लोजपा (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक दिल्ली में, 6 राज्यों के चुनावों पर होगी रणनीति
सारांश
मुख्य बातें
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 10 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में देशभर के प्रदेश अध्यक्ष, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी एकजुट हुए, जहाँ संगठन को सुदृढ़ करने और आगामी 6 राज्यों के विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तृत विचार-मंथन होने की संभावना व्यक्त की गई।
बैठक का मुख्य एजेंडा
बिहार सरकार में मंत्री एवं लोजपा (रामविलास) नेता संजय पासवान ने बताया कि यह बैठक विधायकों के निर्वाचन के बाद पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी है। उन्होंने कहा, "आज मैं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आया हूँ। विधायक बनने के बाद यह पहली बार है जब राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है। पूरे देश से सभी प्रदेश अध्यक्ष और विधायक सब लोग आए हैं।"
संजय पासवान ने स्पष्ट किया कि बैठक का केंद्रीय उद्देश्य पार्टी संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करना है। उन्होंने कहा, "आने वाले समय में 6 राज्यों में चुनाव हैं। उस पर भी विचार होने की संभावना है। हमारे नेता चिराग पासवान ने हम सबको बुलाया है ताकि अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँ और आगे की रणनीति तय करें।"
चिराग पासवान के दिशा-निर्देश पर नज़र
संजय पासवान ने यह भी संकेत दिया कि बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएँगे। उन्होंने कहा, "आज महत्वपूर्ण निर्णय होंगे। हमारे नेता चिराग पासवान आज जो भी दिशा-निर्देश देंगे, हम सब लोग उसको ज़मीन पर उतारने का काम करेंगे।" यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ तेज़ होने लगी हैं।
झारखंड में छात्र आंदोलन पर पार्टी का रुख
बैठक के इतर संजय पासवान ने झारखंड में छात्रों के विधानसभा मार्च पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हम छात्रों के प्रदर्शन के समर्थक हैं। छात्र हमारे देश का भविष्य हैं। उन्हीं पर सब कुछ निर्भर करता है। हम सब छात्रों के साथ हैं और उनकी माँगों का पूरा समर्थन करते हैं।"
हालाँकि, मंत्री ने संयम की अपील करते हुए कहा कि "बातचीत से ही समाधान निकाला जा सकता है। सरकार को बातचीत करनी चाहिए। किसी भी तरह का उग्र आंदोलन नहीं होना चाहिए।"
लोकतंत्र और संवाद पर पार्टी की स्थिति
संजय पासवान ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सर्वमान्य है, परंतु समस्याओं का स्थायी समाधान शांति और संवाद के मार्ग से ही संभव है। पार्टी छात्रों की जायज़ माँगों के साथ खड़ी है और सरकार से सीधी बातचीत की पैरवी करती है।
आगे की राह
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस बैठक से लोजपा (रामविलास) की आगामी चुनावी रणनीति की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि चिराग पासवान के नेतृत्व में पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दल के रूप में अपनी ज़मीन मज़बूत करने में जुटी है।