'मामला लीगल है' का दूसरा सीजन: कोर्टरूम में पागलपन और प्यार का अनोखा संगम
सारांश
Key Takeaways
- 'मामला लीगल है' का दूसरा सीजन जल्द आ रहा है।
- रवि किशन का किरदार पहले से अधिक मजेदार होगा।
- शो में भावनाएं और रिश्तों की गहराई बढ़ाई जाएगी।
- दर्शकों को अपनी जिंदगी की झलक मिलेगी।
- समीर सक्सेना ने शो की मनोरंजकता पर जोर दिया।
मुंबई, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इन दिनों डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कोर्ट रूम ड्रामा और कॉमेडी से जुड़े शोज को दर्शकों से अपार प्रेम मिल रहा है। ऐसा ही एक शो 'मामला लीगल है' ने अपने पहले सीजन से ही लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया था। अब इसी शो का दूसरा सीजन दर्शकों के सामने आने वाला है, जिसे लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। इस बीच, नए सीजन का ट्रेलर भी जारी किया गया। अपने किरदार को लेकर अभिनेता रवि किशन ने खुशी व्यक्त की है।
ट्रेलर में रवि किशन का किरदार वी.डी. त्यागी पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ नजर आया। वह अब जज की कुर्सी के बेहद करीब दिख रहे हैं। इस झलक ने दर्शकों की उत्सुकता को और भी बढ़ा दिया है कि आगे कहानी किस दिशा में जाएगी।
रवि किशन ने शो के बारे में चर्चा करते हुए कहा, "इस किरदार में वापसी करना मेरे लिए घर लौटने जैसा अनुभव है। यह कोर्ट रूम भले ही थोड़ा पागलपन भरा हो, लेकिन उतना ही प्यारा भी है। पहले सीजन को दर्शकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली थी और किसी भी कलाकार के लिए इससे बड़ी खुशी नहीं होती कि उसका निभाया हुआ किरदार लोगों के दिलों में बस जाए। वी.डी. त्यागी का किरदार मेरे लिए ऐसा बन चुका है, जिसे लोग याद रखते हैं और पसंद करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "दूसरे सीजन में दर्शकों को पहले से अधिक मजेदार और गहरी कहानी देखने को मिलेगी। शो में हास्य पहले से अधिक होगा और किरदारों के बीच रिश्ते भी और मजबूत और दिलचस्प नजर आएंगे। कहानी में भावनाएं, ईमानदारी और अपनापन भी अधिक देखने को मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस नए सीजन में अपनी रोजमर्रा की जिंदगी की छोटी-छोटी लड़ाइयों और जीतों को भी देखेंगे, जिससे वे कहानी से जुड़ाव महसूस करेंगे।"
इस शो के शो-रनर और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर समीर सक्सेना ने भी दूसरे सीज़न को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा, "यह शो इस बात को साबित करता है कि कोर्टरूम में होने वाली कार्यवाही ही नहीं, बल्कि उसके आसपास होने वाली हलचल भी उतनी ही मनोरंजक हो सकती है। इस सीरीज़ ने मुझे सिखाया है कि ज़िंदगी की रोज़मर्रा की अजीब परिस्थितियों पर भी हंसना चाहिए, क्योंकि वही चीज़ें हमें ज़िंदगी से जोड़े रखती हैं।"