गिरिडीह में पुलिस टीम पर हमला और पथराव, साइबर आरोपी फरार; दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गिरिडीह जिले में 10-11 जून की दरम्यानी रात साइबर अपराध के एक वांछित आरोपी को हिरासत में लेने पहुँची पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया, पथराव किया और सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए और आरोपी पुलिस की पकड़ से फरार हो गया। मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
घटनाक्रम: कैसे भड़की हिंसा
साइबर थाना की टीम को सूचना मिली थी कि साइबर अपराध के मामले में वांछित आरोपी चुड़ामन मंडल अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के चिकसोरिया गाँव में अपने घर पर है। सूचना के आधार पर पुलिस दल ने गाँव में दबिश दी और आरोपी को हिरासत में लेने की कार्रवाई आरंभ की।
आरोप है कि इसी दौरान वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई — पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई, उन पर पथराव किया गया और सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुँचाया गया। इसी अफरा-तफरी में आरोपी चुड़ामन मंडल पुलिस हिरासत से फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। जाँच के दौरान पुलिस ने चिकसोरिया गाँव निवासी जितन मंडल (51 वर्ष) और सूरज मंडल (20 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ जारी है।
घटना के बाद अहिल्यापुर थाना में मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। इस अभियान में साइबर थाना, मुफस्सिल थाना और अहिल्यापुर थाना की संयुक्त टीमें लगी हैं।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरार साइबर आरोपी चुड़ामन मंडल सहित घटना में शामिल अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है।
आम जनता और कानून-व्यवस्था पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड में साइबर अपराध के मामलों में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की जा रही है और पुलिस इस दिशा में सक्रिय अभियान चला रही है। पुलिस टीम पर इस तरह का हमला न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह साइबर अपराधियों के स्थानीय नेटवर्क और उनकी सामाजिक पैठ की ओर भी इशारा करता है। आने वाले दिनों में पुलिस की छापेमारी और गिरफ्तारियाँ यह तय करेंगी कि इस मामले में कितने और लोग संलिप्त थे।