भागलपुर हिंसा: 155 संदिग्ध उपद्रवियों की तस्वीरें जारी, पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज की
सारांश
मुख्य बातें
भागलपुर में 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान छात्र प्रदर्शन में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय ने 26 जुलाई को घटना में शामिल 155 संदिग्ध उपद्रवियों की तस्वीरें सार्वजनिक कीं और आम नागरिकों से पहचान में सहयोग की अपील की। पुलिस के अनुसार, हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
तिलकामांझी चौक पर शांतिपूर्वक चल रहे छात्र प्रदर्शन के बीच कुछ उपद्रवी तत्वों ने हिंसा शुरू कर दी। आरोप है कि इन तत्वों ने पुलिस बल, आम नागरिकों और मीडियाकर्मियों पर लाठी-डंडों तथा ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिसमें कई लोगों को सामान्य चोटें आईं।
एसएसपी कार्यालय के अनुसार, हिंसा के दौरान दो सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया और एक स्मारक चिन्ह को भी नुकसान पहुँचाया गया। मनाली चौक और शहर के अन्य हिस्सों में भी उपद्रव की सूचना मिली।
पुलिस की कार्रवाई
स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस ने तत्काल कदम उठाते हुए घटनास्थल पर करीब 25 से 30 उपद्रवियों को हिरासत में लिया। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया के माध्यम से 100 से अधिक अन्य संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है।
पुलिस ने बताया कि संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी जारी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे फोटो के क्रम संख्या के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान कर भागलपुर पुलिस के हेल्पलाइन नंबरों — 9031828002, 9031828003, 9031828010, 9031828011 और 9031827930 — पर सूचना दें।
सरकार और पुलिस का रुख
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी कार्यालय ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया था कि छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और हिंसा कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भड़काई गई।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। भागलपुर में हुई इस हिंसा ने शहर के सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया। गौरतलब है कि छात्र प्रदर्शनों के दौरान इस तरह की हिंसा की घटनाएँ बिहार में पहले भी देखी जा चुकी हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, शेष संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी रहेगी। सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।