेज पथराव शुरू कर दिया। हमले में एसआई त्रिभुवन ठाकुर के सिर में गंभीर चोट आई। इसके अलावा एक महिला कांस्टेबल और दो सिपाही भी जख्मी हुए। सभी घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार दिलाया गया।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया, परंतु उपद्रवियों ने हमला जारी रखा। पुलिस के बयान के अनुसार, यह हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था।

पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद पुलिस ने तेज़ी से जवाबी कदम उठाए और कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर हमले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में दोषी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और शेष फरार आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।

आम जनता पर असर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में अवैध शराब और जुए के खिलाफ पुलिस की छापेमारी अभियान जारी है। पुलिस दल पर इस तरह के सुनियोजित हमले कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती खड़ी करते हैं। गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू है और अवैध शराब के खिलाफ नियमित कार्रवाई होती रहती है।

आगे क्या होगा

पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जाँच जारी है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना है। एसआई त्रिभुवन ठाकुर और अन्य घायल पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार की खबर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या फिर मामला कुछ गिरफ्तारियों पर रुक जाएगा और असली सरगना बच निकलेंगे।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखीसराय में पुलिस पर हमला क्यों हुआ?
पुलिस अवैध शराब भंडारण और जुए की सूचना पर बालगुदर गांव के सहनी टोला में छापेमारी करने पहुँची थी। वहाँ मौजूद लोगों ने पुलिस को देखते ही 'मारो-मारो' का शोर मचाते हुए पथराव शुरू कर दिया और करीब 200 लोगों की भीड़ जुट गई।
हमले में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए और उनकी स्थिति कैसी है?
हमले में कुल चार पुलिसकर्मी घायल हुए — एसआई त्रिभुवन ठाकुर (सिर में चोट), एक महिला कांस्टेबल और दो अन्य सिपाही। सभी को अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया।
इस मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस के अनुसार अब तक कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शेष आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किए जाने की बात कही गई है।
क्या यह हमला सुनियोजित था?
पुलिस अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था। भीड़ ने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दो लोगों को जबरन छुड़ाया और फिर बड़े पैमाने पर पथराव शुरू किया।
लखीसराय पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी?
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जाँच जारी है। सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा और किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।
राष्ट्र प्रेस
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