मध्य प्रदेश कैबिनेट ने ₹1.46 लाख करोड़ मंजूर: नर्मदा मिशन, औद्योगिक कॉरिडोर और महिला योजनाओं को हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार ने 18 अगस्त 2026 को भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए ₹1,46,000 करोड़ की राशि को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में लिए गए इन फैसलों में औद्योगिक विकास, अधोसंरचना, महिला सशक्तिकरण और नर्मदा नदी संरक्षण जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
मुख्य घटनाक्रम
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि औद्योगिक विकास के लिए 11 स्थानों का चयन किया गया है, जिनमें 9,000 एकड़ भूमि शामिल है और कुल लागत ₹9,000 करोड़ से अधिक है। इन परियोजनाओं में एक्सप्रेसवे-आधारित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर विशेष ध्यान दिया गया है।
इसके साथ ही कामकाजी महिलाओं की कार्यक्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार की विशेष योजना के अंतर्गत चार महिला हॉस्टल बनाए जाएंगे।
योजनावार बजट आवंटन
मंजूर की गई ₹1,46,000 करोड़ की राशि का विभाजन इस प्रकार है:
लाड़ली बहना योजना के संचालन के लिए ₹1,14,365 करोड़, लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए ₹16,326 करोड़, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए ₹2,137 करोड़, स्वास्थ्य योजनाओं के लिए ₹11,835 करोड़, कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार के लिए ₹870 करोड़ तथा वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण के लिए ₹492 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
अविरल मां नर्मदा मिशन
कैबिनेट ने 'अविरल मां नर्मदा मिशन' के गठन को मंजूरी दी। मंत्री राकेश सिंह के अनुसार, नर्मदा नदी को राज्य की जीवन रेखा माना जाता है और राज्य की 35 प्रतिशत से अधिक आबादी इस नदी पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निर्भर है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य नदी के पानी का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करना है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नदियों के घटते जलस्तर और प्रदूषण को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि नर्मदा मध्य प्रदेश की सबसे लंबी नदी है और राज्य की कृषि एवं पेयजल आपूर्ति की रीढ़ है।
अधोसंरचना और विज्ञान-प्रौद्योगिकी
अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों को मंजूरी दी गई है और 7 मौजूदा पदों को जारी रखने का निर्णय लिया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अगले पाँच वर्षों के लिए ₹492 करोड़ से अधिक की योजनाओं का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि विभाग का वर्तमान बजट ₹734 करोड़ है।
आगे क्या
इन फैसलों के क्रियान्वयन की समयसीमा और विस्तृत दिशानिर्देश संबंधित विभागों द्वारा जारी किए जाने की उम्मीद है। औद्योगिक कॉरिडोर परियोजनाओं पर काम शुरू होने से राज्य में निवेश और रोज़गार के नए अवसर खुलने की संभावना है।