लॉरेंस बिश्नोई के भतीजे सचिन की 16 दिन की भूख हड़ताल के बाद जयपुर JLN अस्पताल में भर्ती, सुरक्षा कड़ी
सारांश
मुख्य बातें
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भतीजे सचिन उर्फ संदीप को लगातार 16 दिनों तक भोजन से इनकार करने के बाद 22 अक्टूबर 2026 को जयपुर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल के बंदी वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए जिला पुलिस ने अस्पताल के बाहर सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने पुष्टि की कि सचिन ने 5 अक्टूबर 2026 से भोजन लेना बंद कर दिया था। जेल प्रशासन के अनुसार, उसे प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराया जाता रहा, किंतु उसने लगातार मना कर दिया। उल्लेखनीय यह है कि सचिन ने न तो कोई लिखित आवेदन दिया और न ही कोई औपचारिक मांग अधिकारियों के सामने रखी।
जांगिड़ ने बताया कि इस घटनाक्रम की जानकारी जिला प्रशासन एवं वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। फिलहाल, उसके भोजन से इनकार के पीछे का कारण अधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं है।
नवरात्रि व्रत से शुरू हुई कहानी
रिपोर्टों के अनुसार, सचिन ने प्रारंभ में जेल अधिकारियों को बताया था कि वह नवरात्रि व्रत रख रहा है। हालाँकि, नौ दिन का पर्व समाप्त हो जाने के बाद भी उसने नियमित भोजन ग्रहण नहीं किया। इस अवधि में उसने जेल कैंटीन से फल और अन्य सामान लिया, नवरात्रि पूजा के लिए सामग्री भी मँगाई और कथित तौर पर मौन व्रत भी रखा। इसी दौरान उसके वकील ने भी उससे मुलाकात की थी।
पृष्ठभूमि: अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल से स्थानांतरण
पंजाब के फाजिल्का जिले के बहाववाला क्षेत्र स्थित दुतरावाली गाँव का निवासी सचिन पहले जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद था। मई 2024 में उसे अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल में स्थानांतरित किया गया था। वहाँ शुरू में उसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े अन्य कैदियों के साथ रखा गया था।
गौरतलब है कि बाद में बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुँचाने की एक घटना के बाद सचिन और उसके सहयोगियों को अलग-अलग वार्डों में भेज दिया गया था। यह अलगाव उसकी मनोस्थिति पर असर डालने वाला कारक रहा हो सकता है, हालाँकि अधिकारी इस पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता
JLN अस्पताल के बंदी वार्ड के बाहर भारी सशस्त्र पुलिस बल तैनात किया गया है। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की देशव्यापी नेटवर्किंग को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियाँ किसी भी अनहोनी से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिश्नोई गिरोह की गतिविधियाँ पहले से ही राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं।
आगे क्या
अधिकारियों के अनुसार, सचिन की चिकित्सा स्थिति की निगरानी की जा रही है और उसकी माँगों — यदि कोई हों — का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। जब तक उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं होता और स्थिति स्पष्ट नहीं होती, बंदी वार्ड के बाहर कड़ी सुरक्षा बनाए रखी जाएगी।