14 जुलाई 2026
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लालू यादव मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का स्वागत, जदयू विधायक श्याम रजक बोले — आमिर खान निर्विवाद देशभक्त

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लालू यादव मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का स्वागत, जदयू विधायक श्याम रजक बोले — आमिर खान निर्विवाद देशभक्त

सारांश

जदयू विधायक श्याम रजक ने एक बयान में तीन अलग-अलग विवादास्पद मुद्दों पर एकसाथ स्थिति स्पष्ट की — लालू यादव मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का स्वागत, आमिर खान को निर्विवाद देशभक्त बताना, और 'वन नेशन, वन इलेक्शन' को समर्थन। बिहार की राजनीति में यह बयान कई मोर्चों पर संकेत देता है।

मुख्य बातें

जदयू विधायक श्याम रजक ने 14 जुलाई 2026 को पटना में लालू प्रसाद यादव मामले में सुप्रीम कोर्ट के 6 महीने में निपटारे के निर्देश का स्वागत किया।
रजक ने कहा कि जमानत देना या न देना पूरी तरह न्यायपालिका का अधिकार है, किसी राजनेता को टिप्पणी का अधिकार नहीं।
अभिनेता आमिर खान को देशभक्त बताया; नितेश राणे की बहिष्कार अपील को नैतिक रूप से अनुचित करार दिया।
कहा — आमिर खान का निजी जीवन 'लव जिहाद' जैसे राजनीतिक विमर्श से जोड़ना उचित नहीं।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' का समर्थन किया; कहा — एक साथ चुनाव से आर्थिक संसाधनों की बचत होगी।

जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने 14 जुलाई 2026 को पटना में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से जुड़े लंबित मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने के निर्देश का खुलकर स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने अभिनेता आमिर खान की देशभक्ति को निर्विवाद बताया और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे की बहिष्कार अपील को नैतिक रूप से अनुचित करार दिया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रतिक्रिया

श्याम रजक ने कहा कि लालू प्रसाद यादव से जुड़ा मामला न्यायालय में काफी लंबे समय से विचाराधीन है। उन्होंने कहा, 'कोर्ट ने अच्छी बात कही है कि छह महीने के अंदर इसका निपटारा हो जाना चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए — मामला अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खिंचना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जमानत देना या न देना पूरी तरह न्यायपालिका का अधिकार है और इस पर किसी राजनेता या अन्य व्यक्ति को टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि यह मामला वर्षों से लंबित होने के कारण राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

आमिर खान की देशभक्ति पर बेबाक बयान

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे द्वारा अभिनेता आमिर खान पर लगाए गए आरोपों और उनकी फिल्मों के बहिष्कार की अपील पर श्याम रजक ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी करने वालों का अपना इतिहास जनता के सामने है और उन्हें इस तरह की बात करने का कोई नैतिक या संवैधानिक अधिकार नहीं है।

जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या वह आमिर खान को देशभक्त मानते हैं, तो रजक ने कहा, 'इसमें किसी प्रकार का कोई संदेह नहीं है। उनकी देशभक्ति पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा सकता। आज तक ऐसा कोई इतिहास नहीं है जिससे उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाया जा सके।' उन्होंने आगे कहा कि आमिर खान ने अपनी फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों और देश की महत्वपूर्ण समस्याओं को प्रभावी ढंग से सामने रखा है और ऐसे कलाकारों को सम्मान मिलना चाहिए।

निजी जीवन और राजनीतिक विमर्श

श्याम रजक ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति का निजी जीवन उसका व्यक्तिगत विषय है और उसे 'लव जिहाद' जैसे राजनीतिक विमर्श से जोड़ना उचित नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में कई फिल्मी हस्तियों के निजी जीवन को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाया जा रहा है।

'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर समर्थन

'वन नेशन, वन इलेक्शन' के मुद्दे पर जदयू विधायक ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि पूरे देश में एक साथ चुनाव कराए जाते हैं तो आर्थिक संसाधनों की बचत होगी और प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित होगी। रजक ने उम्मीद जताई कि इस विषय पर जल्द निर्णय लेकर भविष्य में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे देश और जनता दोनों को लाभ होगा।

श्याम रजक के इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक साथ कई संवेदनशील मुद्दों को छूते हुए यह संकेत दिया है कि जदयू न्यायिक प्रक्रिया की स्वायत्तता और सांस्कृतिक सहिष्णुता दोनों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने में पीछे नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी राजनीतिक बुनावट एक ही धागे से है — जदयू की 'संतुलित' छवि को रेखांकित करना। लालू मामले में न्यायपालिका की स्वायत्तता का समर्थन करते हुए वे राजद पर सीधा हमला किए बिना संदेश देते हैं। आमिर खान का बचाव उन्हें अल्पसंख्यक-सहिष्णु दिखाता है, जबकि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' का समर्थन उन्हें NDA की लाइन पर रखता है। यह बिहार चुनावी समीकरणों की दृष्टि से सोची-समझी स्थिति-निर्धारण है, न केवल सहज प्रतिक्रिया।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव के मामले में क्या निर्देश दिया?
सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि लालू प्रसाद यादव से जुड़े लंबित मामले की सुनवाई 6 महीने के भीतर पूरी की जाए। जदयू विधायक श्याम रजक ने इसे सकारात्मक कदम बताया और कहा कि मामला अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खिंचना चाहिए।
श्याम रजक ने आमिर खान के बारे में क्या कहा?
जदयू विधायक श्याम रजक ने आमिर खान को देशभक्त बताया और कहा कि उनकी देशभक्ति पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा सकता। उन्होंने महाराष्ट्र मंत्री नितेश राणे की बहिष्कार अपील को नैतिक और संवैधानिक रूप से अनुचित करार दिया।
नितेश राणे ने आमिर खान के खिलाफ क्या कहा था?
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने आमिर खान पर आरोप लगाए और उनकी फिल्मों के बहिष्कार की अपील की थी। श्याम रजक ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे लोगों का अपना इतिहास जनता के सामने है।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर जदयू का क्या रुख है?
जदयू विधायक श्याम रजक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पहल का समर्थन किया। उनके अनुसार एक साथ चुनाव से आर्थिक संसाधनों की बचत होगी और सरकारी मशीनरी विकास कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेगी।
श्याम रजक किस पार्टी के विधायक हैं और यह बयान कब आया?
श्याम रजक जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक हैं। यह बयान 14 जुलाई 2026 को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान आया, जिसमें उन्होंने एक साथ कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
राष्ट्र प्रेस
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